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कपसा गांव में पानी का संकट गहराया, ग्रामीणों को (वाटर लाइन) पेयजल योजना का नहीं मिल रहा लाभ
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कपसा गावं में कुएं से पानी भरते ग्रामीण।
- फोटो : HAMIRPUR
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मौदहा। कपसा गांव के लोगों का पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो सका है। काफी प्रयासों के बाद भी अब तक पाइप लाइन से शुद्ध पानी नहीं मिल सका है। गांव से दो किमी दूर स्थित एक कुंआ ही लोगों के लिए पानी का सहारा था। वह भी सूख चुका है। अब सूखे कुएं में पानी की पाइप डालकर ग्रामीण जुगाड़ से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे है।
विश्व बैंक की सहायता से केन नदी से खंडेह पेयजल योजना के नाम से बनी योजना से कपसा, गुसियारी, फतेपुरवा, जिगनौड़ा, इचौली, नायकपुरवा आदि गांव को पानी दिया जाना था। यह योजना फेल हो गई। इसके 18 साल बाद कपसा, गुसियारी व फतेपुर गांव के लिए सिजवाही में तीन नलकूपों की स्थापना कर यहां से पानी आपूर्ति के लिए पानी की टंकी बनाई गई थी।
करोड़ों रुपये बर्बाद करने के बाद भी किसी गांव को भी पानी नही मिला। इसके बाद इन गांव में एकल योजना बनाई गई। इससे खंडेह व इचौली में तो कुछ पानी मुहैया हो रहा है, लेकिन कपसा की योजना दो वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक संचालित नहीं हो सकी। कपसा गांव प्रधान चंद्रभान सिंह ने बताया इस गांव के लिए 3 करोड 5 लाख की योजना 2017-18 के वित्तीय वर्ष में स्वीकृति की गई थी।
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पैसा भी निर्गत किया जा चुका था। इसके लिए जल निगम ने गांव के निकट दो नलकूप खुदवाएं। खारा व कम पानी होने की वजह से असफल हो गए। इसके बाद अब सिजवाही के निकट दो नलकूप स्थापित किए गए है। अवर अभियंता राम रतन ने बताया पूर्व में सिजवाही से जो पाइप लाइन कपसा के लिए डाली गई थी। उससे कपसा गांव के लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा था, लेकिन गांव के बाहर तक पानी की आपूर्ति हो रही थी।
इसकी वजह से गांव के बाहर ही एक पुराने कुएं में गांव प्रधान ने इस पाइप लाइन का कनेक्शन डाला था और उसी से अब पानी भरा जा रहा है। अवर अभियंता ने बताया पेयजल योजना में दो नलकूप तैयार किए गए हैं। लेकिन इनमें नीचे पत्थर पड़ने पर उन्हें काटने के लिए ड्रिल मशीन बुलाई गई है। कपसा में पानी की टंकी बननी है। जिसमें अभी 5 माह का समय और लगेगा।
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विश्व बैंक की सहायता से केन नदी से खंडेह पेयजल योजना के नाम से बनी योजना से कपसा, गुसियारी, फतेपुरवा, जिगनौड़ा, इचौली, नायकपुरवा आदि गांव को पानी दिया जाना था। यह योजना फेल हो गई। इसके 18 साल बाद कपसा, गुसियारी व फतेपुर गांव के लिए सिजवाही में तीन नलकूपों की स्थापना कर यहां से पानी आपूर्ति के लिए पानी की टंकी बनाई गई थी।
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करोड़ों रुपये बर्बाद करने के बाद भी किसी गांव को भी पानी नही मिला। इसके बाद इन गांव में एकल योजना बनाई गई। इससे खंडेह व इचौली में तो कुछ पानी मुहैया हो रहा है, लेकिन कपसा की योजना दो वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक संचालित नहीं हो सकी। कपसा गांव प्रधान चंद्रभान सिंह ने बताया इस गांव के लिए 3 करोड 5 लाख की योजना 2017-18 के वित्तीय वर्ष में स्वीकृति की गई थी।
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पैसा भी निर्गत किया जा चुका था। इसके लिए जल निगम ने गांव के निकट दो नलकूप खुदवाएं। खारा व कम पानी होने की वजह से असफल हो गए। इसके बाद अब सिजवाही के निकट दो नलकूप स्थापित किए गए है। अवर अभियंता राम रतन ने बताया पूर्व में सिजवाही से जो पाइप लाइन कपसा के लिए डाली गई थी। उससे कपसा गांव के लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा था, लेकिन गांव के बाहर तक पानी की आपूर्ति हो रही थी।
इसकी वजह से गांव के बाहर ही एक पुराने कुएं में गांव प्रधान ने इस पाइप लाइन का कनेक्शन डाला था और उसी से अब पानी भरा जा रहा है। अवर अभियंता ने बताया पेयजल योजना में दो नलकूप तैयार किए गए हैं। लेकिन इनमें नीचे पत्थर पड़ने पर उन्हें काटने के लिए ड्रिल मशीन बुलाई गई है। कपसा में पानी की टंकी बननी है। जिसमें अभी 5 माह का समय और लगेगा।

कपसा गांव में साइकिल से पानी लाते ग्रामीण।- फोटो : HAMIRPUR