{"_id":"62b5fdccbd1d2a4eee6da2c0","slug":"if-the-doctor-tried-his-life-would-have-been-saved-hamirpur-news-knp704120324","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुलदीप का शव पहुंचते ही मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुलदीप का शव पहुंचते ही मचा कोहराम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरुआसुमेरपुर। कुलदीप की मौत से आहत परिजनों ने जिला अस्पताल के डाक्टरों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतकों में चार लोगों की संख्या इंगोहटा की हो गई है।
बुधवार को हुए भीषण सड़क हादसे में इंगोहटा के कुलदीप की मौत का कारण परिजन अस्पताल की लापरवाही बता रहे हैं। मृतक के बड़े भाई बरदानी ने बताया कि सही उपचार किया जाता तो शायद जान बचाई जान जा सकती थी। डाक्टर इलाज के बजाय कुलदीप को कानपुर ले जाने का दबाव बना रहे रहे। गुरुवार को एक रिश्तेदार ने मदद का भरोसा देकर बांदा बुलाया था। जब वह बांदा लेकर पहुंचे तो कुलदीप ने दम तोड़ दिया। भाई ने बताया कि कुलदीप चालक राजेश के कहने पर उसके साथ में मौदहा गया था। लौटते समय हादसा हो गया मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पत्नी पूनम, पुत्री आशु (01), मां मुन्नी, भाई भूरा एवं वरदानी बेहाल है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम को बांदा से शव गांव लाया गया। शव के गांव आते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
वहीं सीएमओ डॉ. एके रावत का कहना है कि घायलों को बेहतर सुविधाएं देकर उपचारित किया जा रहा है। आरोप बेबुनियाद हैँ।
फोरलेन के लिए करें तीन साल इंतजार
हमीरपुर। नेशनल हाईवे टू लेन होने के कारण वाहनों का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही मौत की वजह बन जाती है। हाईवे पर हो रहे हादसों को देखते हुए उसे चौड़ीक रण की मांग लगातार हो रहीं हैं। बुधवार को सड़क हादसों में नौ लोगों की मौत ने हाईवे के लेन बढ़ाने की मांग और तेज हो गई है।
विज्ञापन
डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एनपी वर्मा ने बताया कि साल 2011 में नेशनल हाईवे का एग्रीमेंट हुआ था। वर्ष 2012-13 में काम शुरू हुआ और वर्ष 2015 में इसका हैंडओवर हुआ था। बताया कि 2025 तक का एग्रीमेंट है। इसके बाद फोरलेन का काम शुरू हो सकेगा। हालांकि फोरलेन का प्रस्ताव भारत सरकार की संस्तुति के लिए भेजा जा चुका है।
मानकों की अनदेखी कर हाईवे पर दौड़ रहे सवारी वाहन
भरुआसुमेरपुर। मानकों की अनदेखी कर हाईवे पर सवारी वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। हादसों के बाद भी रोक लगती नजर नहीं आ रही है।
बिना लाइसेंस नाबालिग सड़कों पर टेंपो, आपे व ऑटो चलाते हुए देखे जा सकते हैं। डग्गामार वाहन सवारियों को अंदर बाहर ठूंसकर फिर सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। जिससे दुर्घटनाएं बढ़ने की संभावना बनी रहती है। थानाध्यक्ष भरत कुमार ने बताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ निरंतर चेकिंग कर कार्रवाई की जाती है।
मृतक आश्रितों को मिले 20 लाख मुआवजा
हमीरपुर। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 34 में बुधवार को हुए हादसे में मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये की मदद की मांग सपा कार्यकर्ताओं की है। इसके साथ ही हाईवे को सिक्सलेन बनाने की मांग की गई है।
बीते बुधवार की शाम हाईवे में मौदहा के मकरांव के पास ऑटो व लोडर की भीषण दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल है। जिनका इलाज जिला अस्पताल सहित अन्य जगह चल रहा है। शुक्रवार को सपा कार्यकर्ताओं ने तीन सूत्री ज्ञापन राज्यपाल को भेजा है। जिसमें मृतकों के आश्रितों को 20 लाख रुपये व घायलों को पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में रामप्रकाश प्रजापति, राजबहादुर पाल, इदरीश खान, राजेश श्रीवास, कमरूद्दीन, जावेद मेजर, गुलाब यादव, नीरज कश्यप, कुलदीप शुक्ला, नंदकिशोर शिवहरे, अश्विनी प्रजापति, हसन खान, नईम खां, कुंदन सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
बुधवार को हुए भीषण सड़क हादसे में इंगोहटा के कुलदीप की मौत का कारण परिजन अस्पताल की लापरवाही बता रहे हैं। मृतक के बड़े भाई बरदानी ने बताया कि सही उपचार किया जाता तो शायद जान बचाई जान जा सकती थी। डाक्टर इलाज के बजाय कुलदीप को कानपुर ले जाने का दबाव बना रहे रहे। गुरुवार को एक रिश्तेदार ने मदद का भरोसा देकर बांदा बुलाया था। जब वह बांदा लेकर पहुंचे तो कुलदीप ने दम तोड़ दिया। भाई ने बताया कि कुलदीप चालक राजेश के कहने पर उसके साथ में मौदहा गया था। लौटते समय हादसा हो गया मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पत्नी पूनम, पुत्री आशु (01), मां मुन्नी, भाई भूरा एवं वरदानी बेहाल है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम को बांदा से शव गांव लाया गया। शव के गांव आते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
विज्ञापन
वहीं सीएमओ डॉ. एके रावत का कहना है कि घायलों को बेहतर सुविधाएं देकर उपचारित किया जा रहा है। आरोप बेबुनियाद हैँ।
फोरलेन के लिए करें तीन साल इंतजार
हमीरपुर। नेशनल हाईवे टू लेन होने के कारण वाहनों का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही मौत की वजह बन जाती है। हाईवे पर हो रहे हादसों को देखते हुए उसे चौड़ीक रण की मांग लगातार हो रहीं हैं। बुधवार को सड़क हादसों में नौ लोगों की मौत ने हाईवे के लेन बढ़ाने की मांग और तेज हो गई है।
विज्ञापन
डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एनपी वर्मा ने बताया कि साल 2011 में नेशनल हाईवे का एग्रीमेंट हुआ था। वर्ष 2012-13 में काम शुरू हुआ और वर्ष 2015 में इसका हैंडओवर हुआ था। बताया कि 2025 तक का एग्रीमेंट है। इसके बाद फोरलेन का काम शुरू हो सकेगा। हालांकि फोरलेन का प्रस्ताव भारत सरकार की संस्तुति के लिए भेजा जा चुका है।
मानकों की अनदेखी कर हाईवे पर दौड़ रहे सवारी वाहन
भरुआसुमेरपुर। मानकों की अनदेखी कर हाईवे पर सवारी वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। हादसों के बाद भी रोक लगती नजर नहीं आ रही है।
बिना लाइसेंस नाबालिग सड़कों पर टेंपो, आपे व ऑटो चलाते हुए देखे जा सकते हैं। डग्गामार वाहन सवारियों को अंदर बाहर ठूंसकर फिर सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। जिससे दुर्घटनाएं बढ़ने की संभावना बनी रहती है। थानाध्यक्ष भरत कुमार ने बताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ निरंतर चेकिंग कर कार्रवाई की जाती है।
मृतक आश्रितों को मिले 20 लाख मुआवजा
हमीरपुर। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 34 में बुधवार को हुए हादसे में मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये की मदद की मांग सपा कार्यकर्ताओं की है। इसके साथ ही हाईवे को सिक्सलेन बनाने की मांग की गई है।
बीते बुधवार की शाम हाईवे में मौदहा के मकरांव के पास ऑटो व लोडर की भीषण दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल है। जिनका इलाज जिला अस्पताल सहित अन्य जगह चल रहा है। शुक्रवार को सपा कार्यकर्ताओं ने तीन सूत्री ज्ञापन राज्यपाल को भेजा है। जिसमें मृतकों के आश्रितों को 20 लाख रुपये व घायलों को पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में रामप्रकाश प्रजापति, राजबहादुर पाल, इदरीश खान, राजेश श्रीवास, कमरूद्दीन, जावेद मेजर, गुलाब यादव, नीरज कश्यप, कुलदीप शुक्ला, नंदकिशोर शिवहरे, अश्विनी प्रजापति, हसन खान, नईम खां, कुंदन सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।