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ट्रेनों का संचालन पटाखों की आवाज से हो रहा
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Wed, 31 Dec 2014 12:07 AM IST
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मंगलवार को शीतलहर के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। कोहरा अधिक होने से कसबे से गुजरने वाली सभी ट्रेनें देरी से आईं। वहीं ट्रेनों का संचालन सिग्नल के साथ पटाखों की आवाज से हुआ। कोहरा अधिक होने पर दिन में ही वाहनों को हेड लाइट जलाकर चलाना पड़ा।
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मौसम के बिगड़ते मिजाज से पारा लगातार नीचे की ओर लुढ़क रहा है। कसबे का रात में न्यूनतम तापमान 4.08 डिग्री रहा। सर्दी के चलते आम जनजीवन व पशु पक्षी बेहाल नजर आए। कोहरे का सबसे अधिक असर ट्रेनों के संचालन में पड़ा।
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जबलपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली चित्रकूट एक्सप्रेस दो घंटे देरी से आई। जबकि खजुराहो से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन, कानपुर से मानिकपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन भी देरी से आई।
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अत्यधिक कोहरा होने के चलते सिग्नल दूर से न दिखाई देने पर ट्रेनों का संचालन पटाखों की आवाज के सहारे कर रहा है। स्टेशन मास्टर एनके वर्मा ने बताया कि आउटर सिग्नल के पास पटरी पर पटाखे रखे जाते हैं।
जैसे ही ट्रेन का इंजन इन पर चढ़ता है तो आवाज होती है और ट्रेन चालक को पता चल जाता है कि लाइन क्लीयर है। वहीं सड़क मार्ग पर अत्यधिक कोहरा होने के चलते वाहन चालकों को हेड लाइट व पार्किंग लाइट जलाकर चलना पड़ा।