{"_id":"580a5c324f1c1b722b704234","slug":"many-accountants-fnsenge-investigation-an-arrest","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में फंसेंगे कई लेखपाल, एक हिरासत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में फंसेंगे कई लेखपाल, एक हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Fri, 21 Oct 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक।
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दैवी आपदा राहत राशि में हुए 52 लाख रुपये के घोटाले में कई लेखपालों का फंसना तय है। पुलिस ने लेखपाल के एक निजी सहयोगी को हिरासत में ले लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद तमाम लेखपाल अंडरग्राउंड हो गए हैं। तहसील में अफरा- तफरी का माहौल है। उधर भाकियू ने सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन
मालूम हो कि 2015-16 में दैवी आपदा राहत के नाम पर जिला प्रशासन ने दो अरब 62 करोड़ 40 लाख रुपये की डिमांड भेजी, जिसमें एक अरब 84 करोड़ रुपया जारी हुआ। इसमें सदर तहसील क्षेत्र को 51.27 करोड़, मौदहा तहसील क्षेत्र को 51.40 करोड़, राठ तहसील क्षेत्र को 39.75 करोड़ व सरीला तहसील क्षेत्र को 42.27 करोड़ रुपये दिए गए थे। राजस्व विभाग ने 1.88 लाख किसानों को मुआवजा देने दावा किया। इस दौरान आरटीआई के तहत खुलासा हुआ कि 313 चेकों के माध्यम से 52 लाख रुपये लेखपालों ने बिचौलियों और खुद की जेब में भर लिया।
विज्ञापन
इस खुलासे के बाद एसडीएम सरीला ने चार लेखपालों को सस्पेंड कर दिया। इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को पुलिस ने एक लेखपाल के निजी सहयोगी को हिरासत में ले लिया है। इससे ज्यादातर लेखपाल अंडरग्राउंड हो गए हैं। शुक्रवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में भी वे नहीं आए। लेखपालों की अनुपस्थिति में उनके निजी सहयोगी के रूप में काम करने वाले गुर्गे भी तहसील परिसर में नहीं दिखे।
विज्ञापन
घोटाले की विवेचना कर रहे सरीला चौकी प्रभारी आरडी यादव ने बताया कि एक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके बताए अनुसार कई लेखपाल जांच के दायरे में आएंगे। तहसीलदार मनोज कुमार का कहना है कि जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, भाकियू के जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत की अध्यक्षता में हुई किसान पंचायत में मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई।