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शिक्षक को सात साल की कैद
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:32 PM IST
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हमीरपुर। मुस्करा के परिषदीय स्कूल में करीब 11 वर्ष पूर्व शिक्षक की प्रताड़ना के चलते साथी ने आत्महत्या कर ली थी। मामले की सुनवाई सोमवार को अपर सत्र ईसीएक्ट शैलोज चंद्रा की अदालत में हुई। अदालत ने शिक्षक को दोषी पाते हुए सात साल की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया ने बताया मौदहा थानाक्षेत्र के अरतरा निवासी राजेंद्र प्रसाद दीक्षित का पुत्र सत्यप्रकाश मुस्करा कस्बे के आंबेडकर परिषदीय विद्यालय में अध्यापक था। वह विद्यालय प्रांगण में ही कमरे में रहकर बच्चों को कोचिंग भी पढ़ाता था।
उसी के साथ जयप्रकाश सोनी व सुभाष सोनी भी स्कूल में पढ़ाते थे। 14 मई 2007 को सुबह आठ बजे राजेंद्र प्रसाद दीक्षित का भतीजा टिंकू अपने चाचा सत्यप्रकाश के यहां कोचिंग पढ़ने गया था।
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सुबह नौ बजे जब टिंकू वापस घर जाने लगा तो रास्ते में उसे कस्बा निवासी शिक्षकरमाशंकर मिला। टिंकू से उसने सत्यप्रकाश से मिलने की बात कही तो वह भी उसके साथ चला गया। बताया स्कूल में दोनों अध्यापकों में विवाद हो गया।
जिसमें अध्यापक रमाशंकर ने सत्यप्रकाश से कहा कि वह कस्बे में नहीं रह पाएगा उसे बदनाम कर देगा। इसी के बाद सत्यप्रकाश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वादी ने अदालत के आदेश पर थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें पुलिस ने सुभाष सोनी व जयप्रकाश सोनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। उधर पुलिस की विवेचना के दौरान मृत शिक्षक के कमरे से मिली डायरी में पाया गया कि अध्यापक जयप्रकाश सोनी की प्रताड़ना से उसने आत्महत्या की है।
इसी आधार पर अदालत ने जयप्रकाश को दोषी पाया और सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
प्रताड़ना के चलते साथी शिक्षक ने फांसी लगाकर जान दी थी
दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
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शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया ने बताया मौदहा थानाक्षेत्र के अरतरा निवासी राजेंद्र प्रसाद दीक्षित का पुत्र सत्यप्रकाश मुस्करा कस्बे के आंबेडकर परिषदीय विद्यालय में अध्यापक था। वह विद्यालय प्रांगण में ही कमरे में रहकर बच्चों को कोचिंग भी पढ़ाता था।
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उसी के साथ जयप्रकाश सोनी व सुभाष सोनी भी स्कूल में पढ़ाते थे। 14 मई 2007 को सुबह आठ बजे राजेंद्र प्रसाद दीक्षित का भतीजा टिंकू अपने चाचा सत्यप्रकाश के यहां कोचिंग पढ़ने गया था।
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सुबह नौ बजे जब टिंकू वापस घर जाने लगा तो रास्ते में उसे कस्बा निवासी शिक्षकरमाशंकर मिला। टिंकू से उसने सत्यप्रकाश से मिलने की बात कही तो वह भी उसके साथ चला गया। बताया स्कूल में दोनों अध्यापकों में विवाद हो गया।
जिसमें अध्यापक रमाशंकर ने सत्यप्रकाश से कहा कि वह कस्बे में नहीं रह पाएगा उसे बदनाम कर देगा। इसी के बाद सत्यप्रकाश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वादी ने अदालत के आदेश पर थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें पुलिस ने सुभाष सोनी व जयप्रकाश सोनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। उधर पुलिस की विवेचना के दौरान मृत शिक्षक के कमरे से मिली डायरी में पाया गया कि अध्यापक जयप्रकाश सोनी की प्रताड़ना से उसने आत्महत्या की है।
इसी आधार पर अदालत ने जयप्रकाश को दोषी पाया और सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
प्रताड़ना के चलते साथी शिक्षक ने फांसी लगाकर जान दी थी
दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो