भारी पड़ रही लेखपालों की हड़ताल
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हमीरपुर। लेखपालों की हड़ताल किसानों और छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रही है। लोकवाणी केंद्रों से तहसील में आने वाले प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। खसरा खतौनी को लेकर किसान चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन हड़ताल के चलते कोई काम नहीं हो रहा है। प्रशासन ने अभी तक प्रमाणपत्र रिलीज करने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है। जिले में लेखपाल अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर 23 अगस्त से हड़ताल पर हैं। आय, निवास व जाति प्रमाणपत्रों को लेकर लोग हलाकान हैं। जिले में निवास प्रमाणपत्र के 5409, जाति प्रमाणपत्र के 4633, आय प्रमाणपत्र के 6520, खतौनी के 29 प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन पड़े हैं। इसके अलावा अकेले सदर तहसील की भूमि संबंधी 110 शिकायतों का निस्तारण लंबित हैं। साथ ही बीते माह आई बाढ़ के बाद लोगों का सर्वे कार्य अटका पड़ा है। वहीं हदबंदी, दाखिल खारिज, वरासत के मामले जैसे कार्य अटके पड़े हैं।
तहसीलवार निस्तारण को पड़े आवेदनों पर एक नजर
तहसील आय निवास जाति
हमीरपुर 1928 1668 1582
मौदहा 2053 1354 1148
राठ 1354 1463 1003
सरीला 1185 924 900
कई चक्कर लगाने के बाद भी नहीं मिला लाभ
फोटो 08 एचएएमपी 3 रमेश
सुमेरपुर ब्लाक के बिदोखरपुरई निवासी रमेश यादव ने बताया कि 12 दिन पूर्व उसने आय प्रमाण पत्र के लिए लोकवाणी केंद्र पर आवेदन किया। कहा कि उसका पुत्र हिमांशु कक्षा नौ में पढ़ रहा है। बताया कि इसी के साथ चचेरे भाई मोहित के लिए भी आवेदन किया है। छात्रवृत्ति के आवेदन में आय का प्रमाणपत्र लगाया जाना है। लेखपालों की हड़ताल से भटकना पड़ रहा है।
प्रदेश संगठन के आदेश पर चल रही हड़ताल
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष देवीप्रसाद वर्मा व जिला सचिव शिवमूरत शुक्ला का कहना है कि हड़ताल अनिश्चितकालीन है। प्रदेश संगठन के आदेश पर हड़ताल में हैं। कहा कि सुना है कि शासन ने उनकी मांगें मान ली हैं। जब तक आदेश जारी नहीं होता है उनका संगठन हड़ताल पर रहेगा। हालांकि अभी 23 सितंबर तक हड़ताल बढ़ा दी गई है।
छोटे छोटे कार्य तो अमीनों के जरिए कराए जा सकते हैं। लेकिन आय, जाति व पैमाइशी कार्य सिर्फ लेखपाल ही कर सकते हैं। अपने स्तर से कई बार लेखपालों से कह रहे हैं। लेकिन प्रदेश स्तरीय संगठन से बड़े अधिकारियों की बात चल रही है। जो भी कार्य प्रभावित हो रहा है उसकी अंतिम तिथि को बढ़ा जाएगा।
- आरबी तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर