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अपात्रों को लौटानी होगी धनराशि
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हमीरपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत चयनित लाभार्थियों में यदि कोई अपात्र श्रेणी में आता है तो उसे मिली धनराशि को संबंधित खाते में जमा करानी होगी। यदि इसमें लापरवाही बरती गई तो अपात्र के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी।
उप कृषि निदेशक डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया जनपद में कुल 2 लाख 21 हजार किसान पंजीकृत हैं। जिसमें एक लाख 76 हजार 350 किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। बताया शासन स्तर से ऐसे अपात्र किसानों की छंटनी की जा रही है। अभी शासन की लिस्ट में 1465 लोग दिख रहे हैं। जो योजना की पात्रता श्रेणी में नहीं आते हैं और लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
ऐसे लोगों को डायरेक्टर एग्रीकल्चर फाइनेंस कंट्रोलर यूपी, स्टेट बैंक आफ इंडिया, एनबीआरआई लखनऊ की शाखा में संबंधित खाते में धनराशि वापस कर कार्यालय को वापस करेंगे। उन्होंने कहा जिन किसानों के नाम सूची में प्रदर्शित हो रहे हैं उनकी क्षेत्रीय कर्मचारियों के जरिए जांच करा रहे हैं। पूरी तरह जांच पड़ताल के बाद अपात्रों से राजकीय धनराशि को वापस करने को कहा जाएगा। अगर स्वेच्छा से किसान धनराशि जमा नहीं करते तो तहसील के माध्यम से आरसी निर्गत कर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
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ये होंगे अपात्र श्रेणी में
किसान जो आयकर का भुगतान कर रहे हैं, भूतपूर्व अथवा वर्तमान मंत्री, राज्यमंत्री या भूतपूर्व, वर्तमान सदस्य लोकसभा, राज्य सभा, राज्य विधान परिषद या भूतपूर्व अथवा वर्तमान नगर महापालिका के मेयर या भूतपूर्व अथवा वर्तमान जिला पंचायत सदस्य, सरकारी सेवा में कार्यरत नियमित अधिकारी व कर्मचारी, मासिक पेंशन रुपये दस हजार से अधिक हो, भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पदधारक हैं, पेशेवर डाक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टेड एकाउंटेंट अथवा आर्किटेक्ट आदि श्रेणी में हैं और अपने से संबंधित पेशे के लिए पंजीकरण कराने वाली संस्था में पंजीकृत हैं अथवा अपने पेशे में कार्यरत हैं। इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
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उप कृषि निदेशक डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया जनपद में कुल 2 लाख 21 हजार किसान पंजीकृत हैं। जिसमें एक लाख 76 हजार 350 किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। बताया शासन स्तर से ऐसे अपात्र किसानों की छंटनी की जा रही है। अभी शासन की लिस्ट में 1465 लोग दिख रहे हैं। जो योजना की पात्रता श्रेणी में नहीं आते हैं और लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
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ऐसे लोगों को डायरेक्टर एग्रीकल्चर फाइनेंस कंट्रोलर यूपी, स्टेट बैंक आफ इंडिया, एनबीआरआई लखनऊ की शाखा में संबंधित खाते में धनराशि वापस कर कार्यालय को वापस करेंगे। उन्होंने कहा जिन किसानों के नाम सूची में प्रदर्शित हो रहे हैं उनकी क्षेत्रीय कर्मचारियों के जरिए जांच करा रहे हैं। पूरी तरह जांच पड़ताल के बाद अपात्रों से राजकीय धनराशि को वापस करने को कहा जाएगा। अगर स्वेच्छा से किसान धनराशि जमा नहीं करते तो तहसील के माध्यम से आरसी निर्गत कर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
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ये होंगे अपात्र श्रेणी में
किसान जो आयकर का भुगतान कर रहे हैं, भूतपूर्व अथवा वर्तमान मंत्री, राज्यमंत्री या भूतपूर्व, वर्तमान सदस्य लोकसभा, राज्य सभा, राज्य विधान परिषद या भूतपूर्व अथवा वर्तमान नगर महापालिका के मेयर या भूतपूर्व अथवा वर्तमान जिला पंचायत सदस्य, सरकारी सेवा में कार्यरत नियमित अधिकारी व कर्मचारी, मासिक पेंशन रुपये दस हजार से अधिक हो, भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पदधारक हैं, पेशेवर डाक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टेड एकाउंटेंट अथवा आर्किटेक्ट आदि श्रेणी में हैं और अपने से संबंधित पेशे के लिए पंजीकरण कराने वाली संस्था में पंजीकृत हैं अथवा अपने पेशे में कार्यरत हैं। इस योजना के पात्र नहीं होंगे।