फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   education,hamirpur news,hamirpur

कस्तूरबा विद्यालय में एक चौथाई छात्राओं का ही अभी तक प्रवेश

Mon, 11 Oct 2021 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
education,hamirpur news,hamirpur
मौदहा (हमीरपुर)। कस्बे के कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में क्षमता से एक चौथाई छात्राएं ही अभी तक प्रवेश पा सकी हैं। इस आवासीय विद्यालय में चार शिक्षक सहित 12 लोगों का स्टाफ हैं। इधर, आवासीय विद्यालय में अभी तक टेंडर नहीं हुआ है। ऐसे में पुरानी रखी सामग्री के साथ अन्य व्यवस्था वार्डन/प्रधानाध्यापिका के हवाले है।
विज्ञापन

किन्हीं कारणों से स्कूल नहीं जाने वाली जरूरतमंद बालिकाओं के लिए स्थापित आवासीय विद्यालय वरदान साबित हो रहे हैं। बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली छात्राओं को कम से कम कक्षा 8 तक की शिक्षा इनमें मिल रही है। यहां पचास छात्राओं के रहने पढ़ने के लिए एक प्रधानाचार्य जो वार्डन का भी काम कर रहीं हैं। इसके अलावा शिक्षक व एक पार्ट टाइम शिक्षिका की नियुक्ति है।
विज्ञापन

एक चौकीदार व एक चपरासी के साथ एक लिपिक की तैनाती है। जिलाधिकारी के आदेश से दो महिला होमगार्ड सुबह 10 से शाम पांच बजे तक आवासीय विद्यालय की सुरक्षा में रहती हैं। भारी-भरकम स्टाफ के साथ बालिकाओं को खाना बनाने के लिए दो रसोइयों की तैनात हैं। फिर भी कोरोना काल में बंद रहे इस आवासीय विद्यालय की पुरानी बची खाने की सामग्री का इस्तेमाल टेंडर न होने की वजह से किया जा रहा है, जो बिना उचित निरीक्षण के उपयोग में लाने से छात्राएं बीमार भी हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मौजूदा समय में पचास के स्थान पर सिर्फ 14 छात्राओं ने ही प्रवेश लिया है। इस संबंध में स्कूल की वार्डन राधा मिश्रा ने बताया कि विद्यालय में उन्हीं छात्राओं का प्रवेश लिया गया, जिनके अभिभावकों ने स्कूल में रहने व पढ़ने की लिखित अनुमति दी है। कोविड नियमों पालन कराने के लिए सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखा गया है। अभी तक भोजन व्यवस्था व अन्य सामग्री का टेंडर भी नहीं हुआ है। पुराने स्टाक के पड़े भोजन सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। शासन ने स्कूल में कुल छात्राओं में 50 प्रतिशत के प्रवेश की अनुमति दी है। विद्यालय में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के अभिभावकों की अनुमति के बाद प्रवेश लिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed