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Hamirpur News: खाद के बाद अब बीज के संकट से किसान परेशान
Wed, 24 Sep 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Wed, 24 Sep 2025 12:34 AM IST
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फोटो 23 एचएएमपी 19- सुमेरपुर राजकीय बीज भंडार में लटकता ताला। संवाद
भरुआ सुमेरपुर। राजकीय बीज भंडार में बीज नहीं हैं। केंद्र पर ताला लटका है। किसान खुले बाजार से सरसों, मटर, मसूर, चना का बीज महंगे गांव में खरीदने को मजबूर हैं।
किसान मानसिंह, उमेश कुमार, सुरेश कुमार, शिव सिंह, आशाराम, सुरेंद्र सिंह, लालाराम ने मंगलवार को बीज लेने के लिए दोपहर को राजकीय बीज भंडार आए, लेकिन ताला लटकने के कारण वापस लौट गए। इस अवधि में उक्त जिंसों की बुवाई प्रत्येक दशा में हो जानी चाहिए। लेकिन खाद के साथ बीज भी नदारत है। मजबूर होकर बाजार से महंगे दामों में अप्रमाणित बीज लेकर बोना मजबूरी बन गई है।
राजकीय बीज भंडार के प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि बीज के लिए डिमांड लगी है। अभी तक कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है। क्राफ्ट सर्वे में सभी की ड्यूटी लगा दी गई है। इस वजह से बीज भंडार में ताला लगाना मजबूरी है।
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पूर्व एडीओ कृषि रामसनेही के मुताबिक दलहन एवं तिलहन की फसलें बुंदेलखंड में पितृपक्ष एवं नवरात्र में बोई जाती रही है। इन फसलों के बोने का सबसे उपयुक्त समय यही है। यह फसलें असिंचित क्षेत्र में ज्यादा बोई जाती हैं।
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किसान मानसिंह, उमेश कुमार, सुरेश कुमार, शिव सिंह, आशाराम, सुरेंद्र सिंह, लालाराम ने मंगलवार को बीज लेने के लिए दोपहर को राजकीय बीज भंडार आए, लेकिन ताला लटकने के कारण वापस लौट गए। इस अवधि में उक्त जिंसों की बुवाई प्रत्येक दशा में हो जानी चाहिए। लेकिन खाद के साथ बीज भी नदारत है। मजबूर होकर बाजार से महंगे दामों में अप्रमाणित बीज लेकर बोना मजबूरी बन गई है।
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राजकीय बीज भंडार के प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि बीज के लिए डिमांड लगी है। अभी तक कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है। क्राफ्ट सर्वे में सभी की ड्यूटी लगा दी गई है। इस वजह से बीज भंडार में ताला लगाना मजबूरी है।
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पूर्व एडीओ कृषि रामसनेही के मुताबिक दलहन एवं तिलहन की फसलें बुंदेलखंड में पितृपक्ष एवं नवरात्र में बोई जाती रही है। इन फसलों के बोने का सबसे उपयुक्त समय यही है। यह फसलें असिंचित क्षेत्र में ज्यादा बोई जाती हैं।