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Hamirpur News: रिमझिम इस्पात की भट्ठी में विस्फोट, चार मजदूर झुलसे
Sat, 25 Jan 2025 11:15 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 25 Jan 2025 11:15 PM IST
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भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। रिमझिम इस्पात लिमिटेड की भट्टी में शनिवार सुबह स्क्रैप गलाते समय विस्फोट हो गया। घटना में चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। छह मजदूर मामूली रूप से झुलस गए हैं। दो मजदूरों को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। दो मजदूरों का उपचार फैक्टरी के अस्पताल में चल रहा है। अन्य लोगों को मरहम पट्टी करके घर भेज दिया गया है। फैक्टरी प्रबंधन चार मजदूरों के मामूली रूप से झुलसे होने का दावा कर रहा है। वहीं जिम्मेदार नौ घंटे बाद भी अंजान बने है।
लगभग 40 टन क्षमता की भट्ठी में स्क्रैप गलाते समय सुबह सात बजे विस्फोट हो गया। इसकी चपेट में आकर सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पंधरी निवासी रामफल (45), प्रयागराज के झूसी निवासी बिजभान (40), बिहार के गोपालगंज निवासी विश्वनाथ महतो (56), बिहार के थाना चांद के सुरहा गांव निवासी हीरा यादव (48) गंभीर रूप से झुलस गए।
आसपास मौजूद छह अन्य मजदूरों के शरीर में पिघले लोहे के छींटे पड़ने से मामूली झुलसे हैं। उनका उपचार कर घर भेज दिया गया है। गंभीर हालत में रामफल और बिजभान को सदर अस्पताल ले जाया गया। यहां से दोनों को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है। विश्वनाथ एवं हीरा यादव का उपचार फैक्टरी के अस्पताल में चल रहा है।
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फैक्टरी मैनेजर मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि दो लोग झुलसे हैं। दोनों को इलाज के लिए कानपुर भेजा गया है। फैक्टरी एरिया पुलिस चौकी इंचार्ज राजवीर के अनुसार चार मजदूर झुलसे हैं। दो को कानपुर भेजा गया है दो का उपचार फैक्टरी के अस्पताल में चल रहा है और मजदूरों के बारे में कोई जानकारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी ने तहरीर नहीं दिया है। अगर तहरीर मिलेगी तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
सीओ सदर राजेश कमल ने बताया कि रिमझिम इस्पात में घटना हुई है। जिसमें तीन लोग झुलसे हैं एक को कानपुर रेफर किया गया है। जिसकी हालत में सुधार है।
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सरकारी अस्पताल में इलाज की दी सलाह
- गंभीर रूप से घायल रामफल के बेटे वीरेंद्र के अनुसार पिता की हालत नाजुक है। कंपनी ने अभी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने को कहा है। अभी मेरी कंपनी में बात हुई। उनसे बोला है कि पिता को बचाने के लिए वह उन्हें किसी प्राइवेट अस्पताल में ले जाना चाहता है। जिस पर कंपनी से साफ जवाब नहीं आया। देख रहे नहीं बाद में किसी प्राइवेट अस्पताल में ही उन्हें ले जाएंगे।
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नौ घंटे तक अनजान प्रशासन
- घटना को लेकर जानकारी के लिए जीएम डीआईसी रवि वर्मा को फोन लगाया लेकिन उन्होंने नहीं उठाया। एडीएम वित्त एवं राजस्व विजय शंकर तिवारी ने पहले घटना से अनभिज्ञता जताई। बाद में जानकारी कर बताया कि फैक्टरी में लिक्विड छलकने से मजदूरों के झुलसने की जानकारी मिली है। जिसकी जांच के लिए सदर तहसीलदार रविंद्र पाल को भेजा जा रहा है। बताया कि वह और जीएमडीआईसी वीसी में व्यस्त थे इस वजह से घटना की जानकारी नहीं हो सकी।
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22 माह के अंदर दूसरी घटना
