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बारिश न होने से दूध का उत्पादन हुआ कम
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Mon, 10 Aug 2015 12:24 AM IST
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बारिश न होने से दुधारू पशुओं के सामने हरे चारे का संकट है। जिससे दुधारू
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पशुओं का दूध कम हो गया है। यही कारण है कि कस्बे में संचालित चिलिंग
प्लांट में भी पर्याप्त दूध न आने की समस्या बनी हुई है। वहीं हमीरपुर
दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड किसानों को अच्छी नस्ल के मवेशी पालने के
लिए जागरूक कर रहा है।
कस्बे में संचालित चिलिंग प्लांट में अगस्त माह से दूध की आवक बढ़ने का क्रम शुरू हो जाता था। लेकिन इस साल पर्याप्त वर्षा न होने से मवेेशियों को हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। जिससे दूध का उत्पादन नहीं बढ़ रहा है।
दूध का उत्पादन न बढ़ने से चिलिंग प्लांट में ज्यादा दूध नहीं पहुंच रहा है। इसके साथ ही दूसरे जनपदों के प्राइवेट डेयरी वाले क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर दूध की खरीददारी कर ले जा रहे हैं।
इसका भी असर चिलिंग प्लांट में देखने को मिल रहा है। जनपद में पशुपालक अच्छी नस्ल के पशुओं का नहीं पाल रहा हैं और न ही दुधारू पशुओं के खान पान पर उचित व्यवस्था कर रहा है। जिससे दूध का उत्पादन कम हो रहा है।
दुग्ध संघ के प्रबंधक डा.पीके खत्री ने कहा कि जिले में 240 समितियां पंजीकृत है। इसमें 100 समितियां क्रियाशील हैं। करीब दो हजार लीटर दूध मौजूदा समय में आ रहा है।
जिला मुख्यालय व सुमेरपुर कस्बे में लोगों को दूध उपलब्ध कराने के लिए 25 केंद्र संचालित है। इन केंद्रों से जरूरतमंद लोगों को दूध बेचा जाता है। प्रतिदिन 500 लीटर दूध इन केंद्रों से बिक रहा है।
25 केंद्रों में 17 केंद्र जिला मुख्यालय व 8 केंद्र सुमेरपुर कस्बे में संचालित हैं।
कस्बे में संचालित चिलिंग प्लांट में अगस्त माह से दूध की आवक बढ़ने का क्रम शुरू हो जाता था। लेकिन इस साल पर्याप्त वर्षा न होने से मवेेशियों को हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। जिससे दूध का उत्पादन नहीं बढ़ रहा है।
दूध का उत्पादन न बढ़ने से चिलिंग प्लांट में ज्यादा दूध नहीं पहुंच रहा है। इसके साथ ही दूसरे जनपदों के प्राइवेट डेयरी वाले क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर दूध की खरीददारी कर ले जा रहे हैं।
इसका भी असर चिलिंग प्लांट में देखने को मिल रहा है। जनपद में पशुपालक अच्छी नस्ल के पशुओं का नहीं पाल रहा हैं और न ही दुधारू पशुओं के खान पान पर उचित व्यवस्था कर रहा है। जिससे दूध का उत्पादन कम हो रहा है।
दुग्ध संघ के प्रबंधक डा.पीके खत्री ने कहा कि जिले में 240 समितियां पंजीकृत है। इसमें 100 समितियां क्रियाशील हैं। करीब दो हजार लीटर दूध मौजूदा समय में आ रहा है।
जिला मुख्यालय व सुमेरपुर कस्बे में लोगों को दूध उपलब्ध कराने के लिए 25 केंद्र संचालित है। इन केंद्रों से जरूरतमंद लोगों को दूध बेचा जाता है। प्रतिदिन 500 लीटर दूध इन केंद्रों से बिक रहा है।
25 केंद्रों में 17 केंद्र जिला मुख्यालय व 8 केंद्र सुमेरपुर कस्बे में संचालित हैं।