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अपर जिलाधिकारी के नाम पर लाखों की ठगी
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राठ। ऑनलाइन ठगी करने वालों ने एडीएम बनकर भूमि संरक्षण अधिकारी व उनके विभाग के दो कर्मचारियों को अपने झांसे में ले लिया। दोनों कर्मचारियों से गूगल-पे के माध्यम से एक लाख 82 हजार 799 रुपये की ठगी कर ली। जानकारी होने पर विभागीय अधिकारियों के होश उड़ गए। ठगी के शिकार कर्मचारियों ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए रुपये वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
नगर के जुलहटी मोहल्ला नई बस्ती निवासी कृष्ण देव यादव ने बताया वह भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात हैं। 8 अगस्त को भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक यादव का फोन आया। उन्होंने कहा अपर जिलाधिकारी का फोन आएगा। जिन्हें गूगल-पे पर कुछ धनराशि भेजनी है। कर्मचारी ने बताया कुछ देर बाद ही उनके पास एडीएम के नाम से एक फोन आया। फोन करने वाले ने उनका गूगल-पे नंबर लेकर कुछ लिंक भेजा और उन्हें इंस्टाल करने के तरीके बताए।
जिसके बाद उनके एसबीआई खाते से 45 हजार व इंडियन बैंक के खाते से 97799 रुपये निकल गए। कृष्णदेव ने बताया इसी प्रकार उनके सहयोगी मेहेरदीप सिंह के सेंट्रल बैंक के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। एडीएम बनकर फोन करने वाले ने यह पैसे वापस करने की बात कही थी। खातों से पैसे निकलवाने के बाद दोनों कर्मचारियों ने भूमि संरक्षण अधिकारी को बताया साहब को भुगतान कर दिया गया है।
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भुगतान के बाबत बताने के लिए भूमि संरक्षण अधिकारी ने एडीएम के नंबर पर बात की तब उन्हें ठगी की जानकारी हुई। वहीं भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक यादव ने कहा उनके पास अनजान नंबर से फोन आया था। जरूरी सरकारी काम में व्यस्त होने के चलते वह पड़ताल नहीं कर पाए और कर्मचारियों से बात करने को कह दिया। आम जनता के साथ इस तरह की ठगी आए दिन देखने को मिलती है। आला अधिकारी के नाम पर भूमि संरक्षण अधिकारी व उनके विभाग के कर्मचारियों का झांसे में आना चर्चा का विषय है। वहीं अधिकारियों के नाम पर ठगी का यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
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नगर के जुलहटी मोहल्ला नई बस्ती निवासी कृष्ण देव यादव ने बताया वह भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात हैं। 8 अगस्त को भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक यादव का फोन आया। उन्होंने कहा अपर जिलाधिकारी का फोन आएगा। जिन्हें गूगल-पे पर कुछ धनराशि भेजनी है। कर्मचारी ने बताया कुछ देर बाद ही उनके पास एडीएम के नाम से एक फोन आया। फोन करने वाले ने उनका गूगल-पे नंबर लेकर कुछ लिंक भेजा और उन्हें इंस्टाल करने के तरीके बताए।
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जिसके बाद उनके एसबीआई खाते से 45 हजार व इंडियन बैंक के खाते से 97799 रुपये निकल गए। कृष्णदेव ने बताया इसी प्रकार उनके सहयोगी मेहेरदीप सिंह के सेंट्रल बैंक के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। एडीएम बनकर फोन करने वाले ने यह पैसे वापस करने की बात कही थी। खातों से पैसे निकलवाने के बाद दोनों कर्मचारियों ने भूमि संरक्षण अधिकारी को बताया साहब को भुगतान कर दिया गया है।
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भुगतान के बाबत बताने के लिए भूमि संरक्षण अधिकारी ने एडीएम के नंबर पर बात की तब उन्हें ठगी की जानकारी हुई। वहीं भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक यादव ने कहा उनके पास अनजान नंबर से फोन आया था। जरूरी सरकारी काम में व्यस्त होने के चलते वह पड़ताल नहीं कर पाए और कर्मचारियों से बात करने को कह दिया। आम जनता के साथ इस तरह की ठगी आए दिन देखने को मिलती है। आला अधिकारी के नाम पर भूमि संरक्षण अधिकारी व उनके विभाग के कर्मचारियों का झांसे में आना चर्चा का विषय है। वहीं अधिकारियों के नाम पर ठगी का यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।