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Hamirpur News: पहले बनेगा 200 बेड का अस्पताल, फिर मेडिकल कॉलेज
Sun, 22 Sep 2024 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sun, 22 Sep 2024 12:09 AM IST
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हमीरपुर। कागजी गड़बड़ी के चलते मेडिकल कॉलेज का मामला लटक गया है। अब शासन ने मेडिकल कॉलेज के स्थान पर पहले 200 बेड का अस्पताल खोले जाने का फैसला लिया है।
इसके चलते मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित की गई भूमि को चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए स्थानांतरित कर दी गई है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज बनेगा। लोनिवि बांदा ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
कुरारा क्षेत्र के रिठौरा डांडा में पीपीपी मॉडल से बनने वाले मेडिकल कॉलेज में फिलहाल विराम लग गया है। जिम्मेदारों का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक उन्हीं जनपदों में मेडिकल कॉलेज खुलने रास्ता साफ हुआ है जहां 200 शैय्या के अस्पताल संचालित हैं। लेकिन जिले में अभी तक यह सुविधा लाेगों को मुहैया नहीं हो सकी है।
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पूर्व में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज के लिए 100 बेड के कागजात शासन स्तर को भेजे थे। साथ ही भूमि का चिन्हांकन कर उसको मेडिकल कॉलेज के नाम स्थानांतरित भी करा लिया।
अब शासन ने पहले 200 बेड का अस्पताल बनाने का फैसला लिया है। इसके बाद ही मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिल सकेगी। जिसके लिए लोनिवि बांदा ने 200 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
भेजा गया प्रस्ताव नहीं मिली स्वीकृति
लोनिवि बांदा के सहायक अभियंता शुभेंद्र सिंह ने बताया कि प्रस्तावित लागत की उन्हें जानकारी नहीं है। कहा कि 200 बेड के अस्पताल के लिए प्रास्तव तैयार कर शासन स्तर को भेज दिया गया है। 15-20 दिन में स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद डीपीआर व टेंडर प्रक्रिया में करीब तीन माह का समय लग जाएगा। अगले साल ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। इसके बाद ही मेडिकल कॉलेज की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिन जिलों में 200 बेड के अस्पताल संचालित हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। जनपद में ऐसी व्यवस्था न होने के कारण मेडिकल कॉलेज का निर्माण अटक गया है। कहा कि पहले 200 बेड का अस्पताल बनेगा। जिसके लिए लोनिवि बांदा ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। कहा कि अभी मेडिकल काॅलेज खुलने में अभी समय लगेगा।
-डॉ. गीतम सिंह, सीएमओ।
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इसके चलते मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित की गई भूमि को चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए स्थानांतरित कर दी गई है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज बनेगा। लोनिवि बांदा ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
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कुरारा क्षेत्र के रिठौरा डांडा में पीपीपी मॉडल से बनने वाले मेडिकल कॉलेज में फिलहाल विराम लग गया है। जिम्मेदारों का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक उन्हीं जनपदों में मेडिकल कॉलेज खुलने रास्ता साफ हुआ है जहां 200 शैय्या के अस्पताल संचालित हैं। लेकिन जिले में अभी तक यह सुविधा लाेगों को मुहैया नहीं हो सकी है।
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पूर्व में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज के लिए 100 बेड के कागजात शासन स्तर को भेजे थे। साथ ही भूमि का चिन्हांकन कर उसको मेडिकल कॉलेज के नाम स्थानांतरित भी करा लिया।
अब शासन ने पहले 200 बेड का अस्पताल बनाने का फैसला लिया है। इसके बाद ही मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिल सकेगी। जिसके लिए लोनिवि बांदा ने 200 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
भेजा गया प्रस्ताव नहीं मिली स्वीकृति
लोनिवि बांदा के सहायक अभियंता शुभेंद्र सिंह ने बताया कि प्रस्तावित लागत की उन्हें जानकारी नहीं है। कहा कि 200 बेड के अस्पताल के लिए प्रास्तव तैयार कर शासन स्तर को भेज दिया गया है। 15-20 दिन में स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद डीपीआर व टेंडर प्रक्रिया में करीब तीन माह का समय लग जाएगा। अगले साल ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। इसके बाद ही मेडिकल कॉलेज की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिन जिलों में 200 बेड के अस्पताल संचालित हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। जनपद में ऐसी व्यवस्था न होने के कारण मेडिकल कॉलेज का निर्माण अटक गया है। कहा कि पहले 200 बेड का अस्पताल बनेगा। जिसके लिए लोनिवि बांदा ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। कहा कि अभी मेडिकल काॅलेज खुलने में अभी समय लगेगा।
-डॉ. गीतम सिंह, सीएमओ।