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दूध संग्रह सेंटर से महिलाओं को मिली नई राह
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झांसी में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री से संवाद करती बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की डा?
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के जरिए डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से बुंदेलखंड के पांच जिलों में बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी ने गांव-गांव महिला समितियां बनाईं हैं। दूध संग्रह सेंटर जनवरी-2019 में खोलकर पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को एक नई राह दी है। अब दो साल बाद बलिनी संस्था एक अरब का व्यवसाय कर रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने का केंद्र व राज्य सरकार का सपना साकार होता नजर आ रहा है। जिसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन महिलाओं से सीधे वर्चुअल संवाद कर व्यवसाय में आ रही समस्याओं और सुधार का आश्वासन दिया है।
वर्चुअल आत्मनिर्भर नारी शक्ति संवाद में प्रधानमंत्री ने बलिनी की डायरेक्टर उमाकांती पाल से संवाद किया। जिसमें उमाकांती ने बताया वह सुमेरपुर ब्लाक की जय दुर्गे महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य व बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की डायरेक्टर हैं। उन्होंने बताया वह बीए, बीटीसी की शिक्षा ग्रहण की है। बताया बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी बुंदेलखंड के पांच जिलों हमीरपुर, बांदा, झांसी, जालौन, चित्रकूट के 601 गांवों में कार्य कर रही है। जिसमें 25 हजार महिला सदस्य हैं। 70 हजार लीटर दूध प्रतिदिन एकत्र किया जाता है। कंपनी की ओर से 110 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया गया है। जिसमें 100 करोड़ रुपये कंपनी के सदस्यों को उनके खाते में हस्तांतरित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री के पूछने पर बताया सरकार की ओर से सहायता मिल रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व नेशनल डेयरी डेवलपमेंट के अधिकारियों ने उन्हें इस कंपनी से जोड़ा है। प्रधानमंत्री के दुग्ध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जानकारी लेने पर बताया गांव-गांव उनके दुग्ध सेंटर हैं। जहां सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है। स्वयं सहायता समूहों की बहनों को जोड़ने के बारे प्रधानमंत्री के पूछने पर बताया समूह की बहनों के खाते में माह के तीन, 13 व 23 तारीख को भुगतान जाता है। प्रधानमंत्री ने बड़ी डेयरी अमूल को देखने संबंधी व्यवस्था करने के बारे में कहा। पशुओं की देखभाल के लिए प्रशिक्षण पर पूछा, जिसमें उन्होंने बताया इस प्रकार के कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री ने बताया खादी मिशन के जरिए शहद उत्पादन के लिए बॉक्स दिए जाते हैं। जिसके माध्यम से शहद उत्पादन कर अपना ब्रांड बनाकर आमदनी कर सकती हैं। जिस पर उमाकांती ने कहा वह लोग इस कार्य को मन से करेंगी। प्रधानमंत्री ने उमाकांती पाल के उत्साह की प्रशंसा करते हुए कहा बुंदेलखंड वीरांगनाओं की भूमि है। आप लोग सभी कार्य अच्छे प्रकार से कर सकती हैं। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह को निर्देश दिए कि उनके द्वारा जो संवाद किया गया है उन पर कार्य कराना सुनिश्चित करें। वहीं उमाकांती से कहा गुजरात आकर डेयरी का काम देखें। आने-जाने व रुकने की व्यवस्था सरकार कराएगी।
प्रधानमंत्री से बात होना कल्पना से परे : उमाकांती
वर्चुअल संवाद के तहत झांसी में प्रधानमंत्री से संवाद कर चुकीं बलिनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर उमाकांती पाल ने कहा, कभी कल्पना भी नहीं की थी कि हम जैसे दबे-कुचले लोग देश के प्रधानमंत्री से बात करेंगे। ये सब सोचकर एक सपने की तरह लग रहा है। आज जो कुछ भी हैं यह सब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की देन है। कहा उनके घर में खुद 45 लीटर दूध होता है। जो बलिनी डेयरी में जाता है। जिससे हर माह करीब 90 से 95 हजार रुपये आमदनी होती है। कहा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड व एनआरएलएम का बड़ा योगदान है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री ने जो कदम उठाए हैं। उसके लिए उनके पास शब्द नहीं है। बताया उन्हें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बनाया गया। वहीं अंजली को चेयरमैन पद पर नियुक्ति की है।
