{"_id":"5bc38304bdec22693c10291c","slug":"ek-saath-teen-shav-uthe-to-phaphak-padhe-log","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साथ तीन अर्थी उठी तो फफक पड़े ग्रामीण","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक साथ तीन अर्थी उठी तो फफक पड़े ग्रामीण
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
Updated Sun, 14 Oct 2018 11:25 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमगांव में दो दिन पहले एक महिला ने अपने चार बच्चों के हाथ-पैर बांधकर खुद को आग लगा ली थी। जिसमें एक बच्चे की मौके पर व दूसरी की सीएचसी में मौत हो गई थी। मां और दो बच्चों को झांसी रेफर किया गया था। जहां तीनों की मौत हो गई। रविवार को झांसी से आए दो बच्चों और मां के शवों को देख गांव के लोग फफक पड़े।
मालूम हो कि शुक्रवार दोपहर अमगांव निवासी धर्मपाल श्रीवास खेतों में भैंस चराने गया था। घर में मौजूद उसकी पत्नी प्रेमवती (28) ने अपने बच्चों सपना (7), प्रशांत (5), स्नेहा (5) व एक वर्षीय मासूम दिव्यांशु के हाथ-पैर बांधकर आग आग लगा ली थी।
लपटे उठती देख जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते सबसे छोटे पुत्र दिव्यांशु की मौत हो चुकी थी। इसके बाद सीएचसी राठ में सपना की मौत हो गई थी। झांसी ले जाते समय प्रेमवती और उसकी पुत्री स्नेहा ने भी रास्ते में दम तोड़ दिया था। जबकि प्रशांत की ग्वालियर ले जाते समय शनिवार तड़के मौत हो गई थी।
विज्ञापन
अमगांव में महिला और उसके चार बच्चों की मौत के बाद विवाद से पर्दा उठ रहा है। महिला के पति धर्मपाल के भाई गया प्रसाद ने बताया कि करीब आठ दिन पहले महिला प्रेमवती के मायके में उसकी चाची के यहां श्राद्ध था। जिसमें उसने पति धर्मपाल को जाने के लिए कहा था। इस पर धर्मपाल ने जाने से इंकार कर दिया था। इस बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था।
विधायक ने ढांढस बंधाया
राठ। अमगांव में महिला और उसके चार बच्चों की मौत पर विधायक मनीषा अनुरागी, बसपा नेता रामसहाय अहिरवार ने गांव पहुंच कर पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। विधायक ने शोक व्यक्त करते हुए कहा ये बहुत ही दुखद है।
विज्ञापन
मालूम हो कि शुक्रवार दोपहर अमगांव निवासी धर्मपाल श्रीवास खेतों में भैंस चराने गया था। घर में मौजूद उसकी पत्नी प्रेमवती (28) ने अपने बच्चों सपना (7), प्रशांत (5), स्नेहा (5) व एक वर्षीय मासूम दिव्यांशु के हाथ-पैर बांधकर आग आग लगा ली थी।
विज्ञापन
लपटे उठती देख जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते सबसे छोटे पुत्र दिव्यांशु की मौत हो चुकी थी। इसके बाद सीएचसी राठ में सपना की मौत हो गई थी। झांसी ले जाते समय प्रेमवती और उसकी पुत्री स्नेहा ने भी रास्ते में दम तोड़ दिया था। जबकि प्रशांत की ग्वालियर ले जाते समय शनिवार तड़के मौत हो गई थी।
विज्ञापन
अमगांव में महिला और उसके चार बच्चों की मौत के बाद विवाद से पर्दा उठ रहा है। महिला के पति धर्मपाल के भाई गया प्रसाद ने बताया कि करीब आठ दिन पहले महिला प्रेमवती के मायके में उसकी चाची के यहां श्राद्ध था। जिसमें उसने पति धर्मपाल को जाने के लिए कहा था। इस पर धर्मपाल ने जाने से इंकार कर दिया था। इस बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था।
विधायक ने ढांढस बंधाया
राठ। अमगांव में महिला और उसके चार बच्चों की मौत पर विधायक मनीषा अनुरागी, बसपा नेता रामसहाय अहिरवार ने गांव पहुंच कर पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। विधायक ने शोक व्यक्त करते हुए कहा ये बहुत ही दुखद है।