{"_id":"5c9d0a33bdec22141d19e983","slug":"21553795635-hamirpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन ने दो भाइयों की अवैध संपति कुर्क की","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रशासन ने दो भाइयों की अवैध संपति कुर्क की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राठ। आय से अधिक संपत्ति के मामले में डीएम अभिषेक प्रकाश के निर्देश पर प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ दीवानपुरा स्थित पूर्व सभासद अखिलेश यादव और उसके बड़े भाई उमेश यादव के घर कुर्की की कार्रवाई करते हुए मकानों को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से मोहल्ले के लोगों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। इस पर सीआरपीएफ ने पहुंच कर भीड़ को तितरबितर किया।
एसडीएम सुरेश कुमार, सीओ शुभ सूचित, कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला, मझगवां एसओ अखिलेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ गुरुवार शाम करीब पांच बजे दीवानपुरा मोहल्ला निवासी उमेश यादव और अखिलेश यादव के घर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने घर पहुंच कर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने कमरों में रखा सामान को निकलवाकर कुर्क कर दिया। प्रशासन जब मकान को सील करने के लिए परिजनों को घर से बाहर करने लगा उमेश यादव की मां और परिजन बिलख पड़ी।
जिससे सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई। देर शाम उमेश यादव के चरखारी रोड़ स्थित एक मकान को भी सीज कर दिया गया। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक के बगल में उमेश यादव की एक और अन्य संपत्ति को सीज किया गया है। इस कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मचा है। कार्रवाई के दौरान मौजूद लोग कहते दिखे कि जिस मकान को पुलिस सीज कर रही है वह संपत्ति उमेश के पिता की है। उस संपत्ति पर उमेश और अखिलेश का कोई अधिकार नहीं है। पुलिस प्रशासन और मोहल्ले के लोगों के बीच जमकर झड़पें हुईं।
विज्ञापन
उमेश यादव के घर पर हुई कार्रवाई से नाराज मोहल्ले के लोग पुलिस व प्रशासन से भिड़ गए और नारेबाजी की। मामला बिगड़ता देख अधिकारियों ने लोकसभा चुनाव के लिए आई केंद्रीय सुरक्षा बल की टुकड़ी को मौके पर बुला लिया। चेहरे पर काला कपड़ा बांधे और हथियारों से लैस सुरक्षा बलों ने पूरे मकान को घेर लिया। यह देख मोहल्ले के लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते सुरक्षा बलों ने मौके पर जमा भारी भीड़ को खदेड़ दिया। तब कहीं अधिकारी मकान को सीज कर सके। लोगों का कहना है कि यदि सीआरपीएफ मौके पर न आती तो शायद मोहल्ले के लोगों के विरोध के कारण पुलिस आसानी से कार्रवाई न कर पाती।
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर उमेश यादव और अखिलेश यादव के घर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान दोनों भाइयों ने किया बवाल, सीआरपीएफ ने भीड़ को भगाया
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
एसडीएम सुरेश कुमार, सीओ शुभ सूचित, कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला, मझगवां एसओ अखिलेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ गुरुवार शाम करीब पांच बजे दीवानपुरा मोहल्ला निवासी उमेश यादव और अखिलेश यादव के घर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने घर पहुंच कर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने कमरों में रखा सामान को निकलवाकर कुर्क कर दिया। प्रशासन जब मकान को सील करने के लिए परिजनों को घर से बाहर करने लगा उमेश यादव की मां और परिजन बिलख पड़ी।
विज्ञापन
जिससे सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई। देर शाम उमेश यादव के चरखारी रोड़ स्थित एक मकान को भी सीज कर दिया गया। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक के बगल में उमेश यादव की एक और अन्य संपत्ति को सीज किया गया है। इस कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मचा है। कार्रवाई के दौरान मौजूद लोग कहते दिखे कि जिस मकान को पुलिस सीज कर रही है वह संपत्ति उमेश के पिता की है। उस संपत्ति पर उमेश और अखिलेश का कोई अधिकार नहीं है। पुलिस प्रशासन और मोहल्ले के लोगों के बीच जमकर झड़पें हुईं।
विज्ञापन
उमेश यादव के घर पर हुई कार्रवाई से नाराज मोहल्ले के लोग पुलिस व प्रशासन से भिड़ गए और नारेबाजी की। मामला बिगड़ता देख अधिकारियों ने लोकसभा चुनाव के लिए आई केंद्रीय सुरक्षा बल की टुकड़ी को मौके पर बुला लिया। चेहरे पर काला कपड़ा बांधे और हथियारों से लैस सुरक्षा बलों ने पूरे मकान को घेर लिया। यह देख मोहल्ले के लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते सुरक्षा बलों ने मौके पर जमा भारी भीड़ को खदेड़ दिया। तब कहीं अधिकारी मकान को सीज कर सके। लोगों का कहना है कि यदि सीआरपीएफ मौके पर न आती तो शायद मोहल्ले के लोगों के विरोध के कारण पुलिस आसानी से कार्रवाई न कर पाती।
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर उमेश यादव और अखिलेश यादव के घर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान दोनों भाइयों ने किया बवाल, सीआरपीएफ ने भीड़ को भगाया
अमर उजाला ब्यूरो