{"_id":"43-106667","slug":"Hamirpur-106667-43","type":"story","status":"publish","title_hn":"नलकूप बंद होने से किसान नहीं कर पा रहे पलेवा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नलकूप बंद होने से किसान नहीं कर पा रहे पलेवा
Hamirpur
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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भरूआसुमेरपुर (हमीरपुर)। रवी बुआई सीजन होने के बावजूद पावर कारपोरेशन करीब 18 सरकारी नलकूपों के ट्रांसफार्मर अभी तक नही बदल सका है। जिसके चलते किसान पलेवा के पानी के लिए परेशान है।
मौजूदा समय में किसान खेतों में पलेवा कर फसल बुआई में जुटा है। लेकिन सरकारी नलकूपों की हालत यह है कि अभी भी कई नलकूपों के ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए हैं। जिससे इन नलकूपों के आपरेटर विद्युत विभाग में बराबर शिकायतें कर रहे हैं।
कृष्णकुमार आपरेटर ने सब स्टेशन में रखे शिकायती रजिस्टर में दर्ज कराया है कि 26 एमजी का ट्रांसफार्मर रखवाया जाए, क्योंकि किसान उसे परेशान करते है। इसी तरह टेढ़ा का 100 एचजी, इंगोहटा का 118, 110, देवगांव का 141, पारा रैपुरा का 99, पंधरी का 128, मौहर का 87 व 88 एचजी ट्रांसफारमर खराब होने की शिकायतें भी वहां के आपरेटरों ने दर्ज कराई है।
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इसके अलावा छोटा कछार के 235 एचजी का आपरेटर भी िवद्युत के तीनों फेश न आने की शिकायतें कई बार दर्ज करा चुका है। लेकिन विद्युत कर्मी जब मौके में देखने पहुंचते है तो लाइनें व फेश पूरी तरह से दुरुस्त पाए जाते हंै। लाइनमैन की शिकायत का गलत बताते हुए नलकूप को यांत्रिक दोष से बंद होना बता रहे हैं। इस मामले में अवर अभियंता एसपी मिश्रा का कहना है कि जैसे-जैसे ट्रांसफार्मर उपलब्ध हो रहे हैं, उन्हें नलकूपों में लगाया जा रहा है।
पेयजल अव्यवस्था को तीन विभाग जिम्मेदार
भरूआसुमेरपुर। जलसंस्थान, जल निगम व विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते नगर के लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है। जलनिगम के नलकूप के बंद होने चलते जहां ओवरहेड टैंक खाली है वहीं एक नलकूप का विद्युत फीडर का समय बदलने से नलकूप चलाने का लाभ नहीं मिल पा रहा है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच रहा है। व्यापार मंडल ने अवर अभियंता को ज्ञापन सौंपकर रोस्टर बदलने की मांग की है।नगर की पेयजल व्यवस्था के लिए जल संस्थान ने ओवर हेड टैंक के अलावा चार नलकूप संचालित कर रखे गए है। जबकि दो नलकूप जल निगम से संचालित हो रहे है। लेकिन मौजूदा समय में ये विभाग लोगों को पानी नही उपलब्ध करा पा रहे है। क्योंकि जल संस्थान का एक नलकूप जो पानी की टंकी से जुड़ा हुआ है। वह कसबा फीडर की जगह ग्रामीण क्षेत्र के सहजना फीडर से जुड़ा हुआ है। लेकिन कसबा फीडर की विद्युत सप्लाई रात में होती है। जबकि सहजना ग्रामीण फीडर की सप्लाई दिन में दी जा रही है। जिससे एक साथ सभी नलकूप न चल पाने के कारण पूरे प्रेशर के साथ पेयजल की आपूर्ति नही हो पा रही है। वहीं पानी की टंकी से जल निगम द्वारा संचालित नलकूप संख्या 2 जुड़ा हुआ है। इस नलकूप को लेकर जहां जल निगम संचालित होने का दावा कर रहा है। बीते दिनों थाना परिसर में हुई पीस कमेटी की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। तब एसडीएम सदर आशुतोष निरंजन आईएएस ने नगरवासियों को भरपूर पेयजल दिलाने का आश्वासन दिया था। परेशान नगर वासियों की ओर से व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पावर सब स्टेशन के अवर अभियंता को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण फीडर सहजना का रोस्टर बदलने की मांग की है। अवर अभियंता एसपी मिश्रा ने कहा अगर कसबा व सहजना ग्रामीण फीडर को एक साथ चलाया जाता है तो ओवरलोड बढ़ जाता है।
