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स्कूलों में तिथि भोज कराएं, पुण्य कमाएं
ब्यूरो/ अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Wed, 11 Feb 2015 12:01 AM IST
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तमाम प्रयासों के बाद भी मिड डे मील योजना में अनियमितता नहीं रोकी जा सकी। ऐसे में अब शासन ने तिथि भोज योजना शुरू की है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति पुण्य कमाने के लिए स्कूल में बच्चों को भोज करवा सकेगा। इसके लिए उसे प्रधानाध्यापक से संपर्क कर तिथि निर्धारित करनी होगी।
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स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने और कुपोषण से मुक्ति दिलाने को मिड डे मील योजना संचालित है। लेकिन इसके संचालन में कहीं न कहीं से शिकायतें आती रहती हैं। आबादी से दूर स्थित स्कूलों में अक्सर मिड डे मील का सामान चोरी होने की घटनाएं होती रहती हैं।
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वहीं प्रधानाध्यापक और प्रधानों के बीच तालमेल की कमी के कारण भी बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पाता। बहुत से स्कूलों में तो रसोइयों को समय से मानदेय न मिलने के कारण वो खाना पकाने से मना कर देती हैं। इस समस्या को देखते हुए अब शासन ने नई पहल की है।
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तिथि भोज योजना के तहत कभी भी कोई भी व्यक्ति प्रधानाध्यापक से मिलकर एक तिथि तय करेगा। इस दिन संबंधित स्कूल में खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएगा। इसके बाद रसोइया बच्चों के लिए खाना पकाएगी। उम्मीद है कि पुण्य कमाने के लिए बहुत से लोग इस योजना का हिस्सा बनेंगे।
नराचय के स्कूल को रसोइया की दरकार
मौदहा ब्लाक के नारायच गांव के कन्या प्राथमिक विद्यालय में नई रसोइया रखने के सारे प्रयास फेल हो चुके हैं। इस गांव में ईंट भट्ठे संचालित हैं। गांव की गरीब महिलाएं ईंट भट्ठों पर प्रतिदिन मजदूरी कर 400 से 500 रुपये तक कमा लेती हैं। जबकि स्कूल में खाना पकाने पर 1000 रुपये मिलते हैं, वो भी महीनों इंतजार के बाद।
प्रधान और प्रधानाध्यापक के विवाद में पिस रहे बच्चे
विकासखंड गोहांड के चंदवारी गांव में प्राथमिक स्कूल के बच्चे प्रधान और प्रधानाध्यापक के बीच विवाद में पिस रहे हैं। गत जुलाई से बच्चों को भोजन नहीं मिला है। जहां डीपीआरओ प्रधान को समझाने में फेल रहे, वहीं बेसिक शिक्षा विभाग भी मिड डे मील का संचालन कराने में नाकाम है।
10 दिनों से मिड डे मील बंद
मुस्करा ब्लाक के बांधुरखुर्द में 31 जनवरी के बाद से स्कूली बच्चे भूखे हैं। बीआरसी ने बीएसए को पत्र भेजा है। कहा है कि ग्राम प्रधान ने 31 तक स्कूल में भोजन पकवाया। लेकिन अब प्रधान मिड डे मील पकवाने से मना कर चुका है। प्रधान पर खाद्य सामग्री में घालमेल का भी आरोप लगाया है। दस दिनों से बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं खिलाया जा रहा है।