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Hamirpur News: बारिश में स्कूल बना तालाब, ठप हुई पढ़ाई
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फोटो 31 एचएएमपी 10- स्कूल के परिसर में भरा पानी। संवाद
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लोगो = पहड़ताल का =
फोटो 31 एचएएमपी 09- न्यूरिया गांव के कन्या प्राथमिक पाठशाला के मुख्य गेट पर भरा पानी। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 10- स्कूल के परिसर में भरा पानी। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 11- जानकारी देते प्रभारी प्रधानाध्यापक व क्लास में रखा रसोई का सामान। संवाद
- नाले का पानी कर रहा मुसीबत खड़ी, नहीं हो रहा समाधान
- चार छात्राएं पहुंची पढ़ने तो प्रधानाध्यापक ने हालात देख लौटाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गहरौली (हमीरपुर)। न्यूरिया गांव का कन्या प्राथमिक विद्यालय जल भराव की समस्या से जूझ रहा है। बीते दिनों से परिसर में भरा पानी प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है। रसोई और भंडारण कक्ष पानी से घिरे होने के कारण बंद हैं। वहीं शौचालय तक पहुंचने का रास्ता भी पानी में डूबा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा और भोजन व्यवस्था सब चौपट है। सोमवार को तो 66 में सिर्फ चार छात्राएं पहुंचीं, जिन्हें सुरक्षा के लिहाज से वापस घर भेज दिया गया।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे संवाद न्यूज एजेंसी की टीम विद्यालय पहुंची। यहां पर हालात की पड़ताल की गई। मौके पर प्रधानाध्यापक नील रतन यादव और सहायक अध्यापिका रंजना मिलीं। विद्यालय में एक भी छात्रा मौजूद नहीं थीं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि सहायक अध्यापक भुवन श्रीवास्तव बीआरसी में प्रशिक्षण के लिए गए हैं। विद्यालय में कुल 66 छात्राएं पंजीकृत हैं, इनमें 40 से 45 छात्राओं की प्रतिदिन उपस्थिति है। सोमवार को बारिश के कारण चार छात्राएं आई थीं, लेकिन खराब मौसम और स्कूल में जलभराव को देखते हुए उन्हें घर भेज दिया गया।
स्कूल परिसर का नजारा किसी तालाब से कम नहीं था। मुख्य द्वार से लेकर पूरे परिसर में पानी भरा होने की वजह से समस्या विकराल हो गई है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय के सामने बने नाले से समस्या और गंभीर हो जाती है। बारिश के दौरान पानी बाहर निकलने के बजाय उल्टा विद्यालय परिसर में घुस जाता है। यह कन्या प्राथमिक विद्यालय पहले ही आवश्यक कक्ष की समस्या से जूझ रहा है, किसी तरह पठन पाठन कराया भी जा रहा है, तो अब बारिश ने छत्राओं की पढ़ाई पर ब्रेक लगा दिया है।
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पंपिंग सेट लगाया, हालात जस के तस
अमर उजाला के 25 अगस्त के अंक में विद्यालय की अन्य समस्याओं के साथ जलभराव की समस्या पर केंद्रित करते हुई खबर प्रकाशित हुई थी। इसका संज्ञान लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कन्हैया दीक्षित ने पंपिंग सेट लगवाकर पानी निकलवाने की व्यवस्था कराई। पानी निकाल दिया गया, कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने हालात फिर बिगाड़ दिए। अस्थायी इंतजाम पानी के आगे बेअसर साबित हो रहा है।
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रसोई बंद, कक्षा में रखा राशन-बर्तन
जलभराव के कारण विद्यालय की रसोई और भंडारण कक्ष का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में मिड-डे मील का राशन और बर्तन कक्षा कक्ष में रखे गए हैं। परिसर में पानी भरा होने से छात्राओं के खेल उपकरण भी करीब दस दिन से उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं। शौचालय जाने वाले रास्ते पर भी पानी जमा है, जिससे बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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तीन दशक से बनी हुई समस्या, समाधान का इंतजार
न्यूरिया कन्या प्राथमिक विद्यालय में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। गांव के किसान नेता जयनारायण तिवारी, पूर्व प्रधान बिंदा प्रसाद के मुताबिक बारिश के मौसम में पिछले कई वर्षों से विद्यालय और बगल में स्थित पंचायत भवन में पानी भरता आ रहा है। विद्यालय के सामने जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। कच्चा नाला होने के कारण गांव का पानी विद्यालय की ओर चला आता है। बारिश के दिनों में बच्चियों की पढ़ाई घर पर ही होती है।
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वर्जन
सड़क पीडब्ल्यूडी की होने के कारण नाला निर्माण भी पीडब्ल्यूडी विभाग को कराना है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण से ही समस्या का स्थायी समाधान संभव है। फिलहाल पंपिंग सेट से पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। - कन्हैया दीक्षित, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि
