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पशुपालन विभाग का कारनामा : गाय का बधियाकरण बछड़ों का कर दिया गर्भाधान
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भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। क्षेत्र पंचायत की गठित समितियों की बैठक में क्षेत्र में पशु पालन विभाग की ओर से कराए गए बधियाकरण व गर्भाधान को लेकर नया कारनामा सामने आया है। विभाग ने गाय का बधिया कर दिया व बछड़ों का गर्भाधान। समितियों ने मामले की जांच को प्रस्ताव पारित कर ब्लाॅक प्रमुख को अधिकृत किया है। ऐसे में जिले भर में करोड़ों रुपये के घोटाले का अंदेशा जताया जा रहा है। बैठक में मौजूद उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
बुधवार को क्षेत्र पंचायत की गठित समितियों की बैठक ब्लाक प्रमुख जयनारायण सिंह यादव की अध्यक्षता में ब्लाक सभागार में संपन्न हुई। बैठक में पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा,कृषि, पशुपालन आदि की सघन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान ब्लाॅक प्रमुख ने एक सूची प्रस्तुत कर बताया कि पशुपालन विभाग ने गोकुल मिशन के तहत क्षेत्र में 15 नवंबर 2022 से 25 मार्च 2023 तक 900 गोवंशों का बधियाकरण व गर्भाधान कराने का दावा किया गया लेकिन धरातल पर स्थिति नगण्य है। इसके अलावा गायों का बधियाकरण व बछड़ों का गर्भाधान कराना दर्शाया गया है। जबकि गायों का गर्भाधान होता है और बछड़ों का बधियाकरण। बैठक मे बीडीओ विपिन कुमार, एडीओ पंचायत रामबरन सिंह, बीईओ समर सिंह, चिकित्सा अधिकारी डाॅ. परवेज कादरी, एपीओ मनरेगा विकासचंद्र के साथ सभी समितियों के सदस्य मौजूद रहे।
ब्लाॅक प्रमुख ने बताया कि जो टैग गायों, बछड़ों व भैंसों को लगाए गए हैं। उन्हीं टैग नंबरों का उपयोग गर्भाधान एवं बधियाकरण के दौरान किया गया है। गाय को बधिया तथा बछड़े को गर्भाधान में दर्शाया गया है। इससे यह साबित होता है कि विभाग द्वारा बड़ा घोटाला किया गया है। प्रति पशु ढाई सौ रुपए खर्च दिखाया गया हैं। सुमेरपुर क्षेत्र में अकेले 2.25 लाख रुपए डकार लिए गए हैं।
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बताया कि विभाग ने पशु मालिक के स्थान पर ग्राम प्रधानों के नाम एवं फोन नंबर अंकित किए गए हैं। ग्राम प्रधानों के अनुसार किसी भी गोआश्रय स्थल में बधियाकरण एवं गर्भाधान का कार्य नहीं कराया गया है।
कहा कि यह घोटाला पूरे जनपद में किया गया है और करोड़ों का बजट ठिकाने लगाया गया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करके जांच की मांग करेंगे। बैठक में मौजूद उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डाॅ. देवेंद्र सिंह सचान इस प्रकरण में सही जवाब नहीं दे सके। जिस पर समितियों ने कड़ी आपत्ति जताई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद सरोज ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। मामले की उचित जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।
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बुधवार को क्षेत्र पंचायत की गठित समितियों की बैठक ब्लाक प्रमुख जयनारायण सिंह यादव की अध्यक्षता में ब्लाक सभागार में संपन्न हुई। बैठक में पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा,कृषि, पशुपालन आदि की सघन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान ब्लाॅक प्रमुख ने एक सूची प्रस्तुत कर बताया कि पशुपालन विभाग ने गोकुल मिशन के तहत क्षेत्र में 15 नवंबर 2022 से 25 मार्च 2023 तक 900 गोवंशों का बधियाकरण व गर्भाधान कराने का दावा किया गया लेकिन धरातल पर स्थिति नगण्य है। इसके अलावा गायों का बधियाकरण व बछड़ों का गर्भाधान कराना दर्शाया गया है। जबकि गायों का गर्भाधान होता है और बछड़ों का बधियाकरण। बैठक मे बीडीओ विपिन कुमार, एडीओ पंचायत रामबरन सिंह, बीईओ समर सिंह, चिकित्सा अधिकारी डाॅ. परवेज कादरी, एपीओ मनरेगा विकासचंद्र के साथ सभी समितियों के सदस्य मौजूद रहे।
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ब्लाॅक प्रमुख ने बताया कि जो टैग गायों, बछड़ों व भैंसों को लगाए गए हैं। उन्हीं टैग नंबरों का उपयोग गर्भाधान एवं बधियाकरण के दौरान किया गया है। गाय को बधिया तथा बछड़े को गर्भाधान में दर्शाया गया है। इससे यह साबित होता है कि विभाग द्वारा बड़ा घोटाला किया गया है। प्रति पशु ढाई सौ रुपए खर्च दिखाया गया हैं। सुमेरपुर क्षेत्र में अकेले 2.25 लाख रुपए डकार लिए गए हैं।
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बताया कि विभाग ने पशु मालिक के स्थान पर ग्राम प्रधानों के नाम एवं फोन नंबर अंकित किए गए हैं। ग्राम प्रधानों के अनुसार किसी भी गोआश्रय स्थल में बधियाकरण एवं गर्भाधान का कार्य नहीं कराया गया है।
कहा कि यह घोटाला पूरे जनपद में किया गया है और करोड़ों का बजट ठिकाने लगाया गया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करके जांच की मांग करेंगे। बैठक में मौजूद उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डाॅ. देवेंद्र सिंह सचान इस प्रकरण में सही जवाब नहीं दे सके। जिस पर समितियों ने कड़ी आपत्ति जताई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद सरोज ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। मामले की उचित जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।