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वर्चुअल आत्मनिर्भर नारी शक्ति संवाद में प्रधानमंत्री ने बलिनी की डायरेक्टर उमाकांती पाल से संवाद किया। जिसमें उमाकांती ने बताया वह सुमेरपुर ब्लाक की जय दुर्गे महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य व बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की डायरेक्टर हैं। उन्होंने बताया वह बीए, बीटीसी की शिक्षा ग्रहण की है। बताया बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी बुंदेलखंड के पांच जिलों हमीरपुर, बांदा, झांसी, जालौन, चित्रकूट के 601 गांवों में कार्य कर रही है। जिसमें 25 हजार महिला सदस्य हैं। 70 हजार लीटर दूध प्रतिदिन एकत्र किया जाता है। कंपनी की ओर से 110 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया गया है। जिसमें 100 करोड़ रुपये कंपनी के सदस्यों को उनके खाते में हस्तांतरित किए गए हैं।
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प्रधानमंत्री के पूछने पर बताया सरकार की ओर से सहायता मिल रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व नेशनल डेयरी डेवलपमेंट के अधिकारियों ने उन्हें इस कंपनी से जोड़ा है। प्रधानमंत्री के दुग्ध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जानकारी लेने पर बताया गांव-गांव उनके दुग्ध सेंटर हैं। जहां सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है। स्वयं सहायता समूहों की बहनों को जोड़ने के बारे प्रधानमंत्री के पूछने पर बताया समूह की बहनों के खाते में माह के तीन, 13 व 23 तारीख को भुगतान जाता है। प्रधानमंत्री ने बड़ी डेयरी अमूल को देखने संबंधी व्यवस्था करने के बारे में कहा। पशुओं की देखभाल के लिए प्रशिक्षण पर पूछा, जिसमें उन्होंने बताया इस प्रकार के कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री ने बताया खादी मिशन के जरिए शहद उत्पादन के लिए बॉक्स दिए जाते हैं। जिसके माध्यम से शहद उत्पादन कर अपना ब्रांड बनाकर आमदनी कर सकती हैं। जिस पर उमाकांती ने कहा वह लोग इस कार्य को मन से करेंगी। प्रधानमंत्री ने उमाकांती पाल के उत्साह की प्रशंसा करते हुए कहा बुंदेलखंड वीरांगनाओं की भूमि है। आप लोग सभी कार्य अच्छे प्रकार से कर सकती हैं। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह को निर्देश दिए कि उनके द्वारा जो संवाद किया गया है उन पर कार्य कराना सुनिश्चित करें। वहीं उमाकांती से कहा गुजरात आकर डेयरी का काम देखें। आने-जाने व रुकने की व्यवस्था सरकार कराएगी।
प्रधानमंत्री से बात होना कल्पना से परे : उमाकांती
वर्चुअल संवाद के तहत झांसी में प्रधानमंत्री से संवाद कर चुकीं बलिनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर उमाकांती पाल ने कहा, कभी कल्पना भी नहीं की थी कि हम जैसे दबे-कुचले लोग देश के प्रधानमंत्री से बात करेंगे। ये सब सोचकर एक सपने की तरह लग रहा है। आज जो कुछ भी हैं यह सब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की देन है। कहा उनके घर में खुद 45 लीटर दूध होता है। जो बलिनी डेयरी में जाता है। जिससे हर माह करीब 90 से 95 हजार रुपये आमदनी होती है। कहा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड व एनआरएलएम का बड़ा योगदान है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री ने जो कदम उठाए हैं। उसके लिए उनके पास शब्द नहीं है। बताया उन्हें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बनाया गया। वहीं अंजली को चेयरमैन पद पर नियुक्ति की है।

झांसी में वर्चुअल संवाद में मौजूद बलिनी की डायरेक्टर उमाकांती पाल बाएं व साथ में बैठीं अंजली। सं?- फोटो : HAMIRPUR