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होमगार्डों की ड्यूटी अब ऑनलाइन
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हमीरपुर। होमगार्ड की ड्यूटी का मस्टररोल अब ऑनलाइन होगा। दिसंबर से ड्यूूटी ऑनलाइन लगेगी। इसके लिए सभी को यूजर आईडी और पासवर्ड दे दिए गए हैं। वहीं गैरहाजिर होमगार्ड के मोबाइल पर गैरहाजिरी का मैसेज भी पहुंचेगा। इस व्यवस्था के तहत साफ्टवेयर पर अपडेट करना होगा कि जिन होमगार्ड की ड्यूटी लगी है। उसमें से कितने हाजिर हैं और कितने गैरहाजिर।
साफ्टवेयर में गैरहाजिर पर क्लिक होते ही होमगार्डों के मोबाइल पर मैसेज पहुंच जाएगा। अगर होमगार्ड ड्यूटी कर रहा है और साफ्टवेयर ने गैरहाजिर कर दिया है तो इसे दुरुस्त कराने के लिए होमगार्ड को समय दिया जाएगा। होमगार्डों की भी उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमीट्रिक, आधार या लोकेशन बेस विकल्प दिया जाएगा। ऐसे में तैनाती स्थल से ही लोकेशन के बारे में भी सही जानकारी मिल सकेगी।
जिले मेें 663 होमगार्ड की ड्यूटी दिसंबर से ऑनलाइन करने की तैयारी है। अभी वर्तमान में होमगार्डों की थानों से लेकर चौराहों, कार्यालय व अन्य स्थानों पर ड्यूटी लगाई जाती है। बीते दिनों होमगार्ड ड्यूटी में घोटाला उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया था। आननफानन में जांच के दौरान सभी की ड्यूटी ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी गई थी। कई जिलों में इस मस्टररोल को ऑनलाइन कर दिया गया है।
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मस्टररोल पर हाजिरी के अलावा लोकेशन पर आधारित हाजिरी ऑनलाइन कर दी गई है। इसके लिए मोबाइल एप, बायोमीट्रिक उपस्थिति आदि विकल्प का प्रयोग किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से होमगार्डों की ड्यूटी करने में सहूलियत होगी और उनकी ड्यूटी लगाने में पार दर्शिता बरती जाएगी। इससे उपस्थिति और ड्यूटी कहां लगाई गई है। इसके बारे में भी अधिकारियों को पता चल सकेगा।
थानाध्यक्ष के फीड किए गए डाटा के आधार पर बनेगा मानदेय
थानों में ड्यूटी के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। इसमें थानाध्यक्ष की ओर से जो डाटा फीड किया जाएगा, उसी के अनुसार होमगार्डों का मानदेय बनेगा। वहीं थाने में थानेदार को जो यूजर आईडी दी जाएगी उस पर केवल उसी के क्षेत्र की ड्यूटी दिखेगी। जबकि एसपी स्तर पर दी जाने वाली यूजर आईडी और पासवर्ड पर पूरे जिले में किस थाने पर कितने होमगार्ड लगे हैं और कितने अनुपस्थित हैं, आदि सूचना तत्काल मिल जाएगी। इस सेवा को सीसीटीएनएस के साथ होमगार्ड के लिए भी समानांतर तरीके से चलाया जाएगा। महीने के अंत में थानाध्यक्ष जो डाटा फीड करेंगे उसी के अनुसार होमगार्डों का मानदेय बनेगा।
अभी ऐसे लगती है ड्यूटी
जिला कमांडेंट कार्यालय में ड्यूटी की मूल प्रति जमा की जाती है। कमांडेंट ड्यूटी का आवंटन करते हैं। लेकिन उनके पास इस बात का लेखा जोखा नहीं रहता है कि जवान ड्यूटी पर गया है या नहीं। ऐसे में इस कमजोर व्यवस्था का लाभ उठाकर गड़बड़ी कर दी जाती है। ड्यूटी पर जाने वाले होमगार्डों की थानों की जीडी में ड्यूटी के पहले दिन की एंट्री होती है। उसके बाद कब तक ड्यूटी की, कहां ड्यूटी की, इसका कोई हिसाब नहीं होता है। अब व्यवस्था ऑनलाइन होने के बाद ड्यूटी में होने वाली गड़बड़ी दूर हो जाएगी।
ड्यूटी की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन शुरू हो गई है। सभी होमगार्डों को यूजर आईडी व पासवार्ड देकर ऑनलाइन हाजिरी शुरू हो गई है। इसमें लंबे समय से काम चल रहा था। दिसंबर तक मस्टररोल को भी ऑनलाइन शुरू कर दिया जाएगा। ऑनलाइन व्यवस्था के बाद विभाग को फायदा होगा। - राजेश कुमार, सहायक जिला कमांडेट
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साफ्टवेयर में गैरहाजिर पर क्लिक होते ही होमगार्डों के मोबाइल पर मैसेज पहुंच जाएगा। अगर होमगार्ड ड्यूटी कर रहा है और साफ्टवेयर ने गैरहाजिर कर दिया है तो इसे दुरुस्त कराने के लिए होमगार्ड को समय दिया जाएगा। होमगार्डों की भी उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमीट्रिक, आधार या लोकेशन बेस विकल्प दिया जाएगा। ऐसे में तैनाती स्थल से ही लोकेशन के बारे में भी सही जानकारी मिल सकेगी।
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जिले मेें 663 होमगार्ड की ड्यूटी दिसंबर से ऑनलाइन करने की तैयारी है। अभी वर्तमान में होमगार्डों की थानों से लेकर चौराहों, कार्यालय व अन्य स्थानों पर ड्यूटी लगाई जाती है। बीते दिनों होमगार्ड ड्यूटी में घोटाला उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया था। आननफानन में जांच के दौरान सभी की ड्यूटी ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी गई थी। कई जिलों में इस मस्टररोल को ऑनलाइन कर दिया गया है।
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मस्टररोल पर हाजिरी के अलावा लोकेशन पर आधारित हाजिरी ऑनलाइन कर दी गई है। इसके लिए मोबाइल एप, बायोमीट्रिक उपस्थिति आदि विकल्प का प्रयोग किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से होमगार्डों की ड्यूटी करने में सहूलियत होगी और उनकी ड्यूटी लगाने में पार दर्शिता बरती जाएगी। इससे उपस्थिति और ड्यूटी कहां लगाई गई है। इसके बारे में भी अधिकारियों को पता चल सकेगा।
थानाध्यक्ष के फीड किए गए डाटा के आधार पर बनेगा मानदेय
थानों में ड्यूटी के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। इसमें थानाध्यक्ष की ओर से जो डाटा फीड किया जाएगा, उसी के अनुसार होमगार्डों का मानदेय बनेगा। वहीं थाने में थानेदार को जो यूजर आईडी दी जाएगी उस पर केवल उसी के क्षेत्र की ड्यूटी दिखेगी। जबकि एसपी स्तर पर दी जाने वाली यूजर आईडी और पासवर्ड पर पूरे जिले में किस थाने पर कितने होमगार्ड लगे हैं और कितने अनुपस्थित हैं, आदि सूचना तत्काल मिल जाएगी। इस सेवा को सीसीटीएनएस के साथ होमगार्ड के लिए भी समानांतर तरीके से चलाया जाएगा। महीने के अंत में थानाध्यक्ष जो डाटा फीड करेंगे उसी के अनुसार होमगार्डों का मानदेय बनेगा।
अभी ऐसे लगती है ड्यूटी
जिला कमांडेंट कार्यालय में ड्यूटी की मूल प्रति जमा की जाती है। कमांडेंट ड्यूटी का आवंटन करते हैं। लेकिन उनके पास इस बात का लेखा जोखा नहीं रहता है कि जवान ड्यूटी पर गया है या नहीं। ऐसे में इस कमजोर व्यवस्था का लाभ उठाकर गड़बड़ी कर दी जाती है। ड्यूटी पर जाने वाले होमगार्डों की थानों की जीडी में ड्यूटी के पहले दिन की एंट्री होती है। उसके बाद कब तक ड्यूटी की, कहां ड्यूटी की, इसका कोई हिसाब नहीं होता है। अब व्यवस्था ऑनलाइन होने के बाद ड्यूटी में होने वाली गड़बड़ी दूर हो जाएगी।
ड्यूटी की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन शुरू हो गई है। सभी होमगार्डों को यूजर आईडी व पासवार्ड देकर ऑनलाइन हाजिरी शुरू हो गई है। इसमें लंबे समय से काम चल रहा था। दिसंबर तक मस्टररोल को भी ऑनलाइन शुरू कर दिया जाएगा। ऑनलाइन व्यवस्था के बाद विभाग को फायदा होगा। - राजेश कुमार, सहायक जिला कमांडेट