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49 मौरंग खदान से निकासी बंद
Updated Tue, 03 Nov 2015 11:48 PM IST
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जिले में मौरंग खनन के 49 पट्टों पर उच्च न्यायालय की रोक के बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने खदानों से मौरंग की निकासी पर रोक लगा दी। मंगलवार को जिगनी और चिकासी के पास संचालित खनन पट्टों पर सन्नाटा दिखा। हालांकि 13 खनन पट्टों से मौरंग भरे ओवर लोड ट्रक गुजरते देखे गए।
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जिले में मौरंग माफिया सक्रिय हैं। असरदार लोग अपनी मनमर्जी कर मौरंग का व्यवसाय करने से नहीं चूकते है। वर्ष 2012 में मौरंग खनन के 49 पट्टे असरदार लोगों ने पा लिए। पिछले दिनों इस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया।
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अमर उजाला ने हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई रोक की खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने सभी पट्टा धारकों को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही छापेमारी तेज कर दी। बीते पांच दिनों में ताबड़तोड़ छापेमारी चली। इस पर ज्यादातर खदानें बंद हो गई हैं।
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मंगलवार को जिगनी और चिकासी में संचालित खदानों पर देखा गया तो सन्नाटा पसरा मिला। खदान पर बने बैरियर में एक तखत पड़ा था लेकिन दूर-दूर तक नदी में कोई नहीं दिखा। मालूम हो कि जिले में अवैध रूप से मौरंग खनन करने से नदियों का स्वरूप बदल गया है। मौरंग निकल जाने से खदानें समाप्त हो चुकी है।
बल्कि नदियों की जलधारा से मौरंग निकालकर धंधा किया जा रहा है। जिले में मौरंग का खनन बेतवा, केन व धसान नदियों में हो रहा है।