{"_id":"62546fa222cd832a833ea6d1","slug":"civic-hamirpur-news-knp690659260","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसमान से बरस रही आग, पारा 44","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसमान से बरस रही आग, पारा 44
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। अप्रैल माह के शुरुआती दस दिनों में ही मौसम ने अपने सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान 44 डिग्री पर अटका है। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन को भी प्रभावित कर रखा है। तापमान बढ़ने की वजह मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इस वक्त सबसे ज्यादा ऐसे मरीज हैं, जो पारा चढ़ने की वजह से बीमार हुए हैं। इनमें गर्मी की वजह से बीमार होने वालों की संख्या अच्छी-खासी है। जिस तरीके से गरम हवाएं चल रही हैं और चिलचिलाती धूप असर दिखा रहा है। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में 668 मरीजों के रजिस्ट्रेशन हुए।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.आरएस प्रजापति बताया कि 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के चलते अगर शरीर में पानी की कमी होती है और देर तक बनी रहती है तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। गर्मी की वजह से लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो रहे हैं। लू से बचने के लिए कभी भी खाली पेट बाहर न निकलें। हाइड्रेट रहें और जहां तक हो सके खुद को ढककर ही धूप में जाएं।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आशुतोष निरंजन ने बताया कि बच्चों में इस मौसम में डायरिया की शिकायत ज्यादा हो रही है। बच्चों को भी मौसम से बचाना है। उन्हें पूरी बांह के सूती कपड़े पहनाएं। जरूरी होने पर बाहर निकालें। सिर पर कैप लगाएं। खानपान में सावधानी बरतें।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में इस वक्त सबसे ज्यादा ऐसे मरीज हैं, जो पारा चढ़ने की वजह से बीमार हुए हैं। इनमें गर्मी की वजह से बीमार होने वालों की संख्या अच्छी-खासी है। जिस तरीके से गरम हवाएं चल रही हैं और चिलचिलाती धूप असर दिखा रहा है। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में 668 मरीजों के रजिस्ट्रेशन हुए।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.आरएस प्रजापति बताया कि 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के चलते अगर शरीर में पानी की कमी होती है और देर तक बनी रहती है तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। गर्मी की वजह से लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो रहे हैं। लू से बचने के लिए कभी भी खाली पेट बाहर न निकलें। हाइड्रेट रहें और जहां तक हो सके खुद को ढककर ही धूप में जाएं।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आशुतोष निरंजन ने बताया कि बच्चों में इस मौसम में डायरिया की शिकायत ज्यादा हो रही है। बच्चों को भी मौसम से बचाना है। उन्हें पूरी बांह के सूती कपड़े पहनाएं। जरूरी होने पर बाहर निकालें। सिर पर कैप लगाएं। खानपान में सावधानी बरतें।