{"_id":"60e331908ebc3ebe0747001f","slug":"civic-nirikshan-hamirpur-news-hamirpur-news-knp6384410184","type":"story","status":"publish","title_hn":"डंप मौरंग का अधिकारियों ने किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डंप मौरंग का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर/मौदहा। जिले में करीब 28 कारोबारियों ने मौरंग डंप की है। करीब आठ लाख घन मीटर मौरंग डंप है। नदियों से खनन कार्य बंद होने पर बारिश में इन्हीं डंपों से मौरंग बाहरी जनपदों को भेजी जाएगी। मौरंग बिक्री को लेकर कारोबारियों की ओर से मांगी जा रही अनुमति के चलते अधिकारियों ने डंपों की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को सिसोलर क्षेत्र में पड़े डंपों की जांच में कमियां पाए जाने पर बिक्री की अनुमति नहीं दी गई।
मौदहा क्षेत्र में सिसोलर, भैंसमरी, भमई समेत अन्य गांवों में करीब छह से अधिक स्थानों पर मौरंग डंप है। सोमवार को उप जिलाधिकारी राजेश चौरसिया व खनिज अधिकारी केके राय ने आधा दर्जन से अधिक डंपों की नापजोख की। अधिकारियों की इस कार्रवाई से मौरंग डंप मालिकों में हड़कंप मचा है। सिसोलर के भुलसी, बक्छा गांव के निकट से होकर बहने वाली केन नदी से करीब छह मौरंग खदानें संचालित रहीं है। इन्हीं खदानों के पट्टाधारकों के साथ अन्य लोगों ने कई स्थानों पर मौरंग डंप की है।
खनिज अधिकारी केके राय ने बताया जिले में 28 मौरंग डंपों पर अनुमति है। इनमें करीब आठ लाख घनमीटर मौरंग डाली गई है। अभी बिक्री के लिए सिर्फ दो डंप संचालकों को अनुमति दी है। बताया बारिश में डंप मौरंग की बिक्री भी शुरू करने के लिए कारोबारी बिक्री की अनुमति मांग रहे हैं। बताया जांच में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, बोर्ड, तारफेंसिंग नहीं मिली है। इनसे दो दिनों के अंदर कमियां दूर करने को कहा गया है। उधर जिलाधिकारी ने बताया डंप मालिक ने बिना अनुमति या क्षमता से अधिक मौरंग का भंडारण किया है। उसके खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौदहा क्षेत्र में सिसोलर, भैंसमरी, भमई समेत अन्य गांवों में करीब छह से अधिक स्थानों पर मौरंग डंप है। सोमवार को उप जिलाधिकारी राजेश चौरसिया व खनिज अधिकारी केके राय ने आधा दर्जन से अधिक डंपों की नापजोख की। अधिकारियों की इस कार्रवाई से मौरंग डंप मालिकों में हड़कंप मचा है। सिसोलर के भुलसी, बक्छा गांव के निकट से होकर बहने वाली केन नदी से करीब छह मौरंग खदानें संचालित रहीं है। इन्हीं खदानों के पट्टाधारकों के साथ अन्य लोगों ने कई स्थानों पर मौरंग डंप की है।
विज्ञापन
खनिज अधिकारी केके राय ने बताया जिले में 28 मौरंग डंपों पर अनुमति है। इनमें करीब आठ लाख घनमीटर मौरंग डाली गई है। अभी बिक्री के लिए सिर्फ दो डंप संचालकों को अनुमति दी है। बताया बारिश में डंप मौरंग की बिक्री भी शुरू करने के लिए कारोबारी बिक्री की अनुमति मांग रहे हैं। बताया जांच में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, बोर्ड, तारफेंसिंग नहीं मिली है। इनसे दो दिनों के अंदर कमियां दूर करने को कहा गया है। उधर जिलाधिकारी ने बताया डंप मालिक ने बिना अनुमति या क्षमता से अधिक मौरंग का भंडारण किया है। उसके खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जाएगा।
विज्ञापन