{"_id":"626c35c6f8b14f61243ca73d","slug":"civic-hamirpur-news-knp6940502195","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी की समस्या पर ग्रामीणों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी की समस्या पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
विज्ञापन
राठ के टूंका गांव में खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : HAMIRPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राठ। क्षेत्र के टूंका गांव में छह माह से पाइप लाइन सूखी पड़ी है। पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों ने नारेबाजी कर पेयजल आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि आठ साल पूर्व गांव में पेयजल के लिए टंकी बनी थी। टंकी द्वारा पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति शुरू हुई थी। छह माह से उक्त लाइनों में पानी नहीं आ रहा। 10 में से आठ हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। दो सही हैं उनमें दिन भर ग्रामीणों की लाइन लगी रहती है। गांव में दो तालाब हैं वह भी सूखे पड़े हैं।
नहर के सहारे मवेशियों की प्यास बुझाई जा रही है। नहर सूखने के बाद मवेशियों की आफत होगी। शुक्रवार को ग्रामीणों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया। समस्या का निदान न होने पर राठ तहसील में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
इस अवसर पर जितेंद्र सिंह, हरिपाल, हरीसिंह, नदीम खान, जसीराम, टीकाराम, नरेश, वंशीधर, मनोहर, बालादीन, गोकुल, मुन्ना ठाकुर, प्रकाश, प्रेम, किशोरी लाल, पूरन सिंह, रामसखी, भोरकली, कामता, परवाना, आसमी, विलकेश, सुमित रानी, जनक, बृजकुमारी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि आठ साल पूर्व गांव में पेयजल के लिए टंकी बनी थी। टंकी द्वारा पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति शुरू हुई थी। छह माह से उक्त लाइनों में पानी नहीं आ रहा। 10 में से आठ हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। दो सही हैं उनमें दिन भर ग्रामीणों की लाइन लगी रहती है। गांव में दो तालाब हैं वह भी सूखे पड़े हैं।
विज्ञापन
नहर के सहारे मवेशियों की प्यास बुझाई जा रही है। नहर सूखने के बाद मवेशियों की आफत होगी। शुक्रवार को ग्रामीणों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया। समस्या का निदान न होने पर राठ तहसील में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
इस अवसर पर जितेंद्र सिंह, हरिपाल, हरीसिंह, नदीम खान, जसीराम, टीकाराम, नरेश, वंशीधर, मनोहर, बालादीन, गोकुल, मुन्ना ठाकुर, प्रकाश, प्रेम, किशोरी लाल, पूरन सिंह, रामसखी, भोरकली, कामता, परवाना, आसमी, विलकेश, सुमित रानी, जनक, बृजकुमारी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।