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ओपीडी बंद होने से भटक रहे मरीज
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राठ। कोरोना संक्रमण के चलते शासन के निर्देश पर सीएचसी में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। जिससे उपचार के लिए आने वाले मरीज दिनभर भटकते हैं। मगर राहत इतनी है कि गंभीर रोगियों का इमरजेंसी में उपचार किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन ने लॉकडाउन किया है। तभी से सीएचसी में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। अस्पताल में गंभीर रोगियों का ही उपचार किया जाता है। वहीं सर्दी, जुकाम, बुखार समेत विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए प्राइवेट अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। सीएचसी में ऑक्सीजन के 16 सिलिंडर मौजूद हैं। प्रतिदिन करीब दो दर्जन लोगों को ऑक्सीजन की आवश्यकता हो रही है।
साप्ताहिक टीकाकरण कार्यक्रम ठप चल रहा है। टीकाकरण के लिए बुधवार व शनिवार का दिन निश्चित था। मगर तीन माह से प्रतिदिन टीकाकरण होने लगा था। नवजातों के लिए बीसीजी टीकाकरण हो रहा है। बाकी डेढ़ माह के ऊपर के बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं। टीका लगवाने के लिए प्रतिदिन दर्जनों लोग बच्चों को लेकर अस्पताल के चक्कर लगाते रहते हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी साहू ने कहा शासन के निर्देश पर ओपीडी सेवा बंद हैं।
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नगर के पठानपुरा निवासी जगमोहन सोनी ने बताया बीते एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित हैं। सीएचसी में दवा न मिलने पर प्राइवेट अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। कमजोरी महसूस होने पर सीएचसी आए थे। जहां डॉक्टर ने कोविड जांच की सलाह दी है।
औंता गांव निवासी तुलसीदास ने बताया सीएचसी में डीजिटल एक्सरे सुविधा उपलब्ध है। मगर वर्तमान समय में यह सेवा बंद है। जिससे मरीजों को इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। एक्सरे फिल्म उपलब्ध न होने से अधिक रेट पर बाहर एक्सरे कराने पड़ रहे हैं।
नगर के मुगलपुरा निवासी शारदा देवी ने बताया डेढ़ माह के बच्चे को टीका लगवाना है। तीन बार अस्पताल के चक्कर लगाने के बाद भी टीका नहीं लगा है। अस्पताल में टीकाकरण की सही जानकारी भी नहीं दी जा रही। टीका न लगने से बच्चों को बीमारियों का खतरा है।
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कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन ने लॉकडाउन किया है। तभी से सीएचसी में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। अस्पताल में गंभीर रोगियों का ही उपचार किया जाता है। वहीं सर्दी, जुकाम, बुखार समेत विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए प्राइवेट अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। सीएचसी में ऑक्सीजन के 16 सिलिंडर मौजूद हैं। प्रतिदिन करीब दो दर्जन लोगों को ऑक्सीजन की आवश्यकता हो रही है।
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साप्ताहिक टीकाकरण कार्यक्रम ठप चल रहा है। टीकाकरण के लिए बुधवार व शनिवार का दिन निश्चित था। मगर तीन माह से प्रतिदिन टीकाकरण होने लगा था। नवजातों के लिए बीसीजी टीकाकरण हो रहा है। बाकी डेढ़ माह के ऊपर के बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं। टीका लगवाने के लिए प्रतिदिन दर्जनों लोग बच्चों को लेकर अस्पताल के चक्कर लगाते रहते हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी साहू ने कहा शासन के निर्देश पर ओपीडी सेवा बंद हैं।
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नगर के पठानपुरा निवासी जगमोहन सोनी ने बताया बीते एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित हैं। सीएचसी में दवा न मिलने पर प्राइवेट अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। कमजोरी महसूस होने पर सीएचसी आए थे। जहां डॉक्टर ने कोविड जांच की सलाह दी है।
औंता गांव निवासी तुलसीदास ने बताया सीएचसी में डीजिटल एक्सरे सुविधा उपलब्ध है। मगर वर्तमान समय में यह सेवा बंद है। जिससे मरीजों को इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। एक्सरे फिल्म उपलब्ध न होने से अधिक रेट पर बाहर एक्सरे कराने पड़ रहे हैं।
नगर के मुगलपुरा निवासी शारदा देवी ने बताया डेढ़ माह के बच्चे को टीका लगवाना है। तीन बार अस्पताल के चक्कर लगाने के बाद भी टीका नहीं लगा है। अस्पताल में टीकाकरण की सही जानकारी भी नहीं दी जा रही। टीका न लगने से बच्चों को बीमारियों का खतरा है।