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29 साल बाद दूध में मिलावट पर दो साल की कैद
29 साल बाद दूध में मिलावट पर दो साल की कैद
Updated Sat, 20 May 2017 12:36 AM IST
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दूध में मिलावट पर एक दूधिए को 29 साल बाद तो दूसरे को 22 साल बाद दो साल की कैद हुई है। एसीजेएम अदालत ने दूधियों पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला अभिहीत अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि कुरारा क्षेत्र के शीतलपुर गांव निवासी शिवकुमार तिवारी का 14 सितंबर 1988 को दूध का नमूना लिया था। जांच में फैट 16 प्रतिशत व फैटी सालिड्स 22 प्रतिशत कम होने पर नमूना फेल हो गया।
इसी तरह 29 सितंबर 1995 को मौदाहा बिहरका निवासी जयप्रकाश का लिया गया सपरेटा दूध का नमूना भी लैब में फेल पाया गया। जिसमें मिल्क सालिड्स नांट फैट 12 प्रतिशत कम पाया गया। इन दोनों मामलों की सुनवाई मेें एसीजेएम न्यायालय ने आरोपियों को दो वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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बताया कि दोनो मामले वर्ष 2011 के पूर्व के हैं। कहा इससे पूर्व किसी भी तरह की मिलावट में सजा का प्राविधान था। वहीं मिलावट के अन्य मामलों में मात्र जुर्माना लगाया जाता है। बताया कि दोनो मामलों में दूध में पानी की मिलावट पाई गई। जिससे फैट कम पाया गया।
जिला अभिहीत अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि कुरारा क्षेत्र के शीतलपुर गांव निवासी शिवकुमार तिवारी का 14 सितंबर 1988 को दूध का नमूना लिया था। जांच में फैट 16 प्रतिशत व फैटी सालिड्स 22 प्रतिशत कम होने पर नमूना फेल हो गया।
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इसी तरह 29 सितंबर 1995 को मौदाहा बिहरका निवासी जयप्रकाश का लिया गया सपरेटा दूध का नमूना भी लैब में फेल पाया गया। जिसमें मिल्क सालिड्स नांट फैट 12 प्रतिशत कम पाया गया। इन दोनों मामलों की सुनवाई मेें एसीजेएम न्यायालय ने आरोपियों को दो वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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बताया कि दोनो मामले वर्ष 2011 के पूर्व के हैं। कहा इससे पूर्व किसी भी तरह की मिलावट में सजा का प्राविधान था। वहीं मिलावट के अन्य मामलों में मात्र जुर्माना लगाया जाता है। बताया कि दोनो मामलों में दूध में पानी की मिलावट पाई गई। जिससे फैट कम पाया गया।