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शौचालयों पर पड़े ताले, शौच के लाले
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देवगांव के सामुदायिक शौचालय में पड़ा ताला।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। ज्यादातर सामुदायिक शौचालयों पर ताले पड़े हैं। हालांकि कागजों में महिला समूह इनकी देखरेख कर रहे हैं। 310 शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी संभाले समूह तीन माह का 83 लाख 70 हजार रुपये का भुगतान पा चुके हैं। हर माह 29 लाख रुपये का भुगतान हो रहा है।
छह यूनिट शौचालय की लागत सात लाख 45 हजार निर्धारित है। 46 गांवों में बने इन शौचालयों में तीन करोड़ 42 लाख 70 हजार खर्च हुए हैं। छह लाख 69 हजार की लागत से चार यूनिट के 284 सामुदायिक शौचालयों में 18 करोड़ 99 लाख 96 हजार रुपये खर्च आया है। कुल 22 करोड़ 42 लाख 66 हजार खर्च होने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं।
पंचायती राज विभाग के अनुसार 325 सामुदायिक शौचालय संचालित हो रहे हैं। इनमें ब्लाक मुस्करा में दो, सरीला, सुमेरपुर व कुरारा में एक-एक शौचालय निर्माणाधीन हैं।
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देवगांव निवासी कैलाश ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों के खुलने का समय सुबह पांच से दोपहर 12 बजे तक व शाम चार से रात आठ बजे तक निर्धारित है। एक माह से पंप की मोटर खराब है। सुबह एक घंटे के लिए शौचालय खोला जाता है। पूरे दिन ताला पड़ा रहता है। बड़ागांव निवासी अशोक ने बताया कि शुरुआत में सुबह शाम एक-एक घंटे के लिए शौचालय खोला जाता था। इधर एक माह से शौचालय का ताला नहीं खुला है। इससे लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। सिमनौड़ी निवासी ग्राम पंचायत सदस्य रामकिशुन यादव ने बताया कि विद्यालय के पास शौचालय है। अभी तक इसे संचालित नहीं किया गया है।
जिले के 325 सामुदायिक शौचालय संचालित करा दिए गए हैं। पांच जगहों पर थोड़ा काम बचा है। इन्हें जल्द चालू करा दिया जाएगा। 310 महिला समूहों को तीन माह का भुगतान किया जा चुका है। जहां भी ताले पड़े हैं जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-राजेंद्र प्रकाश, डीपीआरओ
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छह यूनिट शौचालय की लागत सात लाख 45 हजार निर्धारित है। 46 गांवों में बने इन शौचालयों में तीन करोड़ 42 लाख 70 हजार खर्च हुए हैं। छह लाख 69 हजार की लागत से चार यूनिट के 284 सामुदायिक शौचालयों में 18 करोड़ 99 लाख 96 हजार रुपये खर्च आया है। कुल 22 करोड़ 42 लाख 66 हजार खर्च होने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं।
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पंचायती राज विभाग के अनुसार 325 सामुदायिक शौचालय संचालित हो रहे हैं। इनमें ब्लाक मुस्करा में दो, सरीला, सुमेरपुर व कुरारा में एक-एक शौचालय निर्माणाधीन हैं।
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देवगांव निवासी कैलाश ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों के खुलने का समय सुबह पांच से दोपहर 12 बजे तक व शाम चार से रात आठ बजे तक निर्धारित है। एक माह से पंप की मोटर खराब है। सुबह एक घंटे के लिए शौचालय खोला जाता है। पूरे दिन ताला पड़ा रहता है। बड़ागांव निवासी अशोक ने बताया कि शुरुआत में सुबह शाम एक-एक घंटे के लिए शौचालय खोला जाता था। इधर एक माह से शौचालय का ताला नहीं खुला है। इससे लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। सिमनौड़ी निवासी ग्राम पंचायत सदस्य रामकिशुन यादव ने बताया कि विद्यालय के पास शौचालय है। अभी तक इसे संचालित नहीं किया गया है।
जिले के 325 सामुदायिक शौचालय संचालित करा दिए गए हैं। पांच जगहों पर थोड़ा काम बचा है। इन्हें जल्द चालू करा दिया जाएगा। 310 महिला समूहों को तीन माह का भुगतान किया जा चुका है। जहां भी ताले पड़े हैं जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-राजेंद्र प्रकाश, डीपीआरओ