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सौर ऊर्जा प्लांट से किसान सपना कर रहा साकार
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Mon, 10 Aug 2015 12:17 AM IST
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बिजली किल्लत से परेशान किसानों के सपने सौर ऊर्जा से साकार होंगे। कस्बे
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के एक छोटे कम जोत वाले युवा किसान ने सौरऊर्जा का नलकूप लगाकर मंडल में नई
मिसाल कायम की है। किसान का दावा है कि वह कम लागत से मुनाफा कमा सकेगा।
उसके खेतों में हरी भरी लहलहाती फसलों का सपना अब पूरा होगा। छोटे किसानों
के लिए यह प्रोजेक्ट एक वरदान है। उसके इस प्रोजेक्ट को देखने वालों का
तांता लगा है।
कस्बे के रामप्रकाश सोनी के सबसे छोटे पुत्र निरंजन सोनी के पास सरीला ममना मार्ग पर चार बीघे जमीन है। जहां उसने दो साल पहले नलकूप का बोर कराया था।
निरंजन सोनी ने बताया कि नलकूप के कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग के डेढ़ साल चक्कर लगाए पर अनुदान पर कनेक्शन नहीं मिल पाया। जबकि ममना पावर स्टेशन के सरीला फीडर की लाइन उसके खेत से निकली है।
उसकी सोच थी कि कितनी भी मेहनत करनी पडे़, लेकिन उसके खेतों में हरी भरी लहलहाती फसल खड़ी रहे यही सपना रहा है। इसी बीच उसके परिचितों ने उसे सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की सलाह दी।
इस पर उसने जिला कृषि अधिकारी अरुण चौधरी से संपर्क किया। उसने बताया कि इस प्रोजेक्ट का 75 प्रतिशत खर्चा सरकार देती है। मात्र 25 फीसदी किसान को देना पड़ता है।
10 प्लेट के इस प्लांट पर उसे 1,17,200 रुपये देने पड़े हैं। प्राइवेट कंपनी सन इंडिया ने इस प्रोजेक्ट को चालू किया है। नलकूप में 3 एचपी की मोटर कंपनी ने ही डाली है।
इस प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद निरंजन फसलों की बुआई में जुटा है। सब्जियां बोने के लिए उसने खेतों में क्यारियां बना ली हैं। उसने कहा कि वह पूरे साल मौसम के मुताबिक फसल उगाएगा।
उसके यहां प्रोजेक्ट को देखने वालों का तांता लगा है। दूर दराज से किसान उसके पास आ रहे है। बताया कि यह मंडल में पहला सौर ऊर्जा से संचालित नलकूप है। इस नलकूप से ढाई से तीन इंच पानी निकल रहा है।
कस्बे के रामप्रकाश सोनी के सबसे छोटे पुत्र निरंजन सोनी के पास सरीला ममना मार्ग पर चार बीघे जमीन है। जहां उसने दो साल पहले नलकूप का बोर कराया था।
निरंजन सोनी ने बताया कि नलकूप के कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग के डेढ़ साल चक्कर लगाए पर अनुदान पर कनेक्शन नहीं मिल पाया। जबकि ममना पावर स्टेशन के सरीला फीडर की लाइन उसके खेत से निकली है।
उसकी सोच थी कि कितनी भी मेहनत करनी पडे़, लेकिन उसके खेतों में हरी भरी लहलहाती फसल खड़ी रहे यही सपना रहा है। इसी बीच उसके परिचितों ने उसे सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की सलाह दी।
इस पर उसने जिला कृषि अधिकारी अरुण चौधरी से संपर्क किया। उसने बताया कि इस प्रोजेक्ट का 75 प्रतिशत खर्चा सरकार देती है। मात्र 25 फीसदी किसान को देना पड़ता है।
10 प्लेट के इस प्लांट पर उसे 1,17,200 रुपये देने पड़े हैं। प्राइवेट कंपनी सन इंडिया ने इस प्रोजेक्ट को चालू किया है। नलकूप में 3 एचपी की मोटर कंपनी ने ही डाली है।
इस प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद निरंजन फसलों की बुआई में जुटा है। सब्जियां बोने के लिए उसने खेतों में क्यारियां बना ली हैं। उसने कहा कि वह पूरे साल मौसम के मुताबिक फसल उगाएगा।
उसके यहां प्रोजेक्ट को देखने वालों का तांता लगा है। दूर दराज से किसान उसके पास आ रहे है। बताया कि यह मंडल में पहला सौर ऊर्जा से संचालित नलकूप है। इस नलकूप से ढाई से तीन इंच पानी निकल रहा है।