- बीते चार मार्च 2023 को कस्बे में संचालित रिमझिम इस्पात लिमिटेड में रात नौ बजे भट्टी में विस्फोट होने से चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। जिन्हें साथी मजदूरों ने इलाज के लिए पीएचसी में भर्ती कराया था। इनमें दपसौरा थाना चांदपुर निवासी चरण सिंह (30) निवासी गौरी बदनपुर, जितेंद्र यादव (45) निवासी पंधरी, अरविंद (35) निवासी बांकी, छोटे (34) शामिल रहे। काफी देर तक इन मजदूरों को प्रबंधन ने इलाज के लिए नहीं भेजा था। जिस पर मजदूरों ने हंगामा कर फैक्टरी की एंबुलेंस से घायल मजदूरों को उतार कर निजी साधनों से कस्बे की पीएचसी में भर्ती कराया था। मीडिया की पहल पर पुलिस भी सक्रिय हुई थी। लोगों का आरोप है कि फैक्टरी में सुरक्षा के मानकों को नजर अंदाज किया जाता है। घटना के बाद उसे दबाने का भी प्रयास किया जाता है।
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लगभग 40 टन क्षमता की भट्ठी में स्क्रैप गलाते समय सुबह सात बजे विस्फोट हो गया। इसकी चपेट में आकर सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पंधरी निवासी रामफल (45), प्रयागराज के झूसी निवासी बिजभान (40), बिहार के गोपालगंज निवासी विश्वनाथ महतो (56), बिहार के थाना चांद के सुरहा गांव निवासी हीरा यादव (48) गंभीर रूप से झुलस गए।
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आसपास मौजूद छह अन्य मजदूरों के शरीर में पिघले लोहे के छींटे पड़ने से मामूली झुलसे हैं। उनका उपचार कर घर भेज दिया गया है। गंभीर हालत में रामफल और बिजभान को सदर अस्पताल ले जाया गया। यहां से दोनों को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है। विश्वनाथ एवं हीरा यादव का उपचार फैक्टरी के अस्पताल में चल रहा है।
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फैक्टरी मैनेजर मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि दो लोग झुलसे हैं। दोनों को इलाज के लिए कानपुर भेजा गया है। फैक्टरी एरिया पुलिस चौकी इंचार्ज राजवीर के अनुसार चार मजदूर झुलसे हैं। दो को कानपुर भेजा गया है दो का उपचार फैक्टरी के अस्पताल में चल रहा है और मजदूरों के बारे में कोई जानकारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी ने तहरीर नहीं दिया है। अगर तहरीर मिलेगी तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
सीओ सदर राजेश कमल ने बताया कि रिमझिम इस्पात में घटना हुई है। जिसमें तीन लोग झुलसे हैं एक को कानपुर रेफर किया गया है। जिसकी हालत में सुधार है।
सरकारी अस्पताल में इलाज की दी सलाह
- गंभीर रूप से घायल रामफल के बेटे वीरेंद्र के अनुसार पिता की हालत नाजुक है। कंपनी ने अभी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने को कहा है। अभी मेरी कंपनी में बात हुई। उनसे बोला है कि पिता को बचाने के लिए वह उन्हें किसी प्राइवेट अस्पताल में ले जाना चाहता है। जिस पर कंपनी से साफ जवाब नहीं आया। देख रहे नहीं बाद में किसी प्राइवेट अस्पताल में ही उन्हें ले जाएंगे।
नौ घंटे तक अनजान प्रशासन
- घटना को लेकर जानकारी के लिए जीएम डीआईसी रवि वर्मा को फोन लगाया लेकिन उन्होंने नहीं उठाया। एडीएम वित्त एवं राजस्व विजय शंकर तिवारी ने पहले घटना से अनभिज्ञता जताई। बाद में जानकारी कर बताया कि फैक्टरी में लिक्विड छलकने से मजदूरों के झुलसने की जानकारी मिली है। जिसकी जांच के लिए सदर तहसीलदार रविंद्र पाल को भेजा जा रहा है। बताया कि वह और जीएमडीआईसी वीसी में व्यस्त थे इस वजह से घटना की जानकारी नहीं हो सकी।
22 माह के अंदर दूसरी घटना
- बीते चार मार्च 2023 को कस्बे में संचालित रिमझिम इस्पात लिमिटेड में रात नौ बजे भट्टी में विस्फोट होने से चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। जिन्हें साथी मजदूरों ने इलाज के लिए पीएचसी में भर्ती कराया था। इनमें दपसौरा थाना चांदपुर निवासी चरण सिंह (30) निवासी गौरी बदनपुर, जितेंद्र यादव (45) निवासी पंधरी, अरविंद (35) निवासी बांकी, छोटे (34) शामिल रहे। काफी देर तक इन मजदूरों को प्रबंधन ने इलाज के लिए नहीं भेजा था। जिस पर मजदूरों ने हंगामा कर फैक्टरी की एंबुलेंस से घायल मजदूरों को उतार कर निजी साधनों से कस्बे की पीएचसी में भर्ती कराया था। मीडिया की पहल पर पुलिस भी सक्रिय हुई थी। लोगों का आरोप है कि फैक्टरी में सुरक्षा के मानकों को नजर अंदाज किया जाता है। घटना के बाद उसे दबाने का भी प्रयास किया जाता है।