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चचेरे भाई की हत्या में उम्र कैद
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Mon, 30 Jan 2017 11:23 PM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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करीब 16 वर्ष पूर्व पैसों के लेन-देन के विवाद में चचेरे भाई की हत्या के मामले की सुनवाई सोमवार को हुई। मामले में ईसी एक्ट न्यायाधीश संजय यादव ने हत्यारोपी को दोषी पाए जाने पर उसे उम्र कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। घटना में शामिल दूसरे आरोपी की मुकदमा के दौरान मौत हो चुकी है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम न्यायालय (ईसी एक्ट) के शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि खन्ना कस्बा निवासी विजय सिंह उर्फ बाला सिंह 30 मई 2000 की सुबह करीब 7:30 बजे अपने पुत्र देवेंद्र, जसवंत व पुत्री बिल्लो के साथ मौदहा जाने के लिए कस्बा स्थित शिवचरन प्रजापति के
दुकान के पास खड़े होकर साधन का इंतजार कर रहे थे। तभी महोबा की ओर से आ रही बस में सवार चंद्रमौलि व उसके पिता रामआसरे बस उतरे। रामआसरे ने देवेंद्र को गोली मार दी। जिसमें देवेंद्र की मौके पर मौत हो गई थी। देवेंद्र व चंद्रमौलि दोनों चचेरे भाई हैं। दोनों ने मिलकर गांव बाहर ईट
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भट्ठा लगाया था। जिसमें मजूदरी के पैसों को लेकर दोनों में विवाद हो गया और इसी के चलते देवेंद्र की हत्या कर दी। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश संजय यादव ने आरोपी चंद्रमौलि को दोषी पाए जाने पर उसे उम्र व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। बताया कि दूसरे आरोपी रामआसरे की मुकदमे के विचरण के दौरान मौत हो गई थी।
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आवश्यक वस्तु अधिनियम न्यायालय (ईसी एक्ट) के शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि खन्ना कस्बा निवासी विजय सिंह उर्फ बाला सिंह 30 मई 2000 की सुबह करीब 7:30 बजे अपने पुत्र देवेंद्र, जसवंत व पुत्री बिल्लो के साथ मौदहा जाने के लिए कस्बा स्थित शिवचरन प्रजापति के
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दुकान के पास खड़े होकर साधन का इंतजार कर रहे थे। तभी महोबा की ओर से आ रही बस में सवार चंद्रमौलि व उसके पिता रामआसरे बस उतरे। रामआसरे ने देवेंद्र को गोली मार दी। जिसमें देवेंद्र की मौके पर मौत हो गई थी। देवेंद्र व चंद्रमौलि दोनों चचेरे भाई हैं। दोनों ने मिलकर गांव बाहर ईट
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भट्ठा लगाया था। जिसमें मजूदरी के पैसों को लेकर दोनों में विवाद हो गया और इसी के चलते देवेंद्र की हत्या कर दी। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश संजय यादव ने आरोपी चंद्रमौलि को दोषी पाए जाने पर उसे उम्र व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। बताया कि दूसरे आरोपी रामआसरे की मुकदमे के विचरण के दौरान मौत हो गई थी।