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वनस्पति घी व रिफाइंड 20 से 25 रुपये लीटर हुआ महंगा
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शहर में एक दुकान पर रखा घी और तेल।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। होली पर्व और अंतर्राष्ट्रीय संकट के बीच बाजार में खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने लगे हैं। वनस्पति घी व रिफाइंड आयल 20 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है। वहीं सरसों तेल का भाव भी पांच रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। जिससे लोगों के रसोई का भार बढ़ा है।
19 फरवरी को जहां रिफाइंड के दाम 140 रुपया थे। वहीं एक मार्च को 160 रुपया में बेचा जा रहा है। जबकि सरसों तेल 170 रुपये से बढ़कर 175 रुपये प्रति लीटर में बेचा जा रहा है दुकानदारों का कहना है कि दो देशों के बीच जंग होने से थोक बाजार में ही माल महंगा मिल रहा है। ऐसे में खुले बाजार में महंगा बेचना मजबूरी है।
छह दिन पहले अचानक से वनस्पति घी व रिफाइंड के दाम कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं। 20 रुपये प्रति लीटर तक तेलों के दाम महंगे हुए हैं। कंपनियों से वनस्पति महंगा मिलने के कारण खुले बाजार में महंगा बेचा जा रहा है।
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वनस्पति महंगा होने का असर बाजार पर पड़ा है। शादी वाले घरों में तो मजबूरी में रिफाइंड तेल खरीदा जा रहा है। लेकिन आम आदमी अपने बजट में कटौती करता दिख रहा है। जिससे बिक्री पर भी असर पड़ा है।
-राहुल गुप्ता, दुकानदार
होली पर्व से पहले ही बाजार में महंगाई दिखने लगी है। घरों में ज्यादातर वनस्पति, रिफाइंड व सरसों तेल का उपयोग किया जाता है। खाद्य पदार्थों के दाम महंगे होने से रसोई के बजट पर बिगड़ रहा है।
-खाद्य पदार्थों में बेतहाशा महंगाई लगातार बढ़ रही है। कभी सब्जी, कभी राशन तो कभी वनस्पति महंगा हो जाता है। महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर ही पड़ रहा है।
-एमआरपी रेट से अगर कोई दुकानदार महंगे दामों में खाद्य पदार्थ बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कहा कि युद्ध से अभी तक बाजारों पर कोई असर नहीं पड़ा है। कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
जगदीश चंद्र मौर्य, जिला बाट माप अधिकारी
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19 फरवरी को जहां रिफाइंड के दाम 140 रुपया थे। वहीं एक मार्च को 160 रुपया में बेचा जा रहा है। जबकि सरसों तेल 170 रुपये से बढ़कर 175 रुपये प्रति लीटर में बेचा जा रहा है दुकानदारों का कहना है कि दो देशों के बीच जंग होने से थोक बाजार में ही माल महंगा मिल रहा है। ऐसे में खुले बाजार में महंगा बेचना मजबूरी है।
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छह दिन पहले अचानक से वनस्पति घी व रिफाइंड के दाम कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं। 20 रुपये प्रति लीटर तक तेलों के दाम महंगे हुए हैं। कंपनियों से वनस्पति महंगा मिलने के कारण खुले बाजार में महंगा बेचा जा रहा है।
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वनस्पति महंगा होने का असर बाजार पर पड़ा है। शादी वाले घरों में तो मजबूरी में रिफाइंड तेल खरीदा जा रहा है। लेकिन आम आदमी अपने बजट में कटौती करता दिख रहा है। जिससे बिक्री पर भी असर पड़ा है।
-राहुल गुप्ता, दुकानदार
होली पर्व से पहले ही बाजार में महंगाई दिखने लगी है। घरों में ज्यादातर वनस्पति, रिफाइंड व सरसों तेल का उपयोग किया जाता है। खाद्य पदार्थों के दाम महंगे होने से रसोई के बजट पर बिगड़ रहा है।
-खाद्य पदार्थों में बेतहाशा महंगाई लगातार बढ़ रही है। कभी सब्जी, कभी राशन तो कभी वनस्पति महंगा हो जाता है। महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर ही पड़ रहा है।
-एमआरपी रेट से अगर कोई दुकानदार महंगे दामों में खाद्य पदार्थ बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कहा कि युद्ध से अभी तक बाजारों पर कोई असर नहीं पड़ा है। कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
जगदीश चंद्र मौर्य, जिला बाट माप अधिकारी