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झुलसती स्वास्थ्य सेवाओं पर लापरवाही के घाव
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जिला अस्पताल के भर्ती वार्ड की गैलरी में भर्ती बर्न मरीज।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जिम्मेदार सरकार की मंशा के अनुसार काम नहीं कर रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल में अव्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ गई। बदलते मौसम के बीच जिला अस्पताल के वार्ड फुल हो गए हैं। सबसे बुरा हाल बर्न यूनिट का है। बर्न यूनिट के सामने मरीजों को वैकल्पित तौर पर भर्ती के लिए एक कक्ष बनाया गया है। इसका एसी खराब है। इसी वार्ड में जनरल मरीजों को भी भर्ती कर दिया गया है। जगह के अभाव में बर्न मरीजों को गैलरी में बेड डालकर भर्ती किया जा रहा है।
डॉक्टरों के सामने झुलसे मरीजों को संक्रमण से बचाने की चुनौती होती है। यदि थोड़ी धूल-मिट्टी भी मरीज के झुलसे हिस्से पर पड़ती है तो उसके जीवन को खतरा बन जाता है। ऐसे में बरामदे में मरीजों को भर्ती करने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में बर्न मरीज खतरे में हैं।
बर्न यूनिट में रोगियों के लिए आइसोलेटेड बेड, विशेष टॉयलेट, किचन, कपड़े धुलने के लिए लांड्री की व्यवस्था होती है। मरीजों के वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित होते हैं। अलग से डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ की सुविधा भी बर्न मरीजों के लिए मुहैया कराई जाती है। बर्न यूनिट को ठीक आईसीयू स्तर के हिसाब से तैयार किया जाता है। मानक के अनुसार जिला अस्पताल में सुविधाएं ही नहीं हैं।
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बड़ागांव के अमित ने बताया कि वह रविवार से अस्पताल में भर्ती है। यहां मरीजों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं है। इसलिए कई मरीज तो शाम होते ही अपने घर चले जाते हैं। खुली गैलरी में भर्ती कर दिया गया है।
बर्न यूनिट की छत से पानी टपक रहा है। इस्टीमेट बनाकर मरम्मत कराई जाएगी। बर्न मरीजों के लिए वैकल्पिक तौर पर एक वार्ड बनाया गया है। एससी सही कराकर मरीजों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
- डॉ. केके गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल
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डॉक्टरों के सामने झुलसे मरीजों को संक्रमण से बचाने की चुनौती होती है। यदि थोड़ी धूल-मिट्टी भी मरीज के झुलसे हिस्से पर पड़ती है तो उसके जीवन को खतरा बन जाता है। ऐसे में बरामदे में मरीजों को भर्ती करने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में बर्न मरीज खतरे में हैं।
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बर्न यूनिट में रोगियों के लिए आइसोलेटेड बेड, विशेष टॉयलेट, किचन, कपड़े धुलने के लिए लांड्री की व्यवस्था होती है। मरीजों के वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित होते हैं। अलग से डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ की सुविधा भी बर्न मरीजों के लिए मुहैया कराई जाती है। बर्न यूनिट को ठीक आईसीयू स्तर के हिसाब से तैयार किया जाता है। मानक के अनुसार जिला अस्पताल में सुविधाएं ही नहीं हैं।
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बड़ागांव के अमित ने बताया कि वह रविवार से अस्पताल में भर्ती है। यहां मरीजों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं है। इसलिए कई मरीज तो शाम होते ही अपने घर चले जाते हैं। खुली गैलरी में भर्ती कर दिया गया है।
बर्न यूनिट की छत से पानी टपक रहा है। इस्टीमेट बनाकर मरम्मत कराई जाएगी। बर्न मरीजों के लिए वैकल्पिक तौर पर एक वार्ड बनाया गया है। एससी सही कराकर मरीजों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
- डॉ. केके गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल