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Hamirpur News: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में दलाल सक्रिय, लाभार्थी हो रहे ठगी का शिकार
Tue, 07 Nov 2023 10:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 07 Nov 2023 10:48 PM IST
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हमीरपुर। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की सही जानकारी न होने के चलते लाभार्थी दलालों के चक्कर में पड़कर ठगी का शिकार हो रहे हैं। यह बात हम नहीं खुद विभाग के जिम्मेदार कह रहे हैं। योजना के तहत जिले भर में कुल 379 बच्चों को ढाई हजार व चार हजार रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। इसका लाभ अनाथ व माता-पिता में किसी एक की मृत्यु के बाद दिया जाता है।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत जुलाई 2021 में द्वितीय कोरोना संक्रमण काल के दौरान शुरू हुई थी। योजना के तहत कोविड- 19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता व संरक्षकों को खोने वाले बच्चों के पालन- पोषण, शिक्षा व संरक्षण का जिम्मा सरकार ने उठाया है।
जिसके तहत इस योजना के लाभार्थी कुल 46 नौनिहालों को चार हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। वहीं सामान्य लाभार्थी बच्चों को ढाई हजार पेंशन प्रतिमाह मिलती है। जब तब बालक-बालिका 18 वर्ष के नहीं हो जाएंगे। इसके अलावा भी उन्हें अन्य सहायता दी जाएगी, जैसे अटल आवास योजना के तहत बने भवनों में यदि वह पढ़ाई करना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी सुविधा दी जाएगी। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में पढ़ने की सुविधा दी जाएगी।
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ढाई हजार की आर्थिक सहायता बच्चों के खाते में भेजी जाती है। इसमें बच्चों के नामित संरक्षक अभिभावक ही रुपये की निकासी कर सकते हैं। इससे इनके जीवन में नए उत्साह, उमंग का संचार हुआ है।
दलाल कर रहे ठगी
बाल संरक्षण अधिकारी दीप्ति अग्निहोत्री कहती हैं कि जिले में 333 बच्चे सामान्य श्रेणी के व कोविड महामारी के 46 बच्चों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। बताया कि अज्ञानता के चलते लोग दलालों के चक्कर में पड़ जाते हैं। जो इनसे सुविधा शुल्क के नाम पर ठगी करते हैं। ऐसे दो तीन मामले उनके सामने आए हैं। जिस पर उन्हें बताया गया कि किसी को भी एक पैसा इस काम के लिए नहीं देना है। कहा कि कोविड लाभार्थी बच्चों का बजट आ गया है। जिसे जल्द ही उनके खातों में भेजा जाएगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने बताया अभी तक मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिले में कुल 379 बच्चों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसमें शासन से कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं है। जितने भी आवेदन आते हैं। उनका भौतिक सत्यापन कर शासन को भेज दिए जाते हैं। कहा कि योजना ऑफलाइन होने के चलते रैकिंग की अभी कोई जानकारी नहीं है।
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मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत जुलाई 2021 में द्वितीय कोरोना संक्रमण काल के दौरान शुरू हुई थी। योजना के तहत कोविड- 19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता व संरक्षकों को खोने वाले बच्चों के पालन- पोषण, शिक्षा व संरक्षण का जिम्मा सरकार ने उठाया है।
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जिसके तहत इस योजना के लाभार्थी कुल 46 नौनिहालों को चार हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। वहीं सामान्य लाभार्थी बच्चों को ढाई हजार पेंशन प्रतिमाह मिलती है। जब तब बालक-बालिका 18 वर्ष के नहीं हो जाएंगे। इसके अलावा भी उन्हें अन्य सहायता दी जाएगी, जैसे अटल आवास योजना के तहत बने भवनों में यदि वह पढ़ाई करना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी सुविधा दी जाएगी। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में पढ़ने की सुविधा दी जाएगी।
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ढाई हजार की आर्थिक सहायता बच्चों के खाते में भेजी जाती है। इसमें बच्चों के नामित संरक्षक अभिभावक ही रुपये की निकासी कर सकते हैं। इससे इनके जीवन में नए उत्साह, उमंग का संचार हुआ है।
दलाल कर रहे ठगी
बाल संरक्षण अधिकारी दीप्ति अग्निहोत्री कहती हैं कि जिले में 333 बच्चे सामान्य श्रेणी के व कोविड महामारी के 46 बच्चों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। बताया कि अज्ञानता के चलते लोग दलालों के चक्कर में पड़ जाते हैं। जो इनसे सुविधा शुल्क के नाम पर ठगी करते हैं। ऐसे दो तीन मामले उनके सामने आए हैं। जिस पर उन्हें बताया गया कि किसी को भी एक पैसा इस काम के लिए नहीं देना है। कहा कि कोविड लाभार्थी बच्चों का बजट आ गया है। जिसे जल्द ही उनके खातों में भेजा जाएगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने बताया अभी तक मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिले में कुल 379 बच्चों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसमें शासन से कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं है। जितने भी आवेदन आते हैं। उनका भौतिक सत्यापन कर शासन को भेज दिए जाते हैं। कहा कि योजना ऑफलाइन होने के चलते रैकिंग की अभी कोई जानकारी नहीं है।