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Hamirpur News: दर्दनाक मंजर... दौड़ती रही बर्निंग बस, चीखते रहे यात्री
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हमीरपुर/राठ। ग्रेटर नोएडा में डबल डेकर बस में आग लगने की घटना के बाद हमीरपुर के कई परिवारों में चिंता का माहौल है। जलालपुर थानाक्षेत्र के ममना गांव की सरोज गुप्ता (55) अपने रिश्तेदारी जरिया निवासी मयंक गुप्ता (28) के साथ बस से नोएडा से लौट रहे थे। परिजन के मुताबिक हादसे के बाद से दोनों से संपर्क नहीं हो सका है। मुस्करा की ऊषा देवी गुप्ता (65) की मौत की पुष्टि उनके पति प्रेमनारायण ने की है। राठ आ रहे प्रत्यक्षदर्शी बस सवार यात्री का आरोप है कि बस से आग की लपटें उठने के बाद भी चालक ने बस नहीं रोकी। अगर समय से बस रोक दी जाती तो जानें बचाई जा सकती थीं।
राठ के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी सुनील कुमार सोनी ने बताया कि बुधवार रात नाै बजे दिल्ली से राठ के लिए कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में सवार हुए थे। बस में 30 से 35 सवारियां थीं। रात करीब 11.30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे किलोमीटर 33 के पास चालक की केबिन के पास से जलने की बदबू आने लगी। यात्रियों ने चालक व परिचालक को बताया तो उन्होंने अनसुना कर दिया और बीड़ी-सिगरेट पीते रहे।
कुछ समय बाद चालक की सीट से आग की तेज लपटें निकलने लगीं जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। चालक से बस रोकने के लिए कहा गया लेकिन उसने बस नहीं रोकी। जिससे तेज गति से दाैड़ रही बस में आग चारों ओर फैल गई। यही नहीं अंदर भी धुआं भर गया। बस रुकते कुछ यात्रियों के साथ वह भी किसी तरह नीचे कूदे और जान बचाई। उन्होंने आरोप लगाया कि चालक व परिचालक की लापरवाही से नौ लोगों की मौत हुई है। उन्होंने गौतमबुद्धनगर के जेवर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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बस में भरा धुआं, नहीं निकल पाए बाहर
डबल डेकर स्लीपर बसें सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रही हैं। यात्रियों के निकलने के लिए संकरी गैलरी होती है जिसमें दो आदमी एक साथ नहीं निकल सकते। सिर्फ आगे की ओर एक ही दरवाजा होता है। आपातकालीन द्वार का कहीं अता-पता नहीं होता। बस में सुरक्षित बचे यात्री सुनील कुमार सोनी ने बताया कि छोटी बहन सुप्रिया से मिलने दिल्ली गए थे। जब बस में आग लगी वह भी सवार थे। बताया कि बस में धुआं भरने पर भगदड़ मच गई। धुआं इतना ज्यादा था कि लोगों को गेट भी नहीं दिखा। वह किसी तरह बस से नीचे उतर गए। करीब 25 मिनट बाद पुलिस व 40 मिनट में फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस पहुंची। बताया कि धुएं के कारण लोग बस से नहीं निकल पाए और जलकर मौत हो गई। आशंका जताई कि एसी का पाइप फटने से आग लगी होगी।
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दावे से ज्यादा हो सकता है मौतों का आंकड़ा
नगर के पठानपुरा मोहल्ला निवासी प्रभुदयाल गुप्ता ने बताया कि ऑटो पार्ट्स की दुकान किए है। एक सप्ताह पहले राजस्थान में मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने गए थे। सोमवार को दिल्ली में रुके थे। बुधवार को बस से राठ के लिए निकले। बताया कि बस में कस्बा के ही उत्कर्ष गुप्ता भी मिल गए। हादसे के समय दोनों साथ थे। बस में आग लगने पर उन्होंने और उत्कर्ष ने बाहर निकलने का प्रयास किया। वह दोनों किसी तरह बाहर आ गए लेकिन उत्कर्ष का पैर जख्मी हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रशासन के बताए से करीब दो गुना अधिक मौत होने की आशंका है। धुएं के कारण कई लोग बस से बाहर नहीं निकल पाए।
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वृद्धा जिंदा जल गई, पायल से हुई शिनाख्त
मुस्करा। कस्बे के हमीरपुर रोड निवासी प्रेमनारायण गुप्ता ने बताया कि बेटा दीपक व गौरव नोएडा में रहता है। करीब 20 दिन पहले पत्नी ऊषा गुप्ता (64) आंख का ऑपरेशन कराने बेटों के पास गई थीं। बुधवार रात नाै बजे गौरव ने मुस्करा का टिकट बनवाकर मां को राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में बैठाया था। प्रेमनारायण ने बताया कि हादसे के समय सवारियां किसी तरह बस से बाहर निकलीं लेकिन पत्नी धुएं और भगदड़ के चलते बस से नीचे ही नहीं उतर पाई। उनकी जलने से मौत हो गई। बताया कि शवों की इतनी खराब हालत है कि पत्नी की शिनाख्त करना भी मुश्किल था। पत्नी के शव की पहचान उनकी पायल से हुई है।
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युवक व महिला का नहीं चल रहा पता
नगर के बजरिया मोहल्ला निवासी रोहित गुप्ता ने बताया कि उनके छोटे भाई मयंक गुप्ता (27) दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर थे। वह 15 दिन में एक बार दिल्ली जाते थे। बाकी दिन वर्क फ्रॉम होम करते थे। बुधवार रात बस से अपने रिश्तेदार ममना गांव निवासी सरोज पत्नी अनंतराम गुप्ता के साथ लौट रहे थे। बताया कि जब भाई बस में बैठ रहा था तब फोन से बात हुई थी। रात में सोशल मीडिया के माध्यम से हादसे की जानकारी हुई। भाई व रिश्तेदार को लगातार फोन कर रहे लेकिन फोन लग नहीं रहा है। अनहोनी की आशंका में घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं।
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नातिन का जन्मदिन मनाकर लौट रही थीं सरोज
सरीला। ममना गांव निवासी अनंतराम गुप्ता ने बताया कि उनकी पत्नी सरोज 19 सितंबर को बेटे शिवम के साथ नोएडा में बड़ी बेटी प्रियंका के गई थीं। 21 सितंबर को प्रियंका की बेटी का जन्मदिन था। जन्मदिन बनाने के बाद बुधवार रात बस से वापस लौट रही थीं। बेटे ने राठ कस्बा निवासी रिश्तेदार मयंक गुप्ता के साथ बस में बैठा दिया था। हादसे के बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। बताया कि बृहस्पतिवार सुबह सात बजे हादसे की जानकारी होने पर दोनों को फोन किया लेकिन किसी का फोन नहीं लगा। बताया कि बेटा शिवम अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस के चक्कर लगा रहा है लेकिन सरोज और मयंक का कहीं पता नहीं चल रहा है।
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हादसे वाली बस के निकले 19 चालान
निजी स्लीपर बसें सवारियों से ज्यादा टैक्स चोरी कर माल ढोने में लगी रहती हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने बस की डिटेल खंगाली तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार बस के 19 चालान हो चुके हैं जिन पर 1 लाख 75 हजार का जुर्माना है। पहला चालान 2024 में हुआ था जिसके जुर्माने की राशि अभी तक जमा नहीं हुई है। हादसे के बाद बस की डिग्गी से एक ज्वलनशील सिलिंडर व बड़ी तादाद में नेल पॉलिश के पैकेट बरामद हुए हैं जबकि इस तरह के ज्वलनशील पदार्थ ले जाना वर्जित है। बस का रजिस्ट्रेशन बिहार के मधुबनी जिले से है। फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान और प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा का पाया गया। गौतमबुद्ध नगर के आरटीओ कार्यालय के एमवीआई संजय गुप्ता ने बताया कि बस की ऊंचाई मानक से कुछ अधिक पाई गई है।
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राठ के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी सुनील कुमार सोनी ने बताया कि बुधवार रात नाै बजे दिल्ली से राठ के लिए कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में सवार हुए थे। बस में 30 से 35 सवारियां थीं। रात करीब 11.30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे किलोमीटर 33 के पास चालक की केबिन के पास से जलने की बदबू आने लगी। यात्रियों ने चालक व परिचालक को बताया तो उन्होंने अनसुना कर दिया और बीड़ी-सिगरेट पीते रहे।
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कुछ समय बाद चालक की सीट से आग की तेज लपटें निकलने लगीं जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। चालक से बस रोकने के लिए कहा गया लेकिन उसने बस नहीं रोकी। जिससे तेज गति से दाैड़ रही बस में आग चारों ओर फैल गई। यही नहीं अंदर भी धुआं भर गया। बस रुकते कुछ यात्रियों के साथ वह भी किसी तरह नीचे कूदे और जान बचाई। उन्होंने आरोप लगाया कि चालक व परिचालक की लापरवाही से नौ लोगों की मौत हुई है। उन्होंने गौतमबुद्धनगर के जेवर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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बस में भरा धुआं, नहीं निकल पाए बाहर
डबल डेकर स्लीपर बसें सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रही हैं। यात्रियों के निकलने के लिए संकरी गैलरी होती है जिसमें दो आदमी एक साथ नहीं निकल सकते। सिर्फ आगे की ओर एक ही दरवाजा होता है। आपातकालीन द्वार का कहीं अता-पता नहीं होता। बस में सुरक्षित बचे यात्री सुनील कुमार सोनी ने बताया कि छोटी बहन सुप्रिया से मिलने दिल्ली गए थे। जब बस में आग लगी वह भी सवार थे। बताया कि बस में धुआं भरने पर भगदड़ मच गई। धुआं इतना ज्यादा था कि लोगों को गेट भी नहीं दिखा। वह किसी तरह बस से नीचे उतर गए। करीब 25 मिनट बाद पुलिस व 40 मिनट में फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस पहुंची। बताया कि धुएं के कारण लोग बस से नहीं निकल पाए और जलकर मौत हो गई। आशंका जताई कि एसी का पाइप फटने से आग लगी होगी।
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दावे से ज्यादा हो सकता है मौतों का आंकड़ा
नगर के पठानपुरा मोहल्ला निवासी प्रभुदयाल गुप्ता ने बताया कि ऑटो पार्ट्स की दुकान किए है। एक सप्ताह पहले राजस्थान में मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने गए थे। सोमवार को दिल्ली में रुके थे। बुधवार को बस से राठ के लिए निकले। बताया कि बस में कस्बा के ही उत्कर्ष गुप्ता भी मिल गए। हादसे के समय दोनों साथ थे। बस में आग लगने पर उन्होंने और उत्कर्ष ने बाहर निकलने का प्रयास किया। वह दोनों किसी तरह बाहर आ गए लेकिन उत्कर्ष का पैर जख्मी हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रशासन के बताए से करीब दो गुना अधिक मौत होने की आशंका है। धुएं के कारण कई लोग बस से बाहर नहीं निकल पाए।
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वृद्धा जिंदा जल गई, पायल से हुई शिनाख्त
मुस्करा। कस्बे के हमीरपुर रोड निवासी प्रेमनारायण गुप्ता ने बताया कि बेटा दीपक व गौरव नोएडा में रहता है। करीब 20 दिन पहले पत्नी ऊषा गुप्ता (64) आंख का ऑपरेशन कराने बेटों के पास गई थीं। बुधवार रात नाै बजे गौरव ने मुस्करा का टिकट बनवाकर मां को राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में बैठाया था। प्रेमनारायण ने बताया कि हादसे के समय सवारियां किसी तरह बस से बाहर निकलीं लेकिन पत्नी धुएं और भगदड़ के चलते बस से नीचे ही नहीं उतर पाई। उनकी जलने से मौत हो गई। बताया कि शवों की इतनी खराब हालत है कि पत्नी की शिनाख्त करना भी मुश्किल था। पत्नी के शव की पहचान उनकी पायल से हुई है।
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युवक व महिला का नहीं चल रहा पता
नगर के बजरिया मोहल्ला निवासी रोहित गुप्ता ने बताया कि उनके छोटे भाई मयंक गुप्ता (27) दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर थे। वह 15 दिन में एक बार दिल्ली जाते थे। बाकी दिन वर्क फ्रॉम होम करते थे। बुधवार रात बस से अपने रिश्तेदार ममना गांव निवासी सरोज पत्नी अनंतराम गुप्ता के साथ लौट रहे थे। बताया कि जब भाई बस में बैठ रहा था तब फोन से बात हुई थी। रात में सोशल मीडिया के माध्यम से हादसे की जानकारी हुई। भाई व रिश्तेदार को लगातार फोन कर रहे लेकिन फोन लग नहीं रहा है। अनहोनी की आशंका में घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं।
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नातिन का जन्मदिन मनाकर लौट रही थीं सरोज
सरीला। ममना गांव निवासी अनंतराम गुप्ता ने बताया कि उनकी पत्नी सरोज 19 सितंबर को बेटे शिवम के साथ नोएडा में बड़ी बेटी प्रियंका के गई थीं। 21 सितंबर को प्रियंका की बेटी का जन्मदिन था। जन्मदिन बनाने के बाद बुधवार रात बस से वापस लौट रही थीं। बेटे ने राठ कस्बा निवासी रिश्तेदार मयंक गुप्ता के साथ बस में बैठा दिया था। हादसे के बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। बताया कि बृहस्पतिवार सुबह सात बजे हादसे की जानकारी होने पर दोनों को फोन किया लेकिन किसी का फोन नहीं लगा। बताया कि बेटा शिवम अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस के चक्कर लगा रहा है लेकिन सरोज और मयंक का कहीं पता नहीं चल रहा है।
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हादसे वाली बस के निकले 19 चालान
निजी स्लीपर बसें सवारियों से ज्यादा टैक्स चोरी कर माल ढोने में लगी रहती हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने बस की डिटेल खंगाली तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार बस के 19 चालान हो चुके हैं जिन पर 1 लाख 75 हजार का जुर्माना है। पहला चालान 2024 में हुआ था जिसके जुर्माने की राशि अभी तक जमा नहीं हुई है। हादसे के बाद बस की डिग्गी से एक ज्वलनशील सिलिंडर व बड़ी तादाद में नेल पॉलिश के पैकेट बरामद हुए हैं जबकि इस तरह के ज्वलनशील पदार्थ ले जाना वर्जित है। बस का रजिस्ट्रेशन बिहार के मधुबनी जिले से है। फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान और प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा का पाया गया। गौतमबुद्ध नगर के आरटीओ कार्यालय के एमवीआई संजय गुप्ता ने बताया कि बस की ऊंचाई मानक से कुछ अधिक पाई गई है।