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कोरोना संक्रमित ई-संजीवनी एप से लें विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह
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हमीरपुर। होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित घर बैठे ई-संजीवनी एप से कोविड-19 विशेषज्ञ डॉक्टरों से संपर्क कर परामर्श ले रहे हैं। इससे जुड़ने के लिए आपको मोबाइल पर ई-संजीवनी एप को डाउनलोड करना होगा।
जनपद में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं। मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें होम आइसोलेशन में रखा जाता है। होम आइसोलेशन में रहने वालों को दवाओं की किट भी दी जा रही है, ई-संजीवनी एप के माध्यम से ऐसे संक्रमितों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की व्यवस्था भी की गई है।
सीएमओ डॉ. एके रावत ने बताया कि ई-संजीवनी एप कोरोना जैसे संकटकाल में संजीवनी का ही काम कर रहा है। अस्पताल की भीड़भाड़ से बचने के लिए लोग इस एप को अपने मोबाइल पर डाउन लोड कर कोरोना के साथ-साथ अन्य बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं। आशा, एएनएम और सीएचओ के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निगरानी समितियां भी अपने-अपने इलाके में भ्रमण कर कोरोना संक्रमित मरीजों और अन्य लोगों को एप डाउनलोड करवाकर जागरूक कर रही हैं। जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (डीसीपीएम) मंजरी गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन इस एप के माध्यम से 60 से 70 ओपीडी हो रही है।
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जनपद में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं। मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें होम आइसोलेशन में रखा जाता है। होम आइसोलेशन में रहने वालों को दवाओं की किट भी दी जा रही है, ई-संजीवनी एप के माध्यम से ऐसे संक्रमितों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की व्यवस्था भी की गई है।
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सीएमओ डॉ. एके रावत ने बताया कि ई-संजीवनी एप कोरोना जैसे संकटकाल में संजीवनी का ही काम कर रहा है। अस्पताल की भीड़भाड़ से बचने के लिए लोग इस एप को अपने मोबाइल पर डाउन लोड कर कोरोना के साथ-साथ अन्य बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं। आशा, एएनएम और सीएचओ के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निगरानी समितियां भी अपने-अपने इलाके में भ्रमण कर कोरोना संक्रमित मरीजों और अन्य लोगों को एप डाउनलोड करवाकर जागरूक कर रही हैं। जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (डीसीपीएम) मंजरी गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन इस एप के माध्यम से 60 से 70 ओपीडी हो रही है।
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