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मौजूदा समय में किसान खेतों में पलेवा कर फसल बुआई में जुटा है। लेकिन सरकारी नलकूपों की हालत यह है कि अभी भी कई नलकूपों के ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए हैं। जिससे इन नलकूपों के आपरेटर विद्युत विभाग में बराबर शिकायतें कर रहे हैं।
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कृष्णकुमार आपरेटर ने सब स्टेशन में रखे शिकायती रजिस्टर में दर्ज कराया है कि 26 एमजी का ट्रांसफार्मर रखवाया जाए, क्योंकि किसान उसे परेशान करते है। इसी तरह टेढ़ा का 100 एचजी, इंगोहटा का 118, 110, देवगांव का 141, पारा रैपुरा का 99, पंधरी का 128, मौहर का 87 व 88 एचजी ट्रांसफारमर खराब होने की शिकायतें भी वहां के आपरेटरों ने दर्ज कराई है।
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इसके अलावा छोटा कछार के 235 एचजी का आपरेटर भी िवद्युत के तीनों फेश न आने की शिकायतें कई बार दर्ज करा चुका है। लेकिन विद्युत कर्मी जब मौके में देखने पहुंचते है तो लाइनें व फेश पूरी तरह से दुरुस्त पाए जाते हंै। लाइनमैन की शिकायत का गलत बताते हुए नलकूप को यांत्रिक दोष से बंद होना बता रहे हैं। इस मामले में अवर अभियंता एसपी मिश्रा का कहना है कि जैसे-जैसे ट्रांसफार्मर उपलब्ध हो रहे हैं, उन्हें नलकूपों में लगाया जा रहा है।
पेयजल अव्यवस्था को तीन विभाग जिम्मेदार
भरूआसुमेरपुर। जलसंस्थान, जल निगम व विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते नगर के लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है। जलनिगम के नलकूप के बंद होने चलते जहां ओवरहेड टैंक खाली है वहीं एक नलकूप का विद्युत फीडर का समय बदलने से नलकूप चलाने का लाभ नहीं मिल पा रहा है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच रहा है। व्यापार मंडल ने अवर अभियंता को ज्ञापन सौंपकर रोस्टर बदलने की मांग की है।नगर की पेयजल व्यवस्था के लिए जल संस्थान ने ओवर हेड टैंक के अलावा चार नलकूप संचालित कर रखे गए है। जबकि दो नलकूप जल निगम से संचालित हो रहे है। लेकिन मौजूदा समय में ये विभाग लोगों को पानी नही उपलब्ध करा पा रहे है। क्योंकि जल संस्थान का एक नलकूप जो पानी की टंकी से जुड़ा हुआ है। वह कसबा फीडर की जगह ग्रामीण क्षेत्र के सहजना फीडर से जुड़ा हुआ है। लेकिन कसबा फीडर की विद्युत सप्लाई रात में होती है। जबकि सहजना ग्रामीण फीडर की सप्लाई दिन में दी जा रही है। जिससे एक साथ सभी नलकूप न चल पाने के कारण पूरे प्रेशर के साथ पेयजल की आपूर्ति नही हो पा रही है। वहीं पानी की टंकी से जल निगम द्वारा संचालित नलकूप संख्या 2 जुड़ा हुआ है। इस नलकूप को लेकर जहां जल निगम संचालित होने का दावा कर रहा है। बीते दिनों थाना परिसर में हुई पीस कमेटी की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। तब एसडीएम सदर आशुतोष निरंजन आईएएस ने नगरवासियों को भरपूर पेयजल दिलाने का आश्वासन दिया था। परेशान नगर वासियों की ओर से व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पावर सब स्टेशन के अवर अभियंता को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण फीडर सहजना का रोस्टर बदलने की मांग की है। अवर अभियंता एसपी मिश्रा ने कहा अगर कसबा व सहजना ग्रामीण फीडर को एक साथ चलाया जाता है तो ओवरलोड बढ़ जाता है।