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फोटो 31 एचएएमपी 09- न्यूरिया गांव के कन्या प्राथमिक पाठशाला के मुख्य गेट पर भरा पानी। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 10- स्कूल के परिसर में भरा पानी। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 11- जानकारी देते प्रभारी प्रधानाध्यापक व क्लास में रखा रसोई का सामान। संवाद
- नाले का पानी कर रहा मुसीबत खड़ी, नहीं हो रहा समाधान
- चार छात्राएं पहुंची पढ़ने तो प्रधानाध्यापक ने हालात देख लौटाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गहरौली (हमीरपुर)। न्यूरिया गांव का कन्या प्राथमिक विद्यालय जल भराव की समस्या से जूझ रहा है। बीते दिनों से परिसर में भरा पानी प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है। रसोई और भंडारण कक्ष पानी से घिरे होने के कारण बंद हैं। वहीं शौचालय तक पहुंचने का रास्ता भी पानी में डूबा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा और भोजन व्यवस्था सब चौपट है। सोमवार को तो 66 में सिर्फ चार छात्राएं पहुंचीं, जिन्हें सुरक्षा के लिहाज से वापस घर भेज दिया गया।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे संवाद न्यूज एजेंसी की टीम विद्यालय पहुंची। यहां पर हालात की पड़ताल की गई। मौके पर प्रधानाध्यापक नील रतन यादव और सहायक अध्यापिका रंजना मिलीं। विद्यालय में एक भी छात्रा मौजूद नहीं थीं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि सहायक अध्यापक भुवन श्रीवास्तव बीआरसी में प्रशिक्षण के लिए गए हैं। विद्यालय में कुल 66 छात्राएं पंजीकृत हैं, इनमें 40 से 45 छात्राओं की प्रतिदिन उपस्थिति है। सोमवार को बारिश के कारण चार छात्राएं आई थीं, लेकिन खराब मौसम और स्कूल में जलभराव को देखते हुए उन्हें घर भेज दिया गया।
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स्कूल परिसर का नजारा किसी तालाब से कम नहीं था। मुख्य द्वार से लेकर पूरे परिसर में पानी भरा होने की वजह से समस्या विकराल हो गई है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय के सामने बने नाले से समस्या और गंभीर हो जाती है। बारिश के दौरान पानी बाहर निकलने के बजाय उल्टा विद्यालय परिसर में घुस जाता है। यह कन्या प्राथमिक विद्यालय पहले ही आवश्यक कक्ष की समस्या से जूझ रहा है, किसी तरह पठन पाठन कराया भी जा रहा है, तो अब बारिश ने छत्राओं की पढ़ाई पर ब्रेक लगा दिया है।
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पंपिंग सेट लगाया, हालात जस के तस
अमर उजाला के 25 अगस्त के अंक में विद्यालय की अन्य समस्याओं के साथ जलभराव की समस्या पर केंद्रित करते हुई खबर प्रकाशित हुई थी। इसका संज्ञान लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कन्हैया दीक्षित ने पंपिंग सेट लगवाकर पानी निकलवाने की व्यवस्था कराई। पानी निकाल दिया गया, कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने हालात फिर बिगाड़ दिए। अस्थायी इंतजाम पानी के आगे बेअसर साबित हो रहा है।
रसोई बंद, कक्षा में रखा राशन-बर्तन
जलभराव के कारण विद्यालय की रसोई और भंडारण कक्ष का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में मिड-डे मील का राशन और बर्तन कक्षा कक्ष में रखे गए हैं। परिसर में पानी भरा होने से छात्राओं के खेल उपकरण भी करीब दस दिन से उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं। शौचालय जाने वाले रास्ते पर भी पानी जमा है, जिससे बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
तीन दशक से बनी हुई समस्या, समाधान का इंतजार
न्यूरिया कन्या प्राथमिक विद्यालय में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। गांव के किसान नेता जयनारायण तिवारी, पूर्व प्रधान बिंदा प्रसाद के मुताबिक बारिश के मौसम में पिछले कई वर्षों से विद्यालय और बगल में स्थित पंचायत भवन में पानी भरता आ रहा है। विद्यालय के सामने जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। कच्चा नाला होने के कारण गांव का पानी विद्यालय की ओर चला आता है। बारिश के दिनों में बच्चियों की पढ़ाई घर पर ही होती है।
वर्जन
सड़क पीडब्ल्यूडी की होने के कारण नाला निर्माण भी पीडब्ल्यूडी विभाग को कराना है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण से ही समस्या का स्थायी समाधान संभव है। फिलहाल पंपिंग सेट से पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। - कन्हैया दीक्षित, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि

फोटो 31 एचएएमपी 10- स्कूल के परिसर में भरा पानी। संवाद

फोटो 31 एचएएमपी 10- स्कूल के परिसर में भरा पानी। संवाद