भाई की हत्या और भतीजी की मौत ने तोड़ दिया
हमीरपुर। कुरारा पुलिस की लापरवाही से गई बच्ची की जान के मामले में पीड़ित चाचा ने कुरारा पुलिस से बेहद आहत है। कहा कि वह पहले ही भाई की हत्या होने से परेशान था। इधर कुरारा पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया तो वह आत्महत्या कर लेगा। साथ ही कहा कि दो दिन के भीतर कुरारा के दारोगा व पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया तो वह जालौन जाकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। पड़ोसी जनपद जालौन के कदौरा थानाक्षेत्र के व्यासपुरा मोहल्ला निवासी शैलेंद्र सिंह उर्फ सन्नी सिंह के भाई बालेंद्र सिंह की बीते नौ जुलाई को अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। इस घटना जालौन पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। किसी सिलसिले में कुरारा पुलिस गुरुवार की शाम शैलेंद्र को पकड़कर थाने ले आई। जबकि शैलेंद्र ने पुलिस को बताया था कि उसकी 10 माह की भतीजी साक्षी हृदयरोग से पीड़ित है।
वह उसका इलाज कराने अपने भाई मोनू के साथ छत्तीसगढ़ जा रहा है। मगर पुलिस के दबाव के आगे उसकी एक न चली। पुलिस के साथ उसे कुरारा थाने आना पड़ा। काफी देर तक जब शैलेंद्र घर नहीं लौटा तो उसका भाई मोनू पता करने कुरारा थाने पहुंचा। जहां पुलिस ने उसे भी थाने में बैठा लिया। दोनों लोगों ने पुलिस से मिन्नतें कर छोड़ने को कहा। मगर पुलिस ने दोनों लोगों को रात भर थाने में बिठाए रखा और बीमार साक्षी ने इलाज अभाव में दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत होने की खबर पुलिस को होने पर पुलिस ने दोनाें युवकों छोड़ा। इसके बाद शुक्रवार की सुबह शैलेंद्र साक्षी का शव का लेकर मुख्यालय आया जहां उसने एसपी से मिलकर कुरारा पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। एसपी के आश्वासन के बाद पीड़ित यहां साक्षी का यमुना नदी में शव प्रवाह करने के बाद घर गए थे। शैलेंद्र ने बताया कि कुरारा थाने के लहरा गांव निवासी अनूप नाम का लड़का गायब है उसके बारे में पुलिस उसे पूछतांछ के लिए कुरारा लाई। कहा कि यह बात तो पांच मिनट में की जा सकती थी मगर पुलिस ने उसे जबरन थाने में रोके रखा और उसकी बीमार बच्ची की जान चली गई।
बेवजह किया परेशान
पीड़ित शैलेंद्र ने बताया कि वह पहले से ही परेशान है। एक ओर जहां उसके भाई की हत्या हो गई और आरोपियों का भी पुलिस पता नहीं लगाई पाई है। उधर कुरारा पुलिस ने उसे बेवजह घर से उठा लाई जिससे उसकी बीमार बच्ची की जान चली गई। कहा कि वह अब ज्यादा ही प्रताड़ित हो रहा है। कहीं वह खुद आत्महत्या न कर ले। बताया कि दो दिन के भीतर कुरारा पुलिस के खिलाफ कार्रवाई पुलिस द्वारा नहीं की गई तो वह जालौन जाकर अदालत की शरण लेगा।
दो घटनाओं से मां ने सुधबुध खोई
शैलेंद्र ने बताया कि दो घटनाओं के बाद से उसकी मां मीना देवी बेसुध होकर बीमार हो गई हैं। चिकित्सक द्वारा उनका घर में इलाज कराया जा रहा है। घर में मां के ग्लूकोज की बोतलें चढ़ रही हैं। बताया कि मां का रो रोकर बुरा हाल है। इसके साथ ही घर के सभी लोग परेशान है।