{"_id":"61e99eff8e9a903be1646728","slug":"municipality-chairman-eight-including-two-eos-got-bail-from-the-high-court-hamirpur-news-knp6764076122","type":"story","status":"publish","title_hn":"पालिका चेयरमैन, दो ईओ समेत आठ को हाईकोर्ट से जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पालिका चेयरमैन, दो ईओ समेत आठ को हाईकोर्ट से जमानत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौदहा (हमीरपुर)। नगर पालिका परिषद के चेयरमैन, दो अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता, सहायक अभियंता व तीन ठेकेदारों को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। इन सभी पर करीब 58 लाख रुपये के गबन का मामला नौ माह पहले दर्ज हुआ था। चेयरमैन भूमिगत रहते हुए अपने को बेगुनाह साबित करने में लगे थे। वहीं कुछ सभासद अनशन व प्रदर्शन कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाकर सभासदों ने चेयरमैन रामकिशोर, दो अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता, सहायक अभियंता व ठेकेदारों के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की थी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संजय मीणा ने टीम के साथ जांच की। जिसमें करीब 58 लाख का घोटाला सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया गया।
मामला दर्ज होते ही चेयरमैन भूमिगत हो गए। वहीं मामला दर्ज कराने वाले सभासदों ने चेयरमैन के खिलाफ धरना, प्रदर्शन कर गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। इधर, हाईकोर्ट ने 17 जनवरी को चेयरमैन समेत सभी आरोपियों को इस मामले में जमानत दे दी। हालांकि देश से बाहर जाने पर रोक लगाई है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी कोतवाली भेजी गई है। फिलहाल यह कहा जा रहा है कि पिछले करीब नौ महीने से भूमिगत चेयरमैन अब जल्द लोगों के सामने आ सकते हैं। चेयरमैन को जमानत मिलने से उनके समर्थकों में उत्साह है।
वहीं उनकी गिरफ्तारी की मांग कराने में जोर लगाए सभासद छोटेलाल प्रजापति का कहना है कि अभी बड़ी लड़ाई बाकी है। अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार समाप्त कराने के बाद ही दम लेंगे।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाकर सभासदों ने चेयरमैन रामकिशोर, दो अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता, सहायक अभियंता व ठेकेदारों के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की थी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संजय मीणा ने टीम के साथ जांच की। जिसमें करीब 58 लाख का घोटाला सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया गया।
विज्ञापन
मामला दर्ज होते ही चेयरमैन भूमिगत हो गए। वहीं मामला दर्ज कराने वाले सभासदों ने चेयरमैन के खिलाफ धरना, प्रदर्शन कर गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। इधर, हाईकोर्ट ने 17 जनवरी को चेयरमैन समेत सभी आरोपियों को इस मामले में जमानत दे दी। हालांकि देश से बाहर जाने पर रोक लगाई है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी कोतवाली भेजी गई है। फिलहाल यह कहा जा रहा है कि पिछले करीब नौ महीने से भूमिगत चेयरमैन अब जल्द लोगों के सामने आ सकते हैं। चेयरमैन को जमानत मिलने से उनके समर्थकों में उत्साह है।
वहीं उनकी गिरफ्तारी की मांग कराने में जोर लगाए सभासद छोटेलाल प्रजापति का कहना है कि अभी बड़ी लड़ाई बाकी है। अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार समाप्त कराने के बाद ही दम लेंगे।