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श्रीराम मंदिर के निर्माण की तारीख तय होने से खुशी, 1990 में साध्वी उमा भारती सहित तमाम कारसेवकों ने मुंडवाए थे सिर के बाल
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राम बिहारी शुक्ला।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। अयोध्या श्रीराम के मंदिर के निर्माण की तारीख तय होने से कारसेवकों में खुशी का माहौल है। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिला महामंत्री एवं आर्य समाज के प्रधान रामबिहारी शुक्ला ने बताया 1990 में नवंबर महीने के आखिरी सप्ताह में साध्वी उमा भारती ने पुलिस से बचने के लिए अपने सिर के बाल मुंडवाए थे, उस समय जिले के तमाम कारसेवकों ने मुंडन करवाया था।
रामबिहारी शुक्ला ने बताया अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए पूरे देश से कारसेवक पहुंचे थे। वर्ष 1990 के नवंबर माह में साध्वी उमा भारती ने बुंदेलखंड का दौरा किया था। उस समय उन्होंने पुलिस से बचने के लिए अपने सिर के बाल ही मुड़वा लिए थे।
उन्हें देख तमाम कारसेवकों ने भी मुंडन कराकर कारसेवा के लिए अयोध्या कूच किया था। लेकिन राम की नगरी पहुंचने से पहले रास्ते में सभी को पकड़कर बांदा के बजरंग स्कूल में अस्थायी जेल भेजा गया था। जहां से उमा भारती, लक्ष्मी शंकर, वंशीधर सेंगर, विजय पांडेय सहित तमाम कारसेवकों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया गया था।
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बताया रात में सीओ ने स्थिति तनावपूर्ण होते देख उमा भारती, राजकुमार शिवहरे समेत तमाम लोगों को दूसरी अस्थायी जेल में शिफ्ट कराया था। उसी रात राजकुमार शिवहरे की मदद से उमा भारती अस्थायी जेल से भागकर कारसेवा की थी।
मंदिर निर्माण से शिवसेना नेता खुश
शिवसेना के प्रदेश उपप्रमुख रतन ब्रम्हचारी राममंदिर निर्माण को लेकर खुश हैं। उन्हें अस्सी शिवसैनिकों के साथ कारसेवा करने से रोका गया था। उनके यहां छापे भी पड़े थे। बताया वह किसी तरह बाराबंकी तक पहुंचे थे, लेकिन वहां पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर अस्थायी जेल भेजा था।
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रामबिहारी शुक्ला ने बताया अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए पूरे देश से कारसेवक पहुंचे थे। वर्ष 1990 के नवंबर माह में साध्वी उमा भारती ने बुंदेलखंड का दौरा किया था। उस समय उन्होंने पुलिस से बचने के लिए अपने सिर के बाल ही मुड़वा लिए थे।
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उन्हें देख तमाम कारसेवकों ने भी मुंडन कराकर कारसेवा के लिए अयोध्या कूच किया था। लेकिन राम की नगरी पहुंचने से पहले रास्ते में सभी को पकड़कर बांदा के बजरंग स्कूल में अस्थायी जेल भेजा गया था। जहां से उमा भारती, लक्ष्मी शंकर, वंशीधर सेंगर, विजय पांडेय सहित तमाम कारसेवकों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया गया था।
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बताया रात में सीओ ने स्थिति तनावपूर्ण होते देख उमा भारती, राजकुमार शिवहरे समेत तमाम लोगों को दूसरी अस्थायी जेल में शिफ्ट कराया था। उसी रात राजकुमार शिवहरे की मदद से उमा भारती अस्थायी जेल से भागकर कारसेवा की थी।
मंदिर निर्माण से शिवसेना नेता खुश
शिवसेना के प्रदेश उपप्रमुख रतन ब्रम्हचारी राममंदिर निर्माण को लेकर खुश हैं। उन्हें अस्सी शिवसैनिकों के साथ कारसेवा करने से रोका गया था। उनके यहां छापे भी पड़े थे। बताया वह किसी तरह बाराबंकी तक पहुंचे थे, लेकिन वहां पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर अस्थायी जेल भेजा था।

रतन ब्रम्हचारी।- फोटो : HAMIRPUR