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लिफ्ट कैनालों की लाइनें ध्वस्त
हमीरपुर
Updated Sat, 05 May 2018 10:40 PM IST
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पानी के अभाव में मुरझा रही मूंग की फसल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आंधी ने सबसे ज्यादा नुकसान बिजली लाइनों को किया है। राजकीय व निजी नलकूप सहित लिफ्ट कैनालें बंद पड़ी हैं। सूखे की मार से जूझ रहे किसानों ने खेतों में जायद की मूंग, उड़द व सब्जी की फसलें बोई हैं। भीषण गर्मी में इन फसलों में हर तीसरे दिन सिंचाई की जरूरत पड़ती है, लेकिन लाइनों के ध्वस्त होने से बिजली का संकट है।
बुधवार की रात जिले में आई आंधी ने बिजली विभाग को बड़ा झटका दिया है। हालत यह है कि पावर कारपोरेशन अभी तक नुकसान का आंकलन नहीं कर पाया है। लाइनों को दुरुस्त करने में टीमें काम कर रही हैं, लेकिन टूटे पोलों व ट्रांसफार्मरों के साथ तारों को लगाने में कर्मचारी पसीना छोड़ रहे हैं। अभी शहरी इलाकों के साथ कई गांवों में बिजली पहुंचाए जाने का दावा किया जा रहा है।
जिले में संचालित पत्योरा, सहजना, बिलौटा, भौली, सहुरापुर, बैजेमऊ, मेरापुर, रमेड़ी लिफ्ट कैनाल बंद हैं। इनमें पत्योरा, बैजेमऊ, सहजना व सहुरापुर पंप कैनालों को सुमेरपुर स्थित 132 केवी से सीधे बिजली मुहैया कराई जा रही है। पत्योरा लिफ्ट कैनाल को गई लाइन के 32 पोल टूटे हैं। सहजना व सहुरापुर के 23 और बैजेमऊ के आठ खंभे जमींदोज हो चुके हैं। अभी तक इन कैनालों को संचालित कर मवेशियों के पानी के लिए तालाब भरने के साथ जायद की फसलों के लिए पानी मुहैया कराया जा रहा था। लेकिन लाइनों के क्षतिग्रस्त होने पर किसान फसलों के सूखने को लेकर चिंतित हैं।
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मुख्यालय स्थित बिजली स्टोर में विद्युत वितरण खंड से सूचना भेजी गई है। इसमें अभी 394 पोल टूटे बताए हैं। साथ ही 23 विद्युत ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होना बताया है। जिले के सभी 24 सबस्टेशनों के आंधी से प्रभावित होना बताया है। इसमें 33 केवी 23 उपकेंद्र चालू करने की बात कही है। जबकि 33 केवी लाइनों के 96, 11केवी लाइन के 155 व गांवों में टूटे 101 पोल टूटना बताए हैं। साथ ही डबल पोलों पर रखे 23 ट्रांसफार्मर मय पोल के धराशायी हुए हैं। पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता एसडी सिंह ने सहुरापुर व पत्योरा लिफ्ट कैनाल के 65-70 खंभे, बैजेमऊ कैनाल के आठ पोल टूटने की सूचना भेज खंभे मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
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बुधवार की रात जिले में आई आंधी ने बिजली विभाग को बड़ा झटका दिया है। हालत यह है कि पावर कारपोरेशन अभी तक नुकसान का आंकलन नहीं कर पाया है। लाइनों को दुरुस्त करने में टीमें काम कर रही हैं, लेकिन टूटे पोलों व ट्रांसफार्मरों के साथ तारों को लगाने में कर्मचारी पसीना छोड़ रहे हैं। अभी शहरी इलाकों के साथ कई गांवों में बिजली पहुंचाए जाने का दावा किया जा रहा है।
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जिले में संचालित पत्योरा, सहजना, बिलौटा, भौली, सहुरापुर, बैजेमऊ, मेरापुर, रमेड़ी लिफ्ट कैनाल बंद हैं। इनमें पत्योरा, बैजेमऊ, सहजना व सहुरापुर पंप कैनालों को सुमेरपुर स्थित 132 केवी से सीधे बिजली मुहैया कराई जा रही है। पत्योरा लिफ्ट कैनाल को गई लाइन के 32 पोल टूटे हैं। सहजना व सहुरापुर के 23 और बैजेमऊ के आठ खंभे जमींदोज हो चुके हैं। अभी तक इन कैनालों को संचालित कर मवेशियों के पानी के लिए तालाब भरने के साथ जायद की फसलों के लिए पानी मुहैया कराया जा रहा था। लेकिन लाइनों के क्षतिग्रस्त होने पर किसान फसलों के सूखने को लेकर चिंतित हैं।
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मुख्यालय स्थित बिजली स्टोर में विद्युत वितरण खंड से सूचना भेजी गई है। इसमें अभी 394 पोल टूटे बताए हैं। साथ ही 23 विद्युत ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होना बताया है। जिले के सभी 24 सबस्टेशनों के आंधी से प्रभावित होना बताया है। इसमें 33 केवी 23 उपकेंद्र चालू करने की बात कही है। जबकि 33 केवी लाइनों के 96, 11केवी लाइन के 155 व गांवों में टूटे 101 पोल टूटना बताए हैं। साथ ही डबल पोलों पर रखे 23 ट्रांसफार्मर मय पोल के धराशायी हुए हैं। पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता एसडी सिंह ने सहुरापुर व पत्योरा लिफ्ट कैनाल के 65-70 खंभे, बैजेमऊ कैनाल के आठ पोल टूटने की सूचना भेज खंभे मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।