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जैविक विधि से तैयार बाग मुनाफे का सौदा

Wed, 01 Sep 2021 10:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 10:53 PM IST
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राठ। बंधौली गांव के युवा किसान ने जैविक खेती अपनाकर सात बीघा जमीन पर बाग तैयार किया है। आज उनके बाग में मौसंबी, हींग, जायफल, पपीता, अमरूद, कटहल आदि पौधे फल दे रहे हैं। इससे जमकर मुनाफा कमा रहे हैं। फलों के साथ ही जैविक विधि से सब्जी उत्पादन भी करते हैं।
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सरीला क्षेत्र के बंधौली गांव निवासी राजेंद्र सिंह राजपूत ने राजनीति शास्त्र से परास्नातक की पढ़ाई की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के पीछे नहीं भागे। वर्ष 2006 से खेती करने लगे। राजेंद्र ने बताया रासायनिक विधि से खेती करने पर जमीनें बंजर होती जा रही हैं। जिस पर उन्होंने जैविक विधि अपनाने की ठानी। वहीं पारंपरिक फसलों की जगह बागवानी की ओर प्रयास शुरू किए। बताया वर्ष 2007 से बागवानी और सब्जी उत्पादन में लगे हैं।
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बाग में अमरूद, कटहल, आम, बेर आदि के पौधे रोपे तो परिणाम अच्छे मिलने पर उनका हौसला बढ़ने लगा। फिर वर्ष 2015 में सात बीघे जमीन पर मौसंबी का बाग तैयार किया। इसमें हींग, बादाम, तेज पत्ता, चीकू आदि के भी पौधे रोपित किए हैं। फलों के साथ सब्जी की भी पैदावार करते हैं। खरीफ सीजन में प्याज की खेती करते हैं। बताया ताइवान प्रजाति के एक हजार पपीते की पौधे भी बाग में तैयार की हैं। बागवानी व जैविक खेती करने पर जिलाधिकारी की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। कृषि व उद्यान विभाग के अधिकारियों ने प्रोत्साहित किया है।
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जैविक खेती को कर रहे प्रोत्साहित
राजेंद्र सिंह ने बताया उन्होंने बाग को जैविक विधि से तैयार किया है। उनकी पत्नी उर्मिला जैविक की ग्रुप अध्यक्ष हैं। अपने फार्म हाउस में डीकंपोजर, जीव अमृत, गोबर की खाद खुद बनाते हैं। जिसमें उनकी पत्नी साथ देतीं हैं। वह खुद तो जैविक खाद का प्रयोग करते ही हैं। साथ ही अन्य किसानों को भी जैविक विधि से खेती करने की प्रेरणा देते हैं। उनसे प्रशिक्षण लेकर आसपास के किसानों ने भी जैविक विधि अपनाई है।

फलों व सब्जी से कमाते हैं पांच लाख
बाग में लगे सभी पेड़ फल देते हैं। प्रतिवर्ष मौसंबी की बिक्री कर तीन लाख रुपये तक कमा लेते हैं। वहीं दो बीघा की सब्जी दो से ढाई लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है। पपीता की खेती इसी वर्ष की है। इससे अच्छी आमदनी की उम्मीद है। राजेंद्र सिंह ने कहा, जैविक विधि से पारंपरिक खेती कर बुंदेलखंड का किसान अपनी आय दुगनी कर सकता है।
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