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पत्नी ने जान दी तो खुद को भी गोली से उड़ाया
अमर उजाला हमीरपुर
Updated Wed, 07 Sep 2016 12:16 AM IST
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घटना स्थल पर परिजनों से जानकारी लेती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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जलालपुर थाना क्षेत्र के पुरैनी गांव में पत्नी के आत्महत्या करने से दुखी अधेड़ ने खुद को भी गोली मार ली। दोनों आत्महत्याओं के पीछे परिवारिक कलह बताई जा रही है। बताया गया है कि रविवार को दोनों के बीच भैंस बेचने को लेकर विवाद हुआ था। मां-बाप की मौत से अनाथ हुए तीनों बच्चाें का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुरैनी गांव के रिटायर्ड चकबंदी लेखपाल बैजनाथ प्रजापति के दो बेटे थे। बड़ा बेटा दयाशंकर (40) पत्नी उर्मिला व बच्चों के साथ गांव में रहकर खेती बाड़ी करता था। छोटा बेटा रमा शंकर व पिता बैजनाथ परिवार के साथ चरखारी में रहते हैं। बताया जाता है कि दयाशंकर और उर्मिला के बीच आए दिन छोटी-छोटी बातों पर कलह होती थी। रविवार को दोनों के बीच भैंस बेचने को लेकर विवाद हुआ था। पत्नी भैंस बेचना नहीं चाहती थी जबकि दयाशंकर बेचने की जिद पर अड़ा था।
सोमवार को उर्मिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। राठ में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। मृतक के पिता बैजनाथ ने बताया कि पत्नी की मौत से उसके बेटे को गहरा सदमा लगा था। वह बिना उसका पोस्टमार्टम कराए घर भाग आया था। बैजनाथ ने बताया कि मंगलवार को दयाशंकर बिना कुछ बताए खेतों की ओर चला गया था। थोड़ी देर बाद गांव के लोगों ने गांव के ही भानुप्रताप के खेत में एक पेड़ के नीचे खून से लथपथ पड़े दयाशंकर को देखा।
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उसने कनपटी में तमंचे से गोली मार ली थी। वहीं पर तमंचा पड़ा था। सूचना पर पहुंचे परिजन यह देखकर बेसुध हो गए। माता-पिता की मौत के बाद बेटे प्रदीप व उसकी दोनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष जलालपुर स्वामीनाथ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दंपति की आत्महत्या का कारण कलह बताई जा रही है। मौके से 315 बोर का तमंचा व एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। सीओ एस वैभव पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
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पुरैनी गांव के रिटायर्ड चकबंदी लेखपाल बैजनाथ प्रजापति के दो बेटे थे। बड़ा बेटा दयाशंकर (40) पत्नी उर्मिला व बच्चों के साथ गांव में रहकर खेती बाड़ी करता था। छोटा बेटा रमा शंकर व पिता बैजनाथ परिवार के साथ चरखारी में रहते हैं। बताया जाता है कि दयाशंकर और उर्मिला के बीच आए दिन छोटी-छोटी बातों पर कलह होती थी। रविवार को दोनों के बीच भैंस बेचने को लेकर विवाद हुआ था। पत्नी भैंस बेचना नहीं चाहती थी जबकि दयाशंकर बेचने की जिद पर अड़ा था।
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सोमवार को उर्मिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। राठ में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। मृतक के पिता बैजनाथ ने बताया कि पत्नी की मौत से उसके बेटे को गहरा सदमा लगा था। वह बिना उसका पोस्टमार्टम कराए घर भाग आया था। बैजनाथ ने बताया कि मंगलवार को दयाशंकर बिना कुछ बताए खेतों की ओर चला गया था। थोड़ी देर बाद गांव के लोगों ने गांव के ही भानुप्रताप के खेत में एक पेड़ के नीचे खून से लथपथ पड़े दयाशंकर को देखा।
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उसने कनपटी में तमंचे से गोली मार ली थी। वहीं पर तमंचा पड़ा था। सूचना पर पहुंचे परिजन यह देखकर बेसुध हो गए। माता-पिता की मौत के बाद बेटे प्रदीप व उसकी दोनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष जलालपुर स्वामीनाथ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दंपति की आत्महत्या का कारण कलह बताई जा रही है। मौके से 315 बोर का तमंचा व एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। सीओ एस वैभव पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।