{"_id":"6956bf4bc181c1a1f90aeb3d","slug":"cattle-are-forced-to-eat-dry-fodder-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-134315-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: गोवंश सूखा भूसा खाने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: गोवंश सूखा भूसा खाने को मजबूर
Fri, 02 Jan 2026 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। मौजूदा समय जिले भर में भीषण ठंड का प्रकोप है। ऐसे में गाेशालाओं में संरक्षित गोवंश को ठंड से बचाने के इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार इन गोवंशों को सूखा भूसा खिला रहे हैं। इससे ये गाेवंश बीमार होकर दम तोड़ने को मजबूर हैं।
गोसेवा समिति की उपाध्यक्ष प्रियंका सक्सेना ने सरीला क्षेत्र की गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गोशालाओं में तमाम खामियां मिलीं। इसपर उन्होंने एसडीएम को बुलाकर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं।
जिले में कुल 331 पशु आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें 39,437 मवेशी संरक्षित होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, इनके भरण-पोषण में बीते तीन माह में 11 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की गई है। इसके बाद भी इन गोवंशों को भरपेट भूसा-चारा नहीं मिल रहा है। सूखा भूसा खाकर ये गोवंश बीमार होकर असमय मौत के गाल में समा रहे हैं। इनके अलावा आठ हजार से अधिक गोवंश लोगों को गोद दिए गए हैं। ताकि उनकी देखभाल ठीक से हो सके और वे अन्ना न घूम सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोसेवा समिति की उपाध्यक्ष प्रियंका सक्सेना ने सरीला क्षेत्र की गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गोशालाओं में तमाम खामियां मिलीं। इसपर उन्होंने एसडीएम को बुलाकर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
जिले में कुल 331 पशु आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें 39,437 मवेशी संरक्षित होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, इनके भरण-पोषण में बीते तीन माह में 11 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की गई है। इसके बाद भी इन गोवंशों को भरपेट भूसा-चारा नहीं मिल रहा है। सूखा भूसा खाकर ये गोवंश बीमार होकर असमय मौत के गाल में समा रहे हैं। इनके अलावा आठ हजार से अधिक गोवंश लोगों को गोद दिए गए हैं। ताकि उनकी देखभाल ठीक से हो सके और वे अन्ना न घूम सकें।
विज्ञापन