बेतवा नदी लाल निशान के करीब
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माताटीला बांध से छोड़े गए चार लाख क्यूसेक पानी से बेतवा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बेतवा नदी रात करीब एक बजे तक खतरे के निशान को छू जाएगी। फिलहाल नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है। साथ ही हजारों एकड़ की खरीफ की फसल डूब गई है। अगर बाढ़ की यहीं रफ्तार रही तो मुख्यालय क ा डिग्गी मोहल्ला सहित अन्य बस्तियों में पानी घुसने की संभावना है। जिस पर प्रशासन ने इन निचली बस्तियों के बाशिंदों को एलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए अपर जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचे। मौदहा बांध के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि माताटीला बांध से साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी निकल चुका है। जबकि डेढ़ लाख क्यूसेक निकलना बाकी है।
माताटीला बांध से चार लाख क्यूसेक व मौदहा बांध से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने का असर बेतवा नदी में दिखाई देने लगा है। मौजूदा समय में बेतवा नदी प्रति घंटे दस सेंटीमीटर बढ़ रही है। अगर यहीं रफ्तार जारी रही तो अगले 12 घंटे में बेतवा नदी खतरे के बिंदु को पार कर जाएगी। रविवार को बेतवा नदी का जलस्तर चार बजे 103.6 मीटर है, जो खतरे के निशान को छू रहा है।
बेतवा नदी में बाढ़ आने से कुछेछा पत्यौरा मार्ग पर टिकरौली के पास रपटे के ऊपर पानी चलने से मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है। लोग नावों के जरिए आ जा रहे हैं। वहीं मुख्यालय में पुराना बेतवा घाट की निचली बस्ती सहित डिग्गी, केसरिया डेरा, जौहरिया का डेरा, सिड़रा, चंदुलीतीर, कुछेछा आदि की निचली बस्तियों में पानी घुसना शुरू हो गया है।
बाढ़ के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन बस्तियों में मुनादी कराकर एलर्ट घोषित कर दिया और लोगों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने के निर्देश दिए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को देखने के लिए अपरजिलाधिकारी डा.राजेश कुमार प्रजापति, तहसीलदार सालिकराम पहुंचे और लोगों को बाढ़ से बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अनुरोध किया।
उधर यमुना नदी में भी सेंगुर व नोन नदी का पानी आने के चलते लगातार बढ़ रही है। यमुना का जलस्तर रविवार को शाम चार बजे तक 102.2 मीटर पहुंच गया। इस नदी का भी जल स्तर प्रति घंटे दस सेंटीमीटर बढ़ रहा है। हालांकि बारिश बंद होने से लोगों को ज्यादा समस्याओं से जूझना नहीं पड़ रहा है। अगर बारिश हो रही होती तो लोगों को और अधिक दुश्वारियां झेलनी पड़ती।
मौदहा बांध के अधिशाषी अभियंता आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि माताटीला डेम से साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी निकल चुका है। अभी डेढ़ लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा जाना है। कहा कि नदी खतरे के निशान को छू लेगी। लेकिन इसके 12-13 घंटे बाद घटने लगेगी।