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लाखों की गड़बड़ी में सरीला समिति के सचिव निलंबित
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हमीरपुर। समिति से बेची गई उर्वरक के लगभग चार लाख रुपये जमा नहीं करने और गेहूं की खरीद कम दिखाकर पौने दो लाख रुपये की गड़बड़ी का खुलासा अपर जिला सहकारी अधिकारी ने किया है। तीन सहकारी समितियों का संचालन कर रहे सरीला सहकारी समिति के सचिव श्रीपाल की जांच रिपोर्ट आने के बाद सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने निलंबित कर दिया है।
राठ तहसील के अपर जिला सहकारी अधिकारी ने 11 नवंबर को सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को पत्र भेजा था। पत्र में कहा था कि सरीला सहकारी समिति के सचिव श्रीपाल के पास कुल्हेड़ा व राठ सहकारी ब्लॉक यूनियन समिति का अतिरिक्त चार्ज रहा है। इसमें उर्वरक बिक्री की धनराशि जमा नहीं करने का जिक्र किया है। जिसमें कुल्हेडा समिति द्वारा तीन लाख सात हजार रुपये और सहकारी ब्लाक यूनियन राठ में बिक्री का 99 हजार रुपये जमा नहीं करने की बात कही थी।
इधर पीसीएफ जिला प्रबंधक की ओर से वर्ष 2019-20 में गेहूं खरीद का मिलान किया गया था। इसमें सहकारी समिति सरीला की कुल खरीद 14475 क्विंटल के सापेक्ष एफसीआई को बेचकर करीब एक लाख 82 हजार रुपये का नुकसान समिति को किया गया। वहीं, वर्ष 2020-21 में 83.70 क्विंटल और वर्ष 2021-22 में 2.58 क्विंटल की कम गेहूं लक्ष्य के सापेेक्ष खरीद में दिखाया गया था। अपर जिला सहकारी अधिकारी की आख्या पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने सरीला और बंडवा समिति के सचिव श्रीपाल को निलंबित कर दिया है। उनके स्थान पर अनिल कुमार को सरीला का सचिव और युवराज सिंह को बंडवा सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
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उधर, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रामसागर का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष में उर्वरकों की बिक्री और गेहूं खरीद में करीब चार लाख रुपये सचिव श्रीपाल ने कम जमा किए थे। जांच में इसका खुलासा होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़े भी खंगाले जा रहे हैं।
प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित
प्रकरण की जांच के लिए संतोष कुमार अपर जिला सहकारी अधिकारी तहसील प्रभारी सरीला और संजय कुमार तिवारी अपर जिला सहकारी अधिकारी तहसील राठ की कमेटी गठित की गई है। कमेटी पिछले वित्तीय वर्षों में उर्वरक की बिक्री की जमा राशि व गेहूं खरीद की जांच करेगी।
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राठ तहसील के अपर जिला सहकारी अधिकारी ने 11 नवंबर को सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को पत्र भेजा था। पत्र में कहा था कि सरीला सहकारी समिति के सचिव श्रीपाल के पास कुल्हेड़ा व राठ सहकारी ब्लॉक यूनियन समिति का अतिरिक्त चार्ज रहा है। इसमें उर्वरक बिक्री की धनराशि जमा नहीं करने का जिक्र किया है। जिसमें कुल्हेडा समिति द्वारा तीन लाख सात हजार रुपये और सहकारी ब्लाक यूनियन राठ में बिक्री का 99 हजार रुपये जमा नहीं करने की बात कही थी।
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इधर पीसीएफ जिला प्रबंधक की ओर से वर्ष 2019-20 में गेहूं खरीद का मिलान किया गया था। इसमें सहकारी समिति सरीला की कुल खरीद 14475 क्विंटल के सापेक्ष एफसीआई को बेचकर करीब एक लाख 82 हजार रुपये का नुकसान समिति को किया गया। वहीं, वर्ष 2020-21 में 83.70 क्विंटल और वर्ष 2021-22 में 2.58 क्विंटल की कम गेहूं लक्ष्य के सापेेक्ष खरीद में दिखाया गया था। अपर जिला सहकारी अधिकारी की आख्या पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने सरीला और बंडवा समिति के सचिव श्रीपाल को निलंबित कर दिया है। उनके स्थान पर अनिल कुमार को सरीला का सचिव और युवराज सिंह को बंडवा सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
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उधर, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रामसागर का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष में उर्वरकों की बिक्री और गेहूं खरीद में करीब चार लाख रुपये सचिव श्रीपाल ने कम जमा किए थे। जांच में इसका खुलासा होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़े भी खंगाले जा रहे हैं।
प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित
प्रकरण की जांच के लिए संतोष कुमार अपर जिला सहकारी अधिकारी तहसील प्रभारी सरीला और संजय कुमार तिवारी अपर जिला सहकारी अधिकारी तहसील राठ की कमेटी गठित की गई है। कमेटी पिछले वित्तीय वर्षों में उर्वरक की बिक्री की जमा राशि व गेहूं खरीद की जांच करेगी।