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घर-घर खोजे जाएंगे बुखार से पीड़ित मरीज
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हमीरपुर। जिले में 12 से 25 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार से ग्रसित मरीजों की खोज करेंगी। दो हफ्ते या अधिक समय से खांसी/बुखार वाले मरीजों की टीबी की भी जांच कराई जाएगी। टीबी मरीज खोजने वाली आशा कार्यकर्ता को प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. महेशचंद्रा ने बताया अभियान के तहत बुखार, क्षय रोग से ग्रसित मरीजों के साथ ही कुपोषित बच्चों को सूचीबद्ध किया जाएगा। टीबी के संभावित मरीजों की जांच कराई जाएगी और बीमारी की पुष्टि होने पर निशुल्क उपचार कराया जाएगा। टीबी मरीज खोजने वाली आशा को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। उन्होंने बताया वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने की केंद्र सरकार की योजना है। इसी के तहत इन अभियानों को चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि जांच में सहयोग करें ताकि समय रहते गंभीर बीमारियों का उपचार संभव हो सके।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के समन्वयक राजेंद्र प्रसाद ने बताया अप्रैल 2017 से मार्च 2018 में जिले में 2245 टीबी रोगियों की पुष्टि हुई थी, जिनमें 2008 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। वर्ष 2018-19 में 3108 मरीज मिले थे, जिसमें 2793 मरीज ठीक हो गए। वर्ष 2019-20 में मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई। इस साल में 1823 मरीजों में अब तक 780 ठीक हो चुके हैं, जबकि अन्य का उपचार चल रहा है। 2020-21 में अब तक 1548 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। जिनका उपचार चल रहा है। इन सभी मरीजों को इलाज के दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह पांच सौ रुपये खानपान के लिए दिए जा रहे हैं।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. महेशचंद्रा ने बताया अभियान के तहत बुखार, क्षय रोग से ग्रसित मरीजों के साथ ही कुपोषित बच्चों को सूचीबद्ध किया जाएगा। टीबी के संभावित मरीजों की जांच कराई जाएगी और बीमारी की पुष्टि होने पर निशुल्क उपचार कराया जाएगा। टीबी मरीज खोजने वाली आशा को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। उन्होंने बताया वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने की केंद्र सरकार की योजना है। इसी के तहत इन अभियानों को चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि जांच में सहयोग करें ताकि समय रहते गंभीर बीमारियों का उपचार संभव हो सके।
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राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के समन्वयक राजेंद्र प्रसाद ने बताया अप्रैल 2017 से मार्च 2018 में जिले में 2245 टीबी रोगियों की पुष्टि हुई थी, जिनमें 2008 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। वर्ष 2018-19 में 3108 मरीज मिले थे, जिसमें 2793 मरीज ठीक हो गए। वर्ष 2019-20 में मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई। इस साल में 1823 मरीजों में अब तक 780 ठीक हो चुके हैं, जबकि अन्य का उपचार चल रहा है। 2020-21 में अब तक 1548 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। जिनका उपचार चल रहा है। इन सभी मरीजों को इलाज के दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह पांच सौ रुपये खानपान के लिए दिए जा रहे हैं।
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