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बकाएदार ठेकेदारों को जारी कीं आरसी
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Sun, 12 Apr 2015 12:28 AM IST
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नगर पालिका में राजस्व बढ़ोत्तरी को होने वाले ठेक ों की नीलामी में लाखों रुपये ठेके दार दबाए बैठे हैं। इस मामले में अमर उजाला ने 5 अप्रैल को हमीरपुर नगर पालिका में लाखों का गोलमाल शीर्षक पर खबर प्रकाशित की। इसका असर हुआ है पालिका के अधिशाषी अधिकारी ने संबंधित ठेकेदारों से 7,07,451 रुपये वसूले जाने की कार्रवाई की है। आरसी जारी होनेे से पालिका का धन दबाए बैठे ठेकेदारों में खासी हलचल है।
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गौरतलब हो कि स्थानीय निकायों में आने वाले विकास कार्यों में जमकर मनमानी की जा रही है। बोर्ड की बैठकों में कराए जाने वाले विकास कार्यों को प्रस्तावित किया जाता है। निकाय संविदा पर कर्मचारियों को रखकर काम ले रहीं हैं, ताकि पालिकाओं का खर्च हो। हालांकि होने वाले कार्यों की देखरेख के लिए उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी रहती है।
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इस सबके बावजूद विकास कार्यों में लीपापोती हो रही है। स्थानीय निधि एवं लेखा परीक्षा विभाग झांसी के उप निदेशक विनोद कुमार मिश्रा की टीम ने 5 दिसंबर से 10 फरवरी 2014 तक स्थानीय नगर पालिका में आडिट कर ऐसे ही कई मामलों को पकड़ा। अमर उजाला ने इस खबर को बीते 4 अप्रैल के अंक में हमीरपुर नगर पालिका में लाखों का गोलमाल शीर्षक से प्रकाशित किया तो पालिका का धन दबाए बैठे ठेकेदारों में हलचल मच गई।
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आडिट टीम ने ईओ से दुरुपयोग की गई धनराशि को वसूले जाने की अनुशंसा की। इस मामले में अधिशाषी अधिकारी बीपी यादव ने बताया कि 80 लीटर डीजल लॉगबुक में न भरे जाने के मामले में जवाब तैयार किया जा रहा है। कहा कि कभी कभी उच्चाधिकारियों के आदेश पर डीजल खर्च करना पड़ता है जिनके बिल बाउचर बाद में लगाए जाते हैं।
संविदा कंप्यूटर आपरेटर को दोगुना मानदेय देने पर कहा कि लोनिवि के रेट पर ही रखे गए हैं। कहा कि जिस समय आपरेटरों की नियुक्ति हुई तब उन्हें प्रति माह 5 हजार रुपये ही देना था। अधिशाधी अधिकारी ने कहा कि पुराने ठेकों से 7,07,451 रुपये की वसूली की जानी है। इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वर्ष 2013-14 में टैंपो टैक्सी स्टैंड के ठेक ा नीलामी का एक लाख रुपये बकाया है। इसी तरह अन्य वर्षों 1977 में तहबाजारी के ठेकेदार पर 8,469 रुपये बकाया है। 1997-98 में तहबाजारी के ठेके पर 28 हजार, वर्ष 2000-01 में तहबाजारी के ठेके में 12,044 रुपये, वर्ष 2001-02 में दिए गए तहबाजारी ठेके में एक लाख रुपए, वर्ष 2003-04 में टैंपो टैक्सी स्टैंड के ठेके से 2.75 लाख, 2013-14 में टैंपो टैक्सी में एक लाख, पशुबधशाला के ठेके पर वर्ष 2004-05 का तीन हजार, मवेशीखाना में वर्ष 2004-05 का पांच हजार, 2005-06 में 23,100 रुपये व वर्ष 2006-07 का 14 हजार रुपया बकाया है।
मछली ठेके में 1981-82 का 1600 रुपये, 1991-92 का 3 हजार, 97-98 का एक हजार रुपया बकाया है। पालिका की दुकान नंबर-17 के किराएदार पर 188 महीने का 83,700 रुपया वसूला जाना है। इस सभी को आरसी जारी की जा चुकी है।