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आकांक्षा का विज्ञान मॉडल चयन के लिए राज्य स्तर पर भेजा
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हमीरपुर। जिला स्तरीय कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के मेधावी बच्चों ने मॉडल प्रस्तुत किए। इसमें छात्रा आकांक्षा के बारिश के पानी को संरक्षित करने का मॉडल और अजय व मयंक का अवैध खनन से जीव जंतुओं के विलुप्त होने का मॉडल प्रदेश स्तर पर चयन के लिए भेजा गया।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शनिवार को जिला पुस्तकालय में जिला स्तरीय विज्ञान कार्यशाला हुई। जिसमें पूर्व माध्यमिक कंपोजिट सिड़रा, सरस्वती बाल मंदिर राठ व सरस्वती मंदिर के बच्चों ने प्रतिभाग किया। इसमें सिड़रा
की छात्रा आकांक्षा का जल संचयन मॉडल आकर्षण का केंद्र रहा। यह मॉडल शिक्षक जय प्रकाश प्रजापति के मार्ग दर्शन में आकांक्षा ने तैयार किया गया है। यह मॉडल बारिश के पानी की उपयोगिता और संग्रहण की आवश्यकता
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को दर्शाता है। आकांक्षा ने बताया कि जनपद में हर वर्ष औसतन 125 मिमी बारिश होती है। इस मॉडल के उपयोग से 60 से 65 फीसदी बारिश का पानी भूगर्भ में संरक्षित कर सकते हैं। सरस्वती बाल मंदिर के छात्र अजय व मयंक ने अपने मॉडल से मशीनों से किया जा रहे अवैध खनन से पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाया।
बताया कि अवैध खनन से बिलों में रहने वाले जीव जंतु विलुप्त हो रहे हैं। इससे खाद्य श्रंखला टूट रही है। निर्णायकों ने दोनों मॉडल प्रदेश स्तर पर चयन के लिए भेजे हैं। निर्णायक अमित कुमार, मंगला प्रसाद रहे। यह जानकारी अखिलेश शुक्ला ने दी। बाबू राम, अरुण भदौरिया आदि रहे।
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राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शनिवार को जिला पुस्तकालय में जिला स्तरीय विज्ञान कार्यशाला हुई। जिसमें पूर्व माध्यमिक कंपोजिट सिड़रा, सरस्वती बाल मंदिर राठ व सरस्वती मंदिर के बच्चों ने प्रतिभाग किया। इसमें सिड़रा
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की छात्रा आकांक्षा का जल संचयन मॉडल आकर्षण का केंद्र रहा। यह मॉडल शिक्षक जय प्रकाश प्रजापति के मार्ग दर्शन में आकांक्षा ने तैयार किया गया है। यह मॉडल बारिश के पानी की उपयोगिता और संग्रहण की आवश्यकता
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को दर्शाता है। आकांक्षा ने बताया कि जनपद में हर वर्ष औसतन 125 मिमी बारिश होती है। इस मॉडल के उपयोग से 60 से 65 फीसदी बारिश का पानी भूगर्भ में संरक्षित कर सकते हैं। सरस्वती बाल मंदिर के छात्र अजय व मयंक ने अपने मॉडल से मशीनों से किया जा रहे अवैध खनन से पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाया।
बताया कि अवैध खनन से बिलों में रहने वाले जीव जंतु विलुप्त हो रहे हैं। इससे खाद्य श्रंखला टूट रही है। निर्णायकों ने दोनों मॉडल प्रदेश स्तर पर चयन के लिए भेजे हैं। निर्णायक अमित कुमार, मंगला प्रसाद रहे। यह जानकारी अखिलेश शुक्ला ने दी। बाबू राम, अरुण भदौरिया आदि रहे।