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भुगतान न मिलने पर मनरेगा श्रमिकों ने की नारेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:03 AM IST
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छिमौली गांव में भुगतान न मिलने से नाराज मनरेगा श्रमिकों ने नारेबाजी कर तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि तकरीबन दो लाख के आसपास का फर्जी भुगतान किया जा रहा है। वहीं वहां मौजूद बीडीओ श्यामसुंदर विश्वकर्मा ने इसे गलत बताया।
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छिमौली गांव के मजदूर रामगुलाम, रामप्रकाश, विनय, राममनोहर, मुकेश कुमार, रामप्यारी, कल्ली, फुलिया, सुनीतारानी, सुमित्रा, सुर्ती, प्रेमा आदि ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देते हुए कहा है कि उन लोगों ने रेलवे पुलिया से सिद्ध बाबा तक और सजाद नाला से रेलवे पुल के नाला तक कई कार्यों में मजदूरी की।
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बताया कि कार्य सूची मेें ऐसे कई नाम हैं, जिन्होंने मनरेगा में काम ही नहीं किया और भुगतान हो गया। उन्हाेंने इस मामले की जांच कराने के साथ ही कार्रवाई की मांग की है।
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इस पर उपजिलाधिकारी किशोर गुप्ता ने तहसील दिवस में मौजूद बीडीओ श्यामसुंदर विश्वकर्मा से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि ये मामला उनके संज्ञान में है और अभी किसी का भी भुगतान नहीं हुआ। जांच कराई जा रही हैं।
ग्राम प्रधान प्रकाश निषाद ने बताया कि मजदूर लगाने, मास्टर रोल तैयार करने का कार्य ग्राम रोजगार सेवक का होता है और वहीं मजदूरों की सूची तैयार करता है। रोजगार सेवक ने कई बार कहने के बावजूद इस सूची में हस्ताक्षर ही नहीं किए और खुद की बनाई सूची प्रदर्शित कर रहा है। इसका जांच उपरांत ही भुगतान कराया जाएगा।