फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Schools full of dirt , water famine

स्कूलों में गंदगी की भरमार, पानी का अकाल

Tue, 07 Jul 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर Updated Tue, 07 Jul 2015 12:20 AM IST
विज्ञापन
Schools full of dirt , water famine

शासन शैक्षिक सत्र को उन्नयन वर्ष के रूप में मनाने जा रहा है। वहीं

विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की घट रही संख्या चिंता का विषय है। प्रशासन स्तर पर किए जा रहे प्रयास भी इसके लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में जहां अभिभावकों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वहीं विद्यालयों में दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता भी आड़े आ रही है। सत्यता जानने को निकली अमर उजाला टीम को कहीं गंदा पेयजल दिखा तो कहीं गंदगी से उठती सड़ांध। इस पर पेश है एक रिपोर्ट।

प्राथमिक विद्यालय सरायं बालिका में पंजीकृत 36 बच्चों में 25 मौजूद मिले। सभी बच्चों को एक हाल में बैठाकर इंचार्ज प्रधानाध्यापिका सावित्री देवी पढ़ाती मिली। बताया कि विद्यालय में वह अकेली हैं। इसलिए सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाना मजबूरी है। परिसर में लगा हैंडपंप गंदा पानी देता है। जिससे बच्चों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।

प्राथमिक विद्यालय सरायं बालक में पंजीकृत 40 बच्चों में 20 बच्चे मौजूद मिले। प्रभारी प्रधानाध्यापिका मंजू दीक्षित हाल में बैठकर हाथ से पंखा कर गर्मी दूर करती मिलीं। वहीं बच्चों को एक छात्र पहाड़ा सुना रहा था। विद्यालय परिसर के पास कूड़ा घर होेने से विद्यालय तक सड़ांध आ रही थी। जिससे बच्चे इस गंदगी से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन


प्राथमिक विद्यालय रमेड़ी डिग्गी में पंजीकृत 86 बच्चों के सापेक्ष मात्र 59 बच्चे मौजूद मिले। विद्यालय में साफ सफाई के साथ शैक्षिक गुणवत्ता अच्छी होने से छात्रों की उपस्थित भी अच्छी मिली। दो सहायक अध्यापक बच्चों को पढ़ाते मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा अधिकारी डा.इंद्रजीत प्रजापति ने कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता अच्छी होगी तभी बच्चे अपने आप आएंगे। जब पढ़ाई ही नहीं होगी तो अभिभावक भी बच्चों को भेजने में आनाकानी करते हैं। सुधार के लिए प्रयास जारी हैं। लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। निरीक्षण में यदि बच्चे कमजोर पाए गए तो शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed