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मुसम्मी का बाग तैयार कर लिखी नई इबारत
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राठ के गोहानी गांव में मुसम्मी का बाग दिखाते किसान राजेंद्र कुमार।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। राठ ब्लाक के गोहानी निवासी प्रगतिशील किसान राजेंद्र कुमार ने मुसम्मी का बाग तैयार जिले के किसानों को भी नई राह दिखाई है। बागवानी में उनके बेहतरीन प्रदर्शन पर बांदा कृषि विश्वविद्यालय और जिलास्तर पर तीन बार सम्मानित भी किया जा चुका है। उनकी प्रेरणा से जिले में 285 हेक्टेयर में 370 किसान मुसम्मी की बागवानी कर रहे हैं।
स्नातक तक पढ़ाई करने वाले गोहानी निवासी राजेंद्र कुमार बताते हैं कि पुस्तैनी कार्य होने के कारण खेती से उनका लगाव रहा है। बताया कि उन्होंने वर्ष 2016-17 में एक एकड़ में केले की खेती की थी। इसमें करीब डेढ़ लाख की आमदनी हुई। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार नया करने की चाह में प्रयोग करते रहे। बताया कि उद्यान विभाग से बागवानी करने वाले किसानों को प्रति माह तीन हजार रुपये अनुदान तीन साल तक दिया जाता है। तीन साल पहले एक हेक्टेयर में मुसम्मी का बाग लगाया था। उसमें इस वर्ष फल आया है। बताया कि इसी जमीन में खरीफ सीजन में मूंगफली और प्याज की खेती कर लेते हैं। बताया कि इस वर्ष करीब 250 क्विंटल प्याज पैदा किया है, जिसमें कृषि वैज्ञानिक डा. प्रशांत का विशेष सहयोग मिला है। संवाद
तीन बार मिला सम्मान
राजेंद्र कहते हैं कि खेती से उसे एक नई पहचान मिली है। पहले उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को कोई जानता नहीं था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। कहा कि बांदा कृषि विश्वविद्यालय ने दो बार सम्मानित किया गया है। वहीं एक बार जिला स्तर पर उन्हें सम्मान मिला है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।
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370 किसान कर रहे बागवानी
उद्यान विभाग के मुताबिक करीब 285 हेक्टेयर में मुसम्मी के बाग हैं। बागवानी करने वाले ऐसे 370 किसान अपनी आमदनी दोगुनी कर रहे हैं। बागवानी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया जा रहा है। राठ ब्लाक क्षेत्र में 80 हेक्टेयर में बागवानी, गोहांड में 70 हेक्टेयर, सरीला में 50, मुस्करा में 35, मौदहा में 25, सुमेरपुर 10 व कुरारा 15 हेक्टेयर में बागवानी की खेती किसान कर रहे हैं।
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स्नातक तक पढ़ाई करने वाले गोहानी निवासी राजेंद्र कुमार बताते हैं कि पुस्तैनी कार्य होने के कारण खेती से उनका लगाव रहा है। बताया कि उन्होंने वर्ष 2016-17 में एक एकड़ में केले की खेती की थी। इसमें करीब डेढ़ लाख की आमदनी हुई। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार नया करने की चाह में प्रयोग करते रहे। बताया कि उद्यान विभाग से बागवानी करने वाले किसानों को प्रति माह तीन हजार रुपये अनुदान तीन साल तक दिया जाता है। तीन साल पहले एक हेक्टेयर में मुसम्मी का बाग लगाया था। उसमें इस वर्ष फल आया है। बताया कि इसी जमीन में खरीफ सीजन में मूंगफली और प्याज की खेती कर लेते हैं। बताया कि इस वर्ष करीब 250 क्विंटल प्याज पैदा किया है, जिसमें कृषि वैज्ञानिक डा. प्रशांत का विशेष सहयोग मिला है। संवाद
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तीन बार मिला सम्मान
राजेंद्र कहते हैं कि खेती से उसे एक नई पहचान मिली है। पहले उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को कोई जानता नहीं था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। कहा कि बांदा कृषि विश्वविद्यालय ने दो बार सम्मानित किया गया है। वहीं एक बार जिला स्तर पर उन्हें सम्मान मिला है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।
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370 किसान कर रहे बागवानी
उद्यान विभाग के मुताबिक करीब 285 हेक्टेयर में मुसम्मी के बाग हैं। बागवानी करने वाले ऐसे 370 किसान अपनी आमदनी दोगुनी कर रहे हैं। बागवानी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया जा रहा है। राठ ब्लाक क्षेत्र में 80 हेक्टेयर में बागवानी, गोहांड में 70 हेक्टेयर, सरीला में 50, मुस्करा में 35, मौदहा में 25, सुमेरपुर 10 व कुरारा 15 हेक्टेयर में बागवानी की खेती किसान कर रहे